फर्रुखाबाद। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में न्यू रेसिपी आधारित पोषाहार छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को आंगनबाड़ी केन्द्रों में अब शिशु अमृत, शिशु आहार और बाल पुष्टिकर, आरोग्य पोषण, बाल संजीवनी दिया जाएगा।
बताते चलें कि अभी तक दाल, दलिया और रिफाइंड मिलता था। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के तहत 1752 आंगनबाड़ी केन्द्र चल रहे हैं। इनमें लगभग एक लाख 47 हजार 956 लाभार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें से 9303 गर्भवती व 10299 धात्री, छह माह से तीन साल तक 72 हजार अस्सी व तीन साल से छह साल तक 54 हजार सात सौ 64 बच्चे हैं। वहीं 586 अति कुपोषित बच्चे भी शामिल हैं।
छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को शिशु अमृत व आहार (आटा, बेसन का हलवा), तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को बाल पुष्टिकर मीठा और नमकीन (दलिया मूंग सोया खिचड़ी) दिया जाएगा। कुपोषित की श्रेणी वाली छह माह से लेकर एक वर्ष तक के बच्चों क आरोग्य पोषण (ऊर्जायुक्त हलवा) मिलेगा। एक वर्ष से तीन साल के बच्चों को बाल संजीवनी तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्च को सक्षम पोषण मीठा और सक्षम पोषण नमकीन दलिया दिया जाएगा। धात्रियों और गर्भवती महिलाओं को मीठा और नमकीन संपूर्ण मातृ आहार मिलेगा। यह जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नई रेसिपी के आधार पर वितरण किया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर दिया जायेगा न्यू रेसिपी आधारित पोषाहार


