मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुरादाबाद में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कानून-व्यवस्था, धार्मिक स्थलों, सांस्कृतिक विरासत और प्रदेश के विकास को लेकर विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में “नो कर्फ्यू, नो दंगा, सब चंगा” का माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब दंगे और उपद्रव नहीं होते तथा सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के कारण अपराधियों में कानून का भय है। उन्होंने कहा कि जो भी बेटी की सुरक्षा, व्यापारियों या किसानों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करेगा, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां की जनता ने प्रदेश की नई राजनीतिक दिशा को मजबूत किया है। उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था और विकास के पक्ष में जनता का समर्थन बताया।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी राजनीति समाज को जाति और क्षेत्र के आधार पर बांटने वाली रही है। उन्होंने “बाबरी सोच” शब्द का प्रयोग करते हुए आरोप लगाया कि ऐसी राजनीति समाज में विभाजन और वैमनस्य पैदा करती है। संभल के हरिहर मंदिर और ऐतिहासिक स्थलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए समाज को सदैव जागरूक रहना होगा।
अयोध्या को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में अयोध्या का व्यापक विकास हुआ है और आज यह विश्वस्तरीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी के रूप में स्थापित हो रही है। उन्होंने विपक्ष के हालिया बयानों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि वे भी अयोध्या और भगवान राम के महत्व को स्वीकार कर रहे हैं तो यह उनकी विचारधारा की विजय है।
मुख्यमंत्री ने मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष से तुष्टीकरण की राजनीति छोड़कर राष्ट्रहित और सांस्कृतिक विरासत के मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश आज विकास, सुरक्षा और सुशासन के नए दौर में प्रवेश कर चुका है तथा जनता प्रदेश को आगे बढ़ाने वाली नीतियों के साथ खड़ी है।


