रायपुर। छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण सम्मान से अलंकृत Teejan Bai का रविवार को लंबी बीमारी के बाद रायपुर स्थित All India Institute of Medical Sciences Raipur में निधन हो गया। वह 70 वर्ष की थीं। उनके निधन से देशभर के लोक कला जगत और सांस्कृतिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
तीजन बाई पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार थीं और उनका इलाज एम्स रायपुर में चल रहा था। रविवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही कलाकारों, साहित्यकारों, जनप्रतिनिधियों और उनके प्रशंसकों ने गहरा शोक व्यक्त किया।
तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पंडवानी लोकगायन शैली को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। महाभारत की कथाओं को अपनी विशिष्ट शैली, दमदार आवाज और अभिनय के साथ प्रस्तुत करने के कारण उन्होंने इस लोककला को विश्व मंच तक पहुंचाया।
उनके कला क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री (1987), पद्म भूषण (2003) और पद्म विभूषण (2019) से सम्मानित किया था। इसके अलावा उन्हें अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हुए।
तीजन बाई का निधन भारतीय लोक संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके जाने से पंडवानी परंपरा का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया, लेकिन उनकी कला, शैली और योगदान आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।


