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Friday, February 27, 2026
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बाल विवाह रोकथाम के लिए 100 दिवसीय कार्य योजना के तहत कस्तूरबा विद्यालय में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित

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फर्रुखाबाद: महिला कल्याण विभाग लखनऊ (Women Welfare Department Lucknow) के निर्देशानुसार बाल विवाह (child marriage) रोकथाम हेतु संचालित 100 दिवसीय कार्य योजना के अंतर्गत आज जनपद में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देशन में विकासखंड राजेपुर स्थित ग्राम गांधी के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में विशेष कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के दौरान हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन की जेंडर स्पेशलिस्ट निर्मला राजपूत ने बालिकाओं एवं अध्यापिकाओं को बाल विवाह न करने और न होने देने की शपथ दिलाई। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह न केवल बालिकाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा को प्रभावित करता है, बल्कि उनके भविष्य के अवसरों को भी सीमित कर देता है।

इस अवसर पर सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी छात्राओं को दी गई। स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत चार लाभार्थियों को चिन्हित किया गया, जबकि एक बालिका को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत चयनित किया गया। कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डन श्रीमती ममता रानी, वन स्टॉप सेंटर की सेंटर मैनेजर पूजा पाल तथा विद्यालय की अध्यापिकाएं उपस्थित रहीं।

अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज, विद्यालय और प्रशासन को मिलकर सतत प्रयास करने होंगे, तभी बालिकाओं को सुरक्षित और सशक्त भविष्य प्रदान किया जा सकेगा।

संत कबीर नगर में कार बिजली के खंभे और घर से टकराई, तीन लोगों की मौत

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर (Sant Kabir Nagar) जिले में शुक्रवार तड़के एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे (electric pole) और घर की दीवार से टकरा गई, जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। पीड़ित एक शादी समारोह से लौट रहे थे जब मेहदावल तहसील के पास बीएम सिटी रोड पर अछिया मोहल्ला के पास सड़क किनारे ढीली बजरी पर उनकी कार फिसल गई। यह दुर्घटना तड़के करीब 3 बजे हुई।

पुलिस के अनुसार, बजरी पर फिसलने के बाद कार अनियंत्रित हो गई और बिजली के खंभे से टकराने से पहले लगभग 15 मीटर तक घिसटती रही। इसके बाद कार लगभग 180 डिग्री घूम गई और पास के एक घर की दीवार से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का बायां हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया और दोनों दरवाजे उखड़ गए।

मृतकों की पहचान सर्वेश पांडे (23), दुर्गेश गुप्ता (25) और श्रवण शर्मा (24) के रूप में हुई है, जो सभी पास के गांवों के निवासी और घनिष्ठ मित्र थे। उनमें से दो छात्र थे, जबकि दुर्गेश की शादी को लगभग डेढ़ साल हो चुके थे और उनका एक 10 महीने का बेटा है। कार में सवार तीन अन्य लोग घायल हो गए। उनमें से एक, शिवम, गंभीर रूप से घायल होने के कारण गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य दो को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।

तेज टक्कर की आवाज सुनकर स्थानीय निवासी मौके पर पहुंचे और पुलिस को वाहन में फंसे पीड़ितों को निकालने में मदद की। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मेहदावल पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि तेज गति और सड़क किनारे बिखरी बजरी दुर्घटना के संभावित कारण थे। विस्तृत जांच जारी है।

कानपुर में AI टूल की मदद से मिठाई की दुकान पर 10 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी गई, मामला दर्ज

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कानपुर: यूपी के कानपुर Kanpur में राज्य जीएसटी विभाग (GST Department) ने शुक्रवार को पुष्टि की कि उन्होंने एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) टूल की मदद से कानपुर की एक मिठाई की दुकान द्वारा कथित तौर पर लगभग 10 करोड़ रुपये की कर चोरी का खुलासा किया है। अतिरिक्त आयुक्त कुमार आनंद के अनुसार, विभाग ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान दुकान के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड की जांच के लिए एआई-आधारित विश्लेषणात्मक टूल (को-पायलट) का उपयोग किया।

विश्लेषण से पता चला कि दुकान ने बड़ी मात्रा में चीनी खरीदी थी, लेकिन उससे बनी मिठाइयों का उत्पादन और बिक्री काफी कम दिखाई थी। चुकाया गया कर खरीदे गए कच्चे माल की मात्रा के अनुरूप नहीं था। जांच के बाद, बुधवार को उपायुक्त विनय कुमार गौतम सहित अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान पता चला कि दुकान ने वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कर देनदारियों को कम दिखाया था। यह व्यवसाय मिठाई, चाट, समोसे, लस्सी, नमकीन, चॉकलेट और अन्य खाद्य पदार्थों का व्यापार करता है।

अधिकारियों ने यह भी पाया कि ग्राहकों को कथित तौर पर उचित रसीदें जारी नहीं की जा रही थीं। 25 फरवरी को दोपहर लगभग 3 बजे शुरू हुई जांच के दौरान, स्टॉक रजिस्टरों और खाता बही में अनियमितताएं पाई गईं। फरवरी 2026 और नवंबर 2025 के दैनिक कर चालान सारांश, बिक्री पुस्तिकाएं, नकद और क्रेडिट रिकॉर्ड और बिल बही सहित कई दस्तावेज जब्त किए गए।

जांच में यह भी पता चला कि खाद्य पदार्थों की आपूर्ति कथित तौर पर कर चालान के बिना संबंधित पारिवारिक फर्म “बब्बू ढाबा” को बिना लागू करों का भुगतान किए की जा रही थी। चीनी की खपत के पैटर्न और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के आधार पर, विभाग ने लगभग 10 करोड़ रुपये की कर चोरी का मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि एआई उपकरणों का उपयोग करके अन्य मामलों में भी इसी तरह की जांच की जा रही है।

कंपिल तीर्थ में भक्ति का महासंगम: मुंबई से आए 300 श्रद्धालुओं ने किया सामूहिक अभिषेक

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भगवान विमलनाथ के जयघोष से गूंजा तीर्थ परिसर, अगले वर्ष हजार साधकों के साथ अष्टम तप शिविर का संकल्प

कंपिल (फर्रुखाबाद): जैन आस्था के प्रमुख केंद्र कंपिल तीर्थ (Kendra Kampil Tirtha) में गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुंबई (Mumbai) से आए लगभग 300 जैन श्रद्धालुओं ने भगवान विमलनाथ के चरणों में शीश नवाकर सामूहिक अभिषेक एवं विधि-विधान से पूजन किया। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर मंत्रोच्चार, स्तुति और आराधना से गुंजायमान हो उठा, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।

यह आध्यात्मिक यात्रा श्री आर्य रक्षित तत्वज्ञान विद्यापीठ (मुंबई) एवं उत्तर प्रदेश कालिकाजी तीर्थ यात्रियों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। यात्रा प्रभारी राजेश भाई के नेतृत्व में श्रद्धालु प्रातःकाल तीर्थ परिसर पहुंचे और भगवान विमलनाथ का जलाभिषेक कर विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की। श्रद्धालुओं की अनुशासित और समर्पित उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता प्रदान की।

अगले वर्ष हजार साधकों के साथ अष्टम तप का संकल्प

दर्शन एवं पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष कंपिल तीर्थ में एक हजार साधकों के साथ पांच दिवसीय अष्टम तप साधना शिविर आयोजित करने का संकल्प लिया। जैन परंपरा में अष्टम तप का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सामूहिक साधना से आत्मशुद्धि, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

सत्यप्रकाश अग्रवाल ‘उत्तर प्रदेश भामाशाह’ से सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान कंपिल तीर्थ के विकास में उल्लेखनीय योगदान देने पर उद्योगपति एवं समाजसेवी सत्यप्रकाश अग्रवाल को ‘उत्तर प्रदेश भामाशाह’ की उपाधि से सम्मानित किया गया। उपस्थित गणमान्यजनों ने उन्हें उपरणा, शॉल एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि उनके सहयोग से तीर्थ क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है।

तीर्थ विकास और रेल सेवा की उठी मांग

पंचकल्याणक यात्रा समिति की ओर से आयोजित सामूहिक अभिषेक में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यात्रा प्रमुख राजेश भाई ने कहा कि यदि कंपिल में वार्षिक मेला नियमित रूप से आयोजित किया जाए और मुंबई से सीधी दैनिक रेल सेवा शुरू हो, तो तीर्थयात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

सत्यप्रकाश अग्रवाल ने भी अपने संबोधन में कहा कि मुंबई सहित पश्चिम भारत के अनेक शहरों के श्रद्धालुओं की विशेष आस्था कंपिल तीर्थ से जुड़ी है। यदि नियमित रेल सेवा प्रारंभ हो जाती है, तो प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं का आगमन संभव है, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा।

सुविधाओं के विस्तार पर जोर

मंदिर ट्रस्ट के सचिव मुकुंदजी शाह ने बताया कि तीर्थ क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार एवं आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में योजनाएं तैयार की जा रही हैं। मुंबई, अहमदाबाद, गुजरात और राजस्थान सहित विभिन्न शहरों से आए श्रद्धालुओं ने एक स्वर में कहा कि कंपिल तीर्थ आध्यात्मिक शांति और साधना का प्रमुख केंद्र है। सामूहिक आराधना से जहां आंतरिक शुद्धि का अनुभव होता है, वहीं तीर्थ की गरिमा और महत्ता भी और अधिक बढ़ती है।

आम के बाग में मिला अज्ञात महिला का शव, इलाके में सनसनी

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पहचान न होने से उलझी गुत्थी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

फर्रुखाबाद: शुक्रवार सुबह कोतवाली कायमगंज (Kotwali Kayamganj) क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब श्याम नगर गिहार बस्ती के पास स्थित अतर खां के आम के बाग में एक अज्ञात महिला (woman) का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। सुबह शौच के लिए खेतों की ओर गई महिलाओं ने सबसे पहले शव को देखा। महिला का शव जमीन पर पड़ा देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल गांव लौटकर अन्य ग्रामीणों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

ग्रामीणों की भीड़, तरह-तरह की चर्चाएं

शव मिलने की खबर आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई महिला की पहचान और मौत के कारणों को लेकर कयास लगाता नजर आया। कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई कि महिला की हत्या कर शव को बाग में फेंका गया है, जबकि कुछ इसे अन्य संदिग्ध परिस्थितियों से जोड़कर देख रहे थे। स्थिति को संभालने के लिए लोगों को मौके से हटाने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।

पुलिस और फोरेंसिक टीम ने शुरू की जांच

सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी, कोतवाली प्रभारी मदन मोहन चतुर्वेदी तथा कस्बा चौकी प्रभारी सोमवीर सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। आसपास के क्षेत्र में छानबीन कर यह जानने का प्रयास किया गया कि महिला वहां कैसे पहुंची।

पहचान की कोशिशें जारी

पुलिस के अनुसार मृतका की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच प्रतीत हो रही है। उसने लाल रंग की कुर्ती, नीले रंग का पैजामा और लाल रंग का स्वेटर पहन रखा था। पहचान कराने के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और आसपास के थानों व गांवों में सूचना भिजवाई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक महिला की शिनाख्त नहीं हो सकी थी। पुलिस गुमशुदगी की रिपोर्टों का भी मिलान कर रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज

पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

36 साल बाद गिरफ्तारी: 1986 हत्याकांड का दोषी वारंट पर दबोचा

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शाहजहांपुर: जनपद की बंडा थाना पुलिस ने 36 वर्ष पुराने हत्या (murder) के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दोषी जाहिद खां को गिरफ्तार (Arrested) कर जेल भेज दिया है। आरोपी को हाईकोर्ट द्वारा जारी वारंट के आधार पर उसके घर से दबिश देकर पकड़ा गया। मामला वर्ष 1986 का है। 20 सितंबर 1986 को बंडा थाना क्षेत्र के एक गांव में जाहिद खां ने एक युवती के घर में घुसकर दुष्कर्म का प्रयास किया था। विरोध करने पर उसने हसिये से युवती पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वर्ष 1990 में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया और क्षेत्र छोड़कर फरार हो गया। हाल ही में आरोपी के दोबारा अपने घर लौटने की सूचना मिली। उधर, मृतका के परिजनों ने लंबे समय बाद फिर से हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की।

इस पर हाईकोर्ट ने शाहजहांपुर पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए और दस दिन पहले उसके खिलाफ वारंट जारी किया। मामला अत्यंत पुराना होने के कारण बंडा पुलिस को रिकॉर्ड और केस से जुड़ी जानकारी के लिए हाईकोर्ट तक जाना पड़ा। गहन पहचान और लगातार प्रयासों के बाद गुरुवार को पुलिस ने आरोपी के घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। बंडा थाना प्रभारी ने बताया कि हाईकोर्ट के वारंट के अनुपालन में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।