राइस मिल विवाद कोर्ट में विचाराधीन, फैसले का करेंगे सम्मान: गुरभाग सिंह
पूरनपुर, पीलीभीत। बंडा रोड स्थित शिरडी राइस मिल को लेकर चल रहे विवाद के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. गुरभाग सिंह ने खुलकर अपनी बात रखी है। मिल पर जबरन कब्जे और अनियमित खरीद-फरोख्त के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि पूरी बैंक की वैधानिक नियमों के तहत संपन्न हुई है। उन्होंने इसे उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश करार देते हुए दस्तावेजी साक्ष्य होने का दावा भी किया। राइस मिल बैंक करोड़ों रुपये का कर्ज होने पर बंधक थी। उनका कहना है कि बैंक को बकाया राशि जमा करने के बाद ही मिल का हैंडओवर उन्हें दिया गया। उन्होंने बताया कि मिल में भीमसेन, संजीव सिंह सहित कुल आठ पार्टनर थे। रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान सभी अंशधारकों को कई बार रजिस्टार कार्यालय बुलाया गया, लेकिन कुछ लोग उपस्थित नहीं हुए। इसके बावजूद उन्होंने कानूनी प्रक्रिया पूरी की और बैंक के निर्देशानुसार भुगतान कराया।
डॉ. सिंह ने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर बैंक, किसानों और बाजार का करोड़ों रुपये बकाया है, वही अब मिल पर दावा कर विवाद खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा दो पार्टनरों ने पूरा रुपए ले लिए हैं। लिखित रूप में उन्हें कोई आपत्ति न होने का पत्र देकर रजिस्ट्री के दौरान उपस्थित होना बताया, जो उनके पास साक्ष्य के रूप में मौजूद है। भीमसेन अन्य पार्टनरों से अलग रुपए लेने का दबाव बना रहे हैं। मना करने पर उनको भी रजिस्ट्री न कराने के लिए गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और जो भी निर्णय आएगा, उसे स्वीकार किया जाएगा। फिलहाल उनके अनुसार मिल की खरीद पूरी तरह नियमों और बैंक प्रक्रिया के अनुरूप हुई है। पूरे मामले में विरोधी राजनीति भी कर रहे हैं। राइस मिल को लेकर चल रहा यह विवाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं सभी की निगाहें अब न्यायिक निर्णय पर टिकी हैं।








