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Saturday, March 7, 2026
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आलू की कम पैदावार और गिरे दामों से किसान बेहाल

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फर्रुखाबाद। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय किसान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। आलू की कम पैदावार और बाजार में बिक्री मूल्य में आई भारी गिरावट ने किसानों की कमर तोड़ दी है। उत्पादन घटने के साथ-साथ दामों में आई गिरावट के कारण किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। स्थिति यह है कि कई किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं और अगली फसल की तैयारी को लेकर असमंजस में हैं।
स्थानीय किसानों के अनुसार इस बार मौसम की मार, समय पर सिंचाई न होना और बढ़ती लागत ने आलू की पैदावार को प्रभावित किया है। विशेषकर चिपसोना किस्म के आलू की पैदावार में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जहां प्रति बीघा 50 से 52 पैकेट तक उत्पादन हो रहा था, वहीं इस बार यह घटकर मात्र 40 से 45 पैकेट रह गया है। उत्पादन में करीब 15 से 20 प्रतिशत की कमी ने किसानों की आय पर सीधा असर डाला है।
सिर्फ पैदावार ही नहीं, बल्कि बाजार में कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। कोरापुर निवासी किसान लोधी मोहन सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष चिपसोना आलू 650 से 780 रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से बिका था, जिससे लागत निकलने के साथ कुछ मुनाफा भी हो जाता था। लेकिन इस वर्ष वही आलू 350 से 400 रुपये प्रति पैकेट के बीच बिक रहा है। कई बार तो खरीददार भी नहीं मिल रहे, जिससे किसान औने-पौने दामों पर फसल बेचने को मजबूर हैं।
किसानों का कहना है कि बीज, खाद, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। एक बीघा आलू की खेती में हजारों रुपये खर्च हो जाते हैं, लेकिन जब बिक्री मूल्य आधा रह जाए तो घाटा होना तय है। कई किसानों ने आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखने का विकल्प चुना है, लेकिन वहां भी भंडारण शुल्क और अन्य खर्च अलग से बोझ बढ़ा रहे हैं।
इस आर्थिक तंगी का असर किसानों के सामाजिक और पारिवारिक जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। परिवारों की माली हालत बिगड़ने से बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और दैनिक जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया है। शादी-विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रम भी टल रहे हैं। कुछ किसान साहूकारों और बैंकों से लिया गया कर्ज चुकाने को लेकर चिंतित हैं।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में मांग और आपूर्ति के असंतुलन के कारण कीमतें गिरी हैं। वहीं किसान सरकार से समर्थन मूल्य तय करने या बाजार हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें न्यूनतम लाभ सुनिश्चित हो सके। किसानों ने प्रशासन से राहत पैकेज, फसल बीमा भुगतान और उचित मूल्य दिलाने की व्यवस्था की मांग की है।
फिलहाल आलू उत्पादक किसान भविष्य की फसल को लेकर भी असमंजस में हैं। यदि यही स्थिति रही तो कई किसान अगली बार आलू की खेती कम कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

कांग्रेस प्रदेश सलाहकार समिति के सदस्य बने सूबेदार सागर

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फर्रुखाबाद । उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (अनुजावि) के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सूबेदार राकेश कुमार सागर को वरिष्ठ नेतृत्व ने कांग्रेस अनुसूचित विभाग की प्रदेश सलाहकार समिति में सदस्य नो नहीं तो किए किया है।
सूबेदार सागर ने अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे , नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी, कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गाँधी, उत्तर प्रदेश प्रभारी, अविनाश पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन राजेंद्र पाल गौतम, तनुज पूनिया, सांसद एवं प्रदेश चेयरमैन के प्रति आभार जताया तथा दिए गए दायित्व का ईमानदारी से निर्वाह करने की बात कही।

रोडवेज बसों की आमने-सामने भिड़ंत, चालक गंभीर घायल

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फर्रुखाबाद। जनपद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। कायमगंज बाईपास मार्ग पर बेरिया तिराहे के पास दो रोडवेज बसों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बसों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली से फर्रुखाबाद आ रही फर्रुखाबाद डिपो की बस की सामने से आ रही एटा डिपो की बस से सीधी टक्कर हो गई। हादसे में फर्रुखाबाद डिपो के चालक पवन मिश्रा निवासी हुल्लापुर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद हालत गंभीर देखते हुए उच्च चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया।
बस में सवार उमाशंकर और उनके भाई हरिओम निवासी खैराबाद को भी चोटें आईं। दोनों घायलों को उपचार के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आईं, जिनका मौके पर ही उपचार कर दिया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही कस्बा इंचार्ज सोमवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बसों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया। दुर्घटना के कारण कुछ समय तक बाईपास मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही।
प्राथमिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और आमने-सामने आना बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

महादेवी वर्मा की जयंती पर प्रतिमा स्थल बनेगा साहित्यिक चेतना का केंद्र, जुटेंगे जिले भर के साहित्यकार

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फर्रुखाबाद। नगर की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था अभिव्यंजना के तत्वावधान में छायावादी युग की महान कवयित्री महादेवी वर्मा की जयंती पर इस वर्ष भी भव्य आयोजन किया जाएगा। फाल्गुनी पूर्णिमा के पावन अवसर पर सोमवार प्रातः 9 बजे रेलवे रोड स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होगा।

संस्था के संयोजक संजय गर्ग तथा पदाधिकारी भूपेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी उपस्थित रहेंगे। उनके साथ नगर एवं जनपद के अनेक साहित्यकार, कवि, शिक्षाविद और साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे। आयोजन को लेकर साहित्यिक जगत में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकार महादेवी वर्मा के चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। वक्ताओं द्वारा उनके साहित्यिक अवदान, मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत काव्यधारा तथा नारी चेतना के स्वर पर प्रकाश डाला जाएगा। संस्था पदाधिकारियों ने नगरवासियों एवं साहित्य प्रेमियों से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।

गौरतलब है कि वर्ष 1907 में महादेवी वर्मा का जन्म नगर के गणेश प्रसाद मोहल्ले में हुआ था। उनका बाल्यकाल मध्य प्रदेश में व्यतीत हुआ, जबकि वैवाहिक जीवन उन्होंने इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) में बिताया। किंतु जन्मभूमि से उनका गहरा आत्मिक संबंध बना रहा। यही कारण है कि नगर के साहित्यकार उन्हें अपनी प्रेरणा-श्रोत मानते हैं और उनकी जयंती को साहित्यिक उत्सव के रूप में मनाते हैं।

महादेवी वर्मा हिंदी साहित्य के छायावादी युग की प्रमुख स्तंभ मानी जाती हैं। उनकी रचनाओं में करुणा, संवेदना, आध्यात्मिकता और नारी अस्मिता की सशक्त अभिव्यक्ति मिलती है। वे केवल कवयित्री ही नहीं, बल्कि शिक्षाविद, समाजसेवी और साहित्यिक चेतना की अग्रदूत भी थीं। हिंदी साहित्य को वैश्विक पहचान दिलाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

नगर में लंबे समय से सक्रिय साहित्यिक संस्थाएं महादेवी वर्मा की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए समय-समय पर गोष्ठियों, काव्य पाठ और विचार विमर्श का आयोजन करती रही हैं। जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर है, बल्कि नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संस्था पदाधिकारियों ने कहा कि महादेवी वर्मा जैसी विभूतियां किसी एक शहर या प्रदेश की नहीं, बल्कि समूचे राष्ट्र की धरोहर होती हैं। उनका जीवन और साहित्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।

डा. अंबर के निवास पर होगी श्रद्धा समर्पण संगोष्ठी
फर्रुखाबाद। महीयसी महादेवी वर्मा जयंती के मौके पर देश के जाने-माने कवि मंच संचालक साहित्यकार डॉ शिव ओम अंबर के निवास पर श्रद्धा समर्पण गोष्ठी का आयोजन सोमवार को महादेवी स्मृति पीठ के तत्वावधान में सुबह ग्यारह बजे से एक बजे तक होगा।
यह जानकारी देते हुए डा.अंबर ने ने बताया कि इस मौके पर युवा साहित्यकार राघव शुक्ला की पुस्तक का विमोचन होगा। वरिष्ठ कवियत्री भावना ने भी स्वीकृति प्रदान की है। इसके अलावा संस्था के कवि काव्यपाठ करेंगे।

स्वच्छता, राष्ट्रभक्ति व सायबर सुरक्षा का संदेश

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फर्रुखाबाद। डिवाइन लाइट पब्लिक स्कूल एवं बाल विहार पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में स्वक्षता, राष्ट्र भक्ति और सायबर सुरक्षा का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष अम्बिका प्रसाद त्रिवेदी, प्रबन्धक राकेश कुमार,सभासद अनिल तिवारी ने मॉं सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में गणेश वंदना, सरस्वती वंदना, जल संरक्षण पर आधारित नाट्य प्रस्तुति, स्वच्छ भारत पर आधारित नृत्य प्रस्तुति, मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग के दुष्परिणामों पर आधारित नृत्य प्रस्तुति कर सभी को सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में जादूगर के एस गोगा ने अपने जादू के माध्यम से देशभक्ति एवं सामाजिक विषयों पर सीख दी। विजय यादव ने छात्र छात्राओं की प्रस्तुतियों पर छात्र छात्राओं एवं शिक्षकों की प्रशंसा की।
जिला युवा अधिकारी शिखर रस्तोगी ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज इस विद्यालय में आकर मुझे मेरे बचपन की याद आ गई छोटे बच्चों में इस तरह के सुंदर संस्कार आज बहुत ही कम देखने को मिलते हैं।
इस अवसर भारतेन्दु नाट्य अकादमी के सदस्य सुरेंद्र पाण्डेय, राहुल वर्मा, प्रशांत , अमित सक्सेना, अंकित गुप्ता, विशाल श्रीवास्तव, सुशांत, अनीता श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।कार्यक्रम संचालन युवा साहित्यकार वैभवसोमवंशी ने किया ।

त्यौहार की पूर्व संध्या बाजारों में हो रही भीड़

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फर्रुखाबाद। होली पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर नगर के मुख्य बाजारों में भीड़ उमड़ती रही। लोगों ने त्यौहार की तैयारी में जमकर खरीदारी की बाजारों में रंग की दुकान सजे होने के कारण होली आ जाने का माहौल दिखाई दे रहा है।
नगर के पला बाजार लिंजीगंज तथा मुख्य बाजारों में खरीदारी का क्रम चलता रहा वहीं नमकीन और मिठाई की दुकानों पर भी लगी रही मिठाई की दुकानों पर रेडीमेड भुजिया और नमकीन की दुकानों पर जमकर बिक्री का क्रम देखा जा रहा है। बाजार में गन्ने और गेहूं की बालियों की दुकान भी सजी हुई हैं।