38 C
Lucknow
Wednesday, April 22, 2026
Home Blog Page 59

उत्तर प्रदेश के प्रभारी मंत्री ने रोजा मंडी में गेहूं क्रय केन्द्रों का किया निरीक्षण

0

 

शाहजहांपुर 18-04-2026 नरेन्द्र कश्यप,राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार, पिछड़ वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश/प्रभारी मंत्री जनपद-शाहजहाँपुर द्वारा जनपद भ्रमण के दौरान रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अन्तर्गत रौजा मण्डी में विभिन्न क्रय संस्थाओं द्वारा स्थापित गेहूँ क्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय विपणन शाखा द्वारा संचालित गेहूं क्रय केन्द्र रौजा मण्डी प्रथम पर गेहूँ क्रय सम्बन्धी समस्त व्यवस्थायें पूर्ण पायी गयीं। कृषक गुरविन्दर सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह, निवासी ग्राम-रक्सा, जनपद-शाहजहाँपुर के द्वारा लाये गये लगभग 100-00 कुंतल गेहूँ की तौल होती हुई पायी गयी। मंत्री द्वारा कृषक से वार्ता की गयी, तो कृषक द्वारा बताया गया कि केन्द्र प्रभारी से पूर्व में टोकेन प्राप्त कर अपना गेहूँ विक्रय हेतु निर्धारित प्रपत्रों सहित आया है, उसे अपना गेहूँ विक्रय किये जाने में किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा है और वह शासकीय व्यवस्था से पूर्णतः संतुष्ट है, अपनी उपज का विक्रय कर लाभकारी मूल्य प्राप्त कर रहा है। मंत्री को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) / जिला खरीद अधिकारी, शाहजहाँपुर द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 17-04-2026 तक 895 कृषकों के माध्यम से 7326-790 मी०टन गेहूँ की खरीद हो चुकी है। मण्डियों में संचालित गेहूं क्रय केन्द्रों पर बोरों की उपलब्धता सुनिश्चित कराते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे केन्द्र जिन पर गेहूँ की आवक प्रारम्भ हो गयी है, को भी बोरे उपलब्ध करा दिये गये है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी, शाहजहाँपुर द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में बोरों की व्यवस्था प्रगतिमान है। उचित दर विक्रेताओं एवं अन्य जनपदों से प्राप्त बोरों के अतिरिक्त खाद्य आयुक्त कार्यालय द्वारा जैम पोर्टल के माध्यम से बोरा क्रय कर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसे ससमय समस्त केन्द्रों को उपलब्ध कराते हुए कृषकों से गेहूँ खरीद सुनिश्चित करायी जायेगी, किसी भी कृषक को गेहूँ विक्रय से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। सरकार की मंशानुरूप अधिकाधिक कृषकों को समर्थन मूल्य योजना से लाभान्वित किये जाने हेतु खाद्य विभाग प्रयासरत एवं तत्पर है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को गेहूं बेचने में किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो और उनका समय से गेहूं मूल्य का भुगतान मिले। गेहूं खरीद बेहतरीन तरीके से हो।

100 करोड़ के घोटालेबाज आखिर कब पकड़े जाएंगे?

0
लाल घेरे में 100 करोड़ घोटाले के आरोपी डाक्टर मनोज कुमार मिश्रा,,

 

100 करोड़ के आरोपी नगर स्वास्थ्य अधिकारी प्रमुख सचिव के पीछे पीछे घूमते रहे

यह कैसी जीरो टॉलरेंस की नीति आरोप पत्र जारी होने के बाद भी खुलेआम घूम रहे आरोपी,,

शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग में कथित करीब 100 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला एक बार फिर चर्चा में है। पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी आर.के. गौतम के कार्यकाल में हुए इस घोटाले की प्राथमिक जांच में कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई की रफ्तार बेहद धीमी होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। शासन स्तर से जनपद में दौरे पर आए आए प्रमुख सचिव के निरीक्षण में 100 करोड़ के घोटालेबाज डाक्टर मनोज मिश्रा प्रमुख सचिव के पीछे पीछे घूमते रहे। सूत्रों के अनुसार सीएमओ कार्यालय में तैनात रहे करीब 12 कर्मचारियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं। इनमें एकाउंटेंट चंद्र प्रकाश, डॉ. अंसार, डॉ. आसिफ अली, स्टोर इंचार्ज गोविंद स्वर्णकार, प्रशासनिक अधिकारी राम किशोर गौतम, एकाउंटेंट संजय बाबू और चीफ फार्मासिस्ट पवन गुप्ता सहित अन्य के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मामले में नाम आने के बावजूद अब तक किसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। इस बीच पूर्व सीएमओ आर.के. गौतम और डॉ. अंसार सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि डॉ. आसिफ अली और डॉ. मनोज मिश्रा अभी भी जनपद में तैनात हैं। वहीं स्टोर इंचार्ज गोविंद स्वर्णकार ने अपना तबादला बरेली करा लिया, जबकि चीफ फार्मासिस्ट पवन गुप्ता को पुवायां अटैच कर दिया गया है। मामले को लेकर चर्चा है कि यदि आरोपियों के खिलाफ समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे विभाग में रहते हुए जांच को प्रभावित भी कर सकते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर करोड़ों के इस घोटाले के जिम्मेदारों पर शिकंजा कब कसेगा। स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लग सके।

गेहूं खरीद धीमी, बोरे की कमी से किसानों को हो रही परेशानी

0

 

अमेठी जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर चल रही गेहूं खरीद प्रक्रिया इस समय गंभीर बाधाओं का सामना कर रही है। बोरे की कमी के कारण कई क्रय केंद्रों पर तौल कार्य प्रभावित हो गया है, जिससे किसान अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार करने के बाद बिना बिक्री किए वापस लौटने को मजबूर हैं।

जिले में इस वर्ष 30,000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए 106 क्रय केंद्र स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 100 केंद्र स्थापित भी हो चुके हैं। इसके बावजूद अब तक केवल 98 किसानों से 792.55 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद ही हो पाई है, जो तय लक्ष्य की तुलना में बेहद कम है।

विभिन्न एजेंसियों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। खाद्य विभाग को 17,900 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अब तक केवल 762.90 मीट्रिक टन की ही खरीद हो सकी है। पीसीएफ और मंडी समिति जैसे महत्वपूर्ण एजेंसियों ने अभी तक कोई खरीद दर्ज नहीं की है, जबकि पीसीयू और यूपीएसएस की खरीद भी बेहद सीमित रही है।

सबसे बड़ी समस्या बोरे की अनुपलब्धता बताई जा रही है, जिसके कारण कई केंद्रों पर तौल प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है। इससे किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और उन्हें समय व श्रम दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रशासन ने स्थिति सुधारने के लिए मोबाइल टीमों का गठन किया है, लेकिन इसका प्रभाव अभी सीमित ही दिखाई दे रहा है।

डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्रा ने स्वीकार किया कि शुरुआती चरण में बोरे की कमी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं और जल्द ही सभी क्रय केंद्रों पर पर्याप्त बोरे उपलब्ध कराकर खरीद प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।

गौरीगंज में बिना मान्यता स्कूल पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, एसपी पब्लिक स्कूल सील

0

 

अमेठी जिले के गौरीगंज क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रशासन ने बिना मान्यता संचालित हो रहे एसपी पब्लिक स्कूल पर अचानक कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अर्जुन सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच के बाद स्कूल परिसर में ताला लगवा दिया।

यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब स्थानीय निवासी पवन कुमार मौर्य ने प्रशासन को शिकायत दी कि स्कूल लंबे समय से बिना किसी वैध अनुमति के चल रहा है और इसमें छात्रों का दाखिला लेकर शिक्षण कार्य किया जा रहा है। शिकायत में यह भी आशंका जताई गई कि इससे बच्चों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने तुरंत जांच टीम गठित की। बीईओ अर्जुन सिंह ने स्कूल का निरीक्षण कर सभी दस्तावेजों की जांच की, लेकिन इस दौरान स्कूल प्रबंधन कोई भी मान्यता या आवश्यक विभागीय स्वीकृति प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से स्कूल को बंद करने का आदेश जारी कर दिया।

कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अन्य निजी स्कूलों में भी हलचल देखने को मिली है। कई स्कूल संचालक अब अपने दस्तावेजों की जांच और मान्यता प्रक्रिया को पूरा करने में जुट गए हैं ताकि भविष्य में किसी भी तरह की प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सके।

बीईओ अर्जुन सिंह ने स्पष्ट कहा कि बिना मान्यता किसी भी विद्यालय का संचालन पूरी तरह अवैध है और ऐसे संस्थानों पर आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के प्रवेश से पहले स्कूल की वैधता और मान्यता की पूरी जांच अवश्य करें, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

आबकारी विभाग का सघन अभियान, दुकानों पर औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच

0

 

फर्रुखाबाद

जनपद में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग द्वारा सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आबकारी आयुक्त के आदेश एवं जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी जी.पी. गुप्ता के पर्यवेक्षण में शनिवार को व्यापक कार्रवाई की गई।
अभियान के तहत आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-3 रीता वर्मा ने अपने स्टाफ के साथ थाना मोहम्मदाबाद क्षेत्र में संचालित विभिन्न आबकारी दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुकानों के स्टॉक रजिस्टर का गहन परीक्षण किया गया, साथ ही पीओएस मशीन के माध्यम से हो रही बिक्री, ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली को भी बारीकी से जांचा गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी दुकानों पर शासन द्वारा निर्धारित नियमों और मानकों का पालन हो रहा है या नहीं।
निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए गए कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्हें पारदर्शिता बनाए रखने, रिकॉर्ड सही रखने और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए।
जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि यदि कहीं अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की सूचना मिले तो तत्काल विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

गुरुग्राम थाने के सामने आत्मदाह करने वाले अंकित यादव का शव गांव पहुंचा, परिवार और प्रेमिका के आरोपों से मामला उलझा

0

 

गुरुग्राम में थाने के सामने पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने वाले फतेहपुर निवासी अंकित यादव का शव शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव सीतापुर (थरियांव थाना क्षेत्र) पहुंचा। जैसे ही शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में मातम छा गया और परिवार के लोगों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।

परिवार का कहना है कि अंकित घर में सबसे छोटा था और पिता का पहले ही निधन हो चुका है। घर में अब उनकी मां उमा देवी और बहनें नेहा, दीपा और दीपिका हैं। बहन दीपिका यादव ने आरोप लगाया कि अंकित की प्रेमिका काजल ने उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया था और लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, इस मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। प्रेमिका काजल लोधी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पहचान इंस्टाग्राम के जरिए अंकित से हुई थी। काजल के अनुसार, अंकित ने उसे नौकरी का झांसा देकर गुरुग्राम बुलाया और बाद में दोनों साथ रहने लगे, जिससे उसके परिवार ने भी उससे दूरी बना ली।

काजल ने आरोप लगाया कि अंकित अक्सर उसके साथ झगड़ा और मारपीट करता था और कई बार झूठे आरोप लगाकर उसे परेशान करता था। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने शादी की बात की तो अंकित टालमटोल करता रहा। काजल ने बताया कि 15 अप्रैल को उन्होंने सेक्टर-40 थाने में शिकायत दर्ज कराई थी और उसी दिन थाने में अंकित के सामने आने के बाद घटना हुई।

इस पूरे मामले में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जिससे मामला और जटिल हो गया है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और अधिकारी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।