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Wednesday, April 22, 2026

‘आलू इंडस्ट्री हब’ बनाने की मांग: रूस-चीन-पोलैंड की तकनीक से वोदका व प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की मांग

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– अशोक कटियार नें भेजा प्रस्ताव
फर्रुखाबाद। देश के प्रमुख आलू उत्पादक जिलों में शुमार फर्रुखाबाद को अब कृषि से उद्योग की ओर मोड़ने की मांग तेज हो गई है। आलू विकास एवं विपणन सहकारी संघ से जुड़े निदेशक अशोक कटियार ने प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर बड़ा प्रस्ताव रखा है कि रूस, चीन और पोलैंड से आधुनिक तकनीक मंगाकर जिले में आलू आधारित उद्योग स्थापित किए जाएं, जिनमें वोदका निर्माण सहित अन्य वैल्यू एडेड उत्पाद शामिल हों।
पत्र में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य है और फर्रुखाबाद इसकी प्रमुख बेल्ट में आता है। इसके बावजूद किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। नतीजतन किसान लगातार घाटे और कर्ज के दबाव में हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारत में करीब 60 मिलियन मीट्रिक टन आलू उत्पादन होता है, जिसमें अकेले उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 35 प्रतिशत है, लेकिन प्रोसेसिंग और निर्यात का प्रतिशत बेहद कम है।
कटियार ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि विकसित देशों में आलू का बड़े पैमाने पर प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में उपयोग होता है, जबकि भारत में केवल एक छोटा हिस्सा ही प्रसंस्करण में जाता है। हर साल भंडारण की कमी और बाजार व्यवस्था कमजोर होने के कारण 15 से 20 प्रतिशत तक आलू खराब हो जाता है, जो करीब 8 से 12 मिलियन टन के नुकसान के बराबर है।
प्रस्ताव के अनुसार, यदि खराब या अतिरिक्त उत्पादन वाले आलू का उपयोग वोदका, स्टार्च, चिप्स, फ्लेक्स और अन्य उत्पाद बनाने में किया जाए, तो किसानों की आय में बड़ा इजाफा हो सकता है। साथ ही जिले में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस मांग के साथ सरकार से यह भी अपेक्षा की गई है कि विदेशी तकनीक के सहयोग से फर्रुखाबाद में विशेष औद्योगिक क्लस्टर विकसित किया जाए, जहां आलू आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सके। इससे न केवल किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे, बल्कि जिले को एक नई औद्योगिक पहचान भी मिलेगी।

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