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Thursday, March 5, 2026
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अनियंत्रित कार की टक्कर से नीलगाय की मौत, चालक वाहन छोड़कर फरार

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शमशाबाद (फर्रुखाबाद): कायमगंज–फर्रुखाबाद मार्ग पर शमशाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम धमगमा के निकट तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार (uncontrolled car) की टक्कर से एक नीलगाय की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद घबराया कार चालक (driver) वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

जानकारी के अनुसार नीलगाय सड़क पार कर रही थी, तभी तेज गति से आ रही कार उससे टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि नीलगाय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना में कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। शमशाबाद थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की और कार को कब्जे में ले लिया। वाहन के आधार पर चालक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

पशु चिकित्सा विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। पशु चिकित्सा प्रभारी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक नीलगाय की मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि मृत नीलगाय का पोस्टमार्टम कराकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। कार दुर्घटना की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पोस्टमार्टम की कार्रवाई समाचार लिखे जाने तक जारी थी।

मुखबिर की सूचना पर पांच जुआरी नगदी सहित गिरफ्तार, ताश की गड्डी बरामद

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शमशाबाद (फर्रुखाबाद)। क्षेत्र में जुआ खेलने की बढ़ती गतिविधियों पर अंकुश लगाते हुए शमशाबाद थाना (Shamshabad Police Station) पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर छापेमारी कर पांच जुआरियों को गिरफ्तार (arrested) किया है। पुलिस ने मौके से हजारों रुपये की नगदी और ताश की गड्डी बरामद की है। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में आवश्यक कार्रवाई की गई है।

जानकारी के अनुसार शमशाबाद क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में जुआ खेलने के शौकीन लोग फड़ लगाकर हजारों रुपये के दांव लगा रहे थे। इस खेल में कोई हजारों जीत रहा था तो कोई हजारों का नुकसान उठा रहा था। इसी बीच किसी मुखबिर ने थाना पुलिस को सूचना दी कि कुछ लोग फड़ लगाकर जुआ खेल रहे हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और पांच लोगों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में शाहरुख, ज्ञान प्रकाश, शैलेंद्र राजपूत (निवासी मोहल्ला दलमीर खां, कसाई टोला, इमली दरवाजा) तथा सुरजीत कुमार (निवासी मोहल्ला ताड़ वाली हवेली) सहित एक अन्य शामिल है।

पुलिस ने मौके से ताश की गड्डी बरामद की। जमा तलाशी में आरोपियों के पास से 1670 रुपये तथा फड़ से 2150 रुपये की नगदी बरामद हुई। बरामद धनराशि को कब्जे में लेकर आरोपियों को थाने लाया गया।

थानाध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

किसानों के घर जाने वाला रास्ता बंद, पुलिस-प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

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शमसाबाद (फर्रुखाबाद): नगर पंचायत क्षेत्र में किसानों के घर जाने वाला रास्ता बंद किए जाने का मामला सामने आया है। रास्ता अवरुद्ध होने से पीड़ित किसानों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने पुलिस और प्रशासन से हस्तक्षेप कर मार्ग खुलवाने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार नगर पंचायत के मोहल्ला पलिया निवासी पृथ्वीराज, संतराम, विजेंद्र और रछपाल सहित कई किसानों के मकान पलिया जाने वाले मार्ग की ओर स्थित हैं। आरोप है कि नगर पंचायत के मोहल्ला दलमीर खान निवासी एक व्यक्ति ने उक्त रास्ते को बंद कर दिया है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।

पीड़ित किसानों का कहना है कि रास्ता बंद होने के कारण उन्हें खेतों और घरों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका बनी हुई है। कई बार आपसी स्तर पर समाधान का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं बन सकी।

मामले को लेकर किसानों ने उपजिलाधिकारी कायमगंज को शिकायती पत्र देकर न्याय की मांग की है। इसके साथ ही थाना दिवस में भी प्रार्थना पत्र देकर रास्ता खुलवाने की गुहार लगाई गई है। पुलिस ने मामले में जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है, जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर मार्ग को खुलवाने और समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

जाँच एजेंसियों का निष्पक्ष होना आवश्यक

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(डाॅ. चन्दर सोनाने-विनायक फीचर्स)

दिल्ली की विशेष सीबीआई कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सभी अन्य आरोपियों को आरोप तय होने से पहले ही आरोप मुक्त कर दिया। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार की आबकारी नीति में सीबीआई ने केजरीवाल को 176 और सिसोदिया को 530 दिन जेल में रखा था। जिस केस में ये जेल में रहे, उसे कोर्ट ने आरोप तय करने के लायक भी नहीं माना !

सीबीआई की विशेष कोर्ट के जस्टिस जितेन्द्र सिंह ने इस संबंध में कहा कि लोक सेवक को बिना सबूत के आरोपी बना दिया गया है। जाँच अधिकारी की जाँच की जाए। कोर्ट ने कहा कानूनी तौर पर ऐसी कोई सामग्री नहीं है, जिससे गंभीर संदेह बनता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि बिना स्वीकार्य सबूतों के आरोपियों को आपराधिक मुकदमे में घसीटना न्याय का दूरूपयोग और आपराधिक प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल होगा।

सीबीआई की विशेष कोर्ट का उक्त निर्णय यह बताता है कि सीबीआई हो या अन्य कोई जाँच एजेंसी, उनका निष्पक्ष होना प्रजातंत्र के लिए जरूरी है ! सामान्यतः सत्ता में बैठे लोग विपक्षी दलों की सरकारों को गिराने में और उसे बदनाम करने में इन जाँच एजेंसियों का दुरूपयोग करते आ रहे है।

देश में सरकार किसी की भी हो, वे विपक्षी दलों की सरकारों को बदनाम करने में जाँच एजेंसियों का उपयोग करती आ रही है। इसका लंबा इतिहास है। जब देश में श्रीमती इंदिरा गाँधी की सरकार थी, तब उन्होंने भी सीबीआई सहित सभी जाँच एजेंसियों का जमकर दुरूपयोग किया। वर्तमान की भाजपा सरकार भी इस मामले में कांग्रेस से अलग नहीं है, बल्कि उससे चार कदम आगे ही है !

राज्य हो या केन्द्र, किसी भी सरकार के लिए सक्षम विपक्ष प्रजातंत्र के लिए जरूरी है। विपक्ष यदि सक्षम होगा तो वह सरकार पर नकेल डाल सकेगा और सरकारें गलत फैसले लेने से बचती रहेगी। किन्तु अब ऐसा हो नहीं रहा है। यह प्रजातंत्र के लिए खतरा है।

दिल्ली की शराबनीति से जुड़े मामले में लंबी जाँच, गिरफ्तारियां और राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप के बाद जब अदालतें कई आरोपियों को राहत देती है या सबूतों की कमजोरी पर सवाल उठाती है, तो बहस केवल एक केस तक सीमित नहीं होती। यह बहस उस बड़े सवाल में बदल जाती है कि क्या भारत की राजनीति में आरोप ही सजा बनते जा रहे हैं ! दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया जैसे नेताओं पर कार्रवाई, जेल और हाल ही में न्यायिक राहत, इस पूरे क्रम ने एक बार फिर यह यक्ष प्रश्न खड़ा कर दिया है कि जाँच एजेंसियों, न्यायिक प्रक्रिया और राजनैतिक नैरेटिव के बीच संतुलन कहाँ है ?

अन्ततः यह बहस किसी एक पार्टी की जीत या हार की नहीं है। यह उस लोकतांत्रिक संतुलन की बहस है, जिसमें एजेंसियाँ स्वतंत्र रहे, राजनीति जवाबदेह रहे और न्यायिक प्रक्रिया समयबद्ध हो। आरोप जरूरी हो सकते हैं, पर लोकतंत्र की मजबूती इस बात में है कि अंतिम सत्य आरोप नहीं, बल्कि प्रमाण और न्यायिक निष्कर्ष तय करें।

देश के प्रजातंत्र में अनेक उतार-चढ़ाव आते रहे हैं। समय साक्षी है। सबका हिसाब-किताब होता है। देश के प्रजातंत्र के हित में यह जरूरी है कि देश की सभी जाँच एजेंसियां निष्पक्ष हो और अपने दायरे में रहकर कार्य करें, तभी प्रजातंत्र जिंदा रह सकेगा।

(विनायक फीचर्स)

1.62 लाख से अधिक परिवारों को उज्ज्वला कनेक्शन, होली पर मुफ्त रिफिल की सौगात

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फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत वर्ष 2016 से अब तक जनपद फर्रुखाबाद में कुल 1,62,447 पात्र परिवारों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इनमें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के 93,238, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के 19,415 तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के 49,794 लाभार्थी शामिल हैं। योजना के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाते हुए स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2023-24 से पर्व एवं त्योहारों पर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दो निःशुल्क रिफिल उपलब्ध कराने की घोषणा के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी यह सुविधा जारी रखी गई है। दीपावली पर्व पर एक निःशुल्क गैस सिलेंडर रिफिल पहले ही वितरित किया जा चुका है, जबकि होली पर्व के अंतर्गत जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक दूसरा निःशुल्क रिफिल उपलब्ध कराया जा रहा है।

वर्तमान में जनपद में घरेलू गैस सिलेंडर रिफिल का उपभोक्ता मूल्य 876 रुपये निर्धारित है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 323.24 रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 552.76 रुपये की सब्सिडी अनुमन्य है। लाभार्थियों को पहले सिलेंडर की बुकिंग कर 876 रुपये का भुगतान कर रिफिल प्राप्त करना होता है, जिसके बाद केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पूरी सब्सिडी की धनराशि सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी जाती है। इस प्रकार लाभार्थियों को गैस रिफिल निःशुल्क प्राप्त होती है।

होली पर्व के अवसर पर जनपद के 1,62,447 लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से कुल 8,97,94,203.72 रुपये की धनराशि उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है।

इसी क्रम में फर्रुखाबाद स्थित ऑफिसर क्लब में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सांसद फर्रुखाबाद की उपस्थिति में देखा गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी एवं उज्ज्वला योजना के नोडल अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। लगभग 400 लाभार्थियों ने सजीव प्रसारण देखा। कार्यक्रम के उपरांत 250 लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए गए तथा उज्ज्वला कनेक्शन के अंतर्गत निःशुल्क सिलेंडर, चूल्हा और अन्य उपकरण वितरित किए गए।

अंजाम गुलिस्तां कुछ भी हो, कलम गरजती रहेगी

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अपराध और अपराधियों के खिलाफ शंखनाद जारी रहेगा

जाति और धर्म के नाम पर समर्थन करने वालों की परवाह नही, यहां न फर्जी मुकदमों से भय, न मौत से

समाज में कानून का राज स्थापित करने के लिए अब निर्णायक समय आ चुका है। अपराध और अपराधियों के खिलाफ शंखनाद हो चुका है। प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया के तहत लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि आम जनता को भयमुक्त वातावरण मिल सके। हाल के दिनों में विभिन्न जिलों में संगठित अपराध, भू-माफिया, गैंगस्टर और असामाजिक तत्वों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है। पुलिस और प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। जो भी व्यक्ति अपराध में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब शासन-प्रशासन अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है, तो उसका सीधा लाभ समाज को मिलता है। निवेश, व्यापार और सामाजिक समरसता तभी संभव है जब कानून-व्यवस्था मजबूत हो। हालांकि यह भी जरूरी है कि कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिक दायरे में हो, ताकि किसी निर्दोष को परेशानी न हो। कानून का सख्त और न्यायपूर्ण क्रियान्वयन ही स्थायी समाधान है।

जनता भी अब खुलकर अपराध के खिलाफ आवाज उठा रही है। सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि भयमुक्त समाज ही विकास की पहली शर्त है।स्पष्ट है अपराध और अपराधियों के खिलाफ यह शंखनाद केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि पूरे समाज का है। यहां यह भी बता दें कि जाति और धर्म के नाम पर समर्थन कर दुष्प्रचार करने वालों की हमें या हमारे मीडिया हाउस को परवाह नही है। यहां न फर्जी मुकदमों से भय है और न मौत से।

जानकार जानते ही होंगे कि हम आधा सैकड़ा से भी जयादा फर्जी मुकदमें माफिया तंत्र और नॉन प्रक्टिशनर वकीलों दागी और दबंग सफेद पोशों से पहले भी नही दबे, हमने इंसानियत को जिंदा रखने के लिए कलम उठाई थी जो आज भी बरकरार है, हम किसी राजनैतिक दल की न तो ढाल बने न किसी अपराधी और किसी भी समाज के सामाजिक संगठन के संरक्षणदाता। हम केवल पत्रकार हैं हमारी जाति भारतीय है और हमारा धर्म इंसानियत।