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Wednesday, May 13, 2026
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UP Constable Exam: पेपर लीक की अफवाह फैलाने पर सपा नेता पर एफआईआर दर्ज

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Yasar Shah
Yasar Shah

लखनऊ। यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा (UP Constable Exam)  के पेपर लीक (Paper Leak) होने की सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। टेलीग्राम चैनल पर इस तरह के मैसेज प्रसारित करने वालों पर पुलिस भर्ती बोर्ड (Police Recruitment Board) ने हुसैनगंज थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है।

वहीं, भर्ती को लेकर एक्स पर असत्य और अपमानजनक पोस्ट पर सपा के पूर्व मंत्री यासर शाह (Yasar Shah) को भी आरोपी बनाया गया है। साइबर सेल की टीम व एसटीएफ को जांच में लगाया गया है। भर्ती बोर्ड मीडिया सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर सतेंद्र कुमार की तहरीर पर दर्ज केस में बताया गया है कि कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने की अफवाह फैला रहे हैं। अभ्यर्थियों को धोखा देकर उनसे ठगी की कोशिश कर रहे हैं।

टेलीग्राम पर चल रहे चैनल @upp paper leak 2024, @VENOM व PROOF OF STUDENT के अलावा आदित्य तोमर के टेलीग्राम अकाउंट के जरिये फर्जी प्रश्नों को वायरल कर क्यूआर कोड भेजकर रुपयों की मांग की जा रही है। कई अन्य टेलीग्राम अकाउंट से भी यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज कर टीमों को मामले की तफ्तीश में लगाया है।

यूपीआई आईडी वालों पर शिकंजा

फर्जी पेपर लीक भेजकर जिनकी यूपीआई आईडी रुपये लेने के लिए भेजी गई है, उनको भी केस में आरोपी बनाया गया है। इसमें शोएब नबी सोफी, हरीश कुमार भगत, मनु कुमार, कपिल और सिद्घार्थ गुप्ता शामिल हैं। डिलाइट इंटरप्राइजेज फर्म का भी क्यूआर कोड शेयर किया गया है। बैंक डिटेल की मदद से पुलिस इन सभी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

पूर्व मंत्री पर गंभीर आरोप

एफआईआर के मुताबिक सपा के पूर्व मंत्री यासर शाह (Yasar Shah) ने अपने एक्स अकाउंट @yasarshah_sp से भर्ती पेपर लीक होने का असत्य व अपमानजनक पोस्ट किया है। एफआईआर में ये भी दावा किया गया है कि अन्य आरोपियों की तरह यासर शाह ने भी अलग-अलग ग्रुप व अकाउंट बनाए हैं। क्यूआर कोड भेजकर धन उगाही करने व शासन की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस अफसरों ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें

पुलिस अफसरों ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। बिना किसी संदेह के परीक्षा में शामिल हों। अगर कोई भी शख्स उनसे पेपर लीक आदि की बात कहकर संपर्क कर रकम मांगे तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।

माफिया अनुपम दुबे के गुर्गों पर पुलिस की कार्रवाई में ढिलाई, सोशल मीडिया पर बढ़ी दबंगई

ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस, एसटीएफ समेत कई एजेंसियां लगाई गई हैं। सोशल मीडिया की भी निगरानी की जा रही है जिससे अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जा सके।

UP Constable Exam:15000 मोबाइल सर्विस लांस पर, STF-क्राइम ब्रांच तैनात

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UP Police Constable Exam started today
UP Police Constable Exam started today

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 67 जिलों में 1174 परीक्षा केंद्रों पर करीब नौ लाख 60 हजार अभ्यर्थी शुक्रवार को सिपाही भर्ती (Constable Exam) परीक्षा देंगे। इसी साल फरवरी में हुई यह परीक्षा पर्चा लीक होने की वजह से रद्द कर दी गई थी। इसके बाद ही अब पांच चरणों में यह परीक्षा 23 अगस्त से शुरू हो रही है। यही वजह है कि इस बार सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रदेश में 10 हजार से अधिक पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। परीक्षा केन्द्रों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।

15 हजार नम्बर सर्विलांस पर, व्हाट्सएप चैट की भी निगरानी

परीक्षा (Constable Exam) के लिए एसटीएफ, क्राइम ब्रांच, एलआईयू व तीन अन्य बड़ी एजेन्सियां 15 हजार से अधिक नम्बर सर्विलांस पर ले चुकी है। व्हाटसएप चैट के साथ ही सोशल मीडिया व अन्य चैनलों पर इस परीक्षा से जुड़ी हर सूचना व अफवाह पर नजर रखी जा रही है।एसटीएफ व क्राइम ब्रांच ने डेरा डाला जिलों में एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने जिलों में अपनी टीम को सक्रिय कर दिया है।

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए नौ स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं और जिलों के साइबर पुलिस स्टेशन को नियंत्रण कक्ष के रूप में नामित किया गया है। परीक्षा केंद्र व्यापक पुलिस उपस्थिति और सीसीटीवी निगरानी के साथ कड़ी निगरानी में है।

आज की परीक्षा में 9 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी, STF-क्राइम ब्रांच तैनात

उत्तर प्रदेश में 10 हजार से अधिक पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। परीक्षा केन्द्रों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने परीक्षा से जुड़े कई बिन्दुओं पर पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डीजी राजीव कृष्ण से परीक्षा को लेकर कई बिन्दुओं पर चर्चा की। सभी जिलों के कप्तानों को सुरक्षा से जुड़े कई निर्देश दिए गए।

पुलिस भर्ती परीक्षा केंद्रों का जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा निरीक्षण

अब तक की जांच में करीब 20 हजार अभ्यर्थियों के आधार कार्ड संदिग्ध लगे हैं। इन सभी की आईडी का सत्यापन ठीक से कराने के लिये सम्बन्धित परीक्षा केन्द्र के प्रभारियों और वहां पहुंचने वाले अफसरों को बता दिया गया है।

माफिया अनुपम दुबे के गुर्गों पर पुलिस की कार्रवाई में ढिलाई, सोशल मीडिया पर बढ़ी दबंगई

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। माफिया अनुपम दुबे के गुर्गे विमलेश दुबे, अनूप राठौर, रच्छू ठाकुर और उनके अन्य साथियों पर मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस की ढिलाई के चलते उनके हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। इन अपराधियों पर दर्ज मामले के बावजूद, पुलिस ने अभी तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। यह स्थिति आम जनमानस में असंतोष और डर का माहौल पैदा कर रही है, वहीं सोशल मीडिया पर भी इनकी दबंगई साफ दिखाई दे रही है।
विमलेश दुबे और उनके साथियों की गतिविधियां सोशल मीडिया पर सक्रिय रूप से देखी जा रही हैं, जहां वे अपनी ताकत और हनक का प्रदर्शन कर रहे हैं। लोग इनकी दबंगई से खौफज़दा हैं, और इसे लेकर प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
कई पीडि़त अपने मामलों को लेकर लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन पुलिस की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद गिरफ्तारी की कोई योजना नहीं बनाई गई है।
पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई बेहद हल्की साबित हुई है, जिसके कारण आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और अपराधियों के हौसले और बढ़ रहे हैं। लोग अब पुलिस से त्वरित और सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा कायम हो सके। फर्रुखाबाद में पिछले छह महीनों में माफिया अनुपम दुबे और उनके गुर्गों के खिलाफ दर्ज कुल मामलों की संख्या 15 है, जिनमें से सिर्फ 3 मामलों में गिरफ्तारी हुई है। इसके अलावा, 12 मामलों में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस दौरान, लगभग 50 से अधिक पीडि़तों ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन उन्हें अब तक निराशा ही हाथ लगी है।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जल्द ही योजना बनाई जाएगी और कानून का पालन करते हुए सख्त कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, अब तक के हालात से जनता में निराशा का माहौल बना हुआ है। पुलिस की इस सुस्त कार्यशैली पर लोग सवाल उठा रहे हैं और जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फर्रुखाबाद में इस मामले को लेकर बढ़ती चिंता और असंतोष को देखते हुए, पुलिस की जल्द और प्रभावी कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है, बल्कि जनता के विश्वास को बहाल करने के लिए भी जरूरी है।

पुलिस भर्ती परीक्षा केंद्रों का जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा निरीक्षण

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। आज जिलाधिकारी डॉ. वी. के. सिंह और पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने संयुक्त रूप से जिले में आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा के विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने क्रिश्चियन इंटर कॉलेज, बद्री विशाल डिग्री कॉलेज, और महावीर इंटर कॉलेज नगला खैरबन्द के परीक्षा केंद्रों का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा के सफल एवं निष्पक्ष संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सुनिश्चित किया कि परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं, जैसे सुरक्षा, निगरानी, और परीक्षा सामग्री का वितरण, सुचारू रूप से हो रहा है।
जिलाधिकारी डॉ. वी. के. सिंह ने कहा कि पुलिस भर्ती परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधियों को सख्ती से रोका जाए और इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने परीक्षा के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा प्रबंधों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस बल को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पूरी तत्परता से अपने कर्तव्यों का पालन करें।
इस संयुक्त निरीक्षण से प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा के सफल आयोजन के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ी जाएगी, ताकि योग्य उम्मीदवारों को उनका हक मिल सके।

मुश्किलों में पड़ा ये दिग्गज क्रिकेटर, लगा हत्या का आरोप

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Shakib Al Hasan
Shakib Al Hasan

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन (Shakib Al Hasan) मुश्किलों में पड़ गए हैं। शाकिब अल हसन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। बांग्लादेश न्यूज वेबसाइट ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक मृतक रुबेल के पिता रफीकुल इस्लाम ने गुरुवार को ढाका के अदबोर पुलिस स्टेशन में शाकिब के खिलाफ मामला दर्ज कराया। रुबेल एक कपड़ा श्रमिक थे, जिनकी एक प्रदर्शन के दौरान मौत हो गई थी।

शाकिब (Shakib Al Hasan) के अलावा एक्टर फिरदौस अहमद के खिलाफ भी हत्या का केस दर्ज किया गया है। शाकिब इस मामले में 28वें जबकि फिरदौस 55वें आरोपी है। अन्य आरोपियों में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, ओबैदुल कादर और 154 अन्य लोग शामिल हैं। करीब 400-500 अज्ञात लोग भी आरोपी बनाए गए हैं।

कथित तौर पर 5 अगस्त को रुबेल ने एडबोर में रिंग रोड पर एक विरोध मार्च में हिस्सा लिया था। रैली के दौरान, किसी ने कथित तौर पर एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत भीड़ पर गोलियां चला दीं, जिसके परिणामस्वरूप रुबेल को छाती और पेट में गोली लगी। रुबेल को अस्पताल ले जाया गया। लेकिन 7 अगस्त को उन्होंने दम तोड़ दिया।

बता दें कि शाकिब अल हसन (Shakib Al Hasan) और फिरदौस अहमद इस साल जनवरी आवामी लीग के टिकट पर सांसद चुने गए थे। हालांकि शेख हसीना सरकार के सत्ता से बेदखल होने के चलते उन दोनों की सांसदी छिन गई। शाकिब अल हसन फिलहाल पाकिस्तान दौरे पर हैं, जहां बांग्लादेश की टीम मेजबान देश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है।

केजरीवाल अभी जेल में ही रहेंगे, जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली

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Arvind Kejriwal
Arvind Kejriwal

नई दिल्ली। दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। सुप्रीम कोर्ट अब केजरीवाल की जमानत याचिका और गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर 6 सितंबर को सुनवाई करेगी। दरअसल, सुनवाई से पहले सीबीआई ने जमानत याचिका के खिलाफ जवाब दाखिल कर दिया। गिरफ्तारी के खिलाफ दायर किए जाने वाला हलफनामा दाखिल करने के लिए सीबीआई ने समय मांगा, जिसकी वजह से सुनवाई टली।

CBI ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा

उधर, सीबीआई ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की जमानत अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल कर दिया है। सीबीआई ने जमानत अर्जी में दी गई दलीलों का विरोध किया है। केंद्रीय एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट से केजरीवाल की जमानत याचिका खारिज करने की गुजारिश की है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शराब घोटाले से जुड़े सीबीआई के केस में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की न्यायिक हिरासत 27 अगस्त तक बढ़ा दी है। स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने केजरीवाल की न्यायिक हिरासत पर यह फैसला सुनाया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित शराब घोटाला मामले में पूछताछ के बाद ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था।

पुलिस भर्ती परीक्षा शुरू, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

हालांकि, लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली थी। अरविंद केजरीवाल को कोर्ट से 10 मई से 1 जून तक के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी। वहीं, इसकी टाइमिंग पूरी होने पर अरविंद केजरीवाल ने 2 जून को सरेंडर किया था और फिलहाल वह तिहाड़ जेल में बंद हैं।