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Wednesday, May 13, 2026
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पुलिस भर्ती परीक्षा शुरू, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। पुलिस भर्ती परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आज से शुरू हो गई है। प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से, सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है, और कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी ड्रोन कैमरों से भी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक पुलिस अधिकारी के साथ भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है। जनपद में कुल 18 पुलिस भर्ती परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 12,000 परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा की शुरुआत से करीब 2 घंटे पूर्व ही परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश दिया जाने लगा था। इस परीक्षा के महत्व को देखते हुए, जनपद को दो जोन और एक सुपर जोन में विभाजित किया गया है, जिनकी निगरानी के लिए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को सुपर जोन मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।
सीडीओ ने क्रिश्चियन इंटर कॉलेज और बद्री विशाल डिग्री कॉलेज सहित अन्य परीक्षा केंद्रों का दौरा कर वहां की सुरक्षा और परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
फर्रुखाबाद जनपद में इस महत्वपूर्ण परीक्षा के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन के लिए प्रशासन ने हर संभव प्रयास किए हैं।

फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे: जिले के विकास का नया आयाम

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले को विकास की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना का शुभारंभ किया गया है। यह परियोजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य जिले को उत्तर प्रदेश के प्रमुख मार्गों और शहरों से सीधे जोडऩा है।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
त्रिकोणीय एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी:
– बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे: यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र को अन्य महत्वपूर्ण मार्गों से जोड़ता है, जिससे क्षेत्र में यात्रा और परिवहन की सुविधा मिलती है।
– गंगा एक्सप्रेसवे: यह एक्सप्रेसवे राज्य के विभिन्न हिस्सों को गंगा नदी के किनारे बसे शहरों से जोडऩे का कार्य करता है, जिससे धार्मिक और पर्यटन महत्व के स्थानों तक पहुंच आसान होती है।
– लिंक एक्सप्रेसवे: 92 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे फर्रुखाबाद को हरदोई और मैनपुरी से जोड़ेगा। इस नए एक्सप्रेसवे के माध्यम से यात्रियों को सीधा और त्वरित मार्ग मिलेगा, जिससे यात्रा का समय कम होगा और यातायात का दबाब कम होगा।
अनुमानित लागत और वित्तीय प्रबंधन
– इस परियोजना के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 6600 करोड़ का बजट आवंटित किया है।
– इस राशि का उपयोग न केवल एक्सप्रेसवे के निर्माण में किया जाएगा, बल्कि इसके साथ-साथ अन्य संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे पुल, सर्विस रोड, रेस्ट एरिया और सुरक्षा उपायों के विकास में भी किया जाएगा।
– इस परियोजना में स्वदेशी और विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी भी हो सकती है, जिससे तकनीकी उन्नति और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
आर्थिक एवं सामाजिक लाभ
रोजगार के अवसर: एक्सप्रेसवे के निर्माण से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे। निर्माण कार्य में सैकड़ों लोगों को काम मिलेगा, जबकि एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद भी रखरखाव और अन्य सेवाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
– व्यापारिक विकास: लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से व्यापारियों को अपने उत्पादों को तेजी से बाजार में पहुंचाने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय उद्योगों और कृषि उत्पादकों को भी फायदा होगा।
– कृषि और खाद्य आपूर्ति: एक्सप्रेसवे के माध्यम से कृषि उत्पादों की आपूर्ति समय पर और सुरक्षित ढंग से की जा सकेगी, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिलेगा और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव
– परियोजना के तहत ग्रीन बेल्ट और पर्यावरण अनुकूल उपायों का भी ध्यान रखा जाएगा। एक्सप्रेसवे के किनारे पेड़ लगाने और ईको-फ्रेंडली तकनीक के इस्तेमाल से पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
– ग्रामीण क्षेत्रों में इससे जुड़ी परियोजनाओं के माध्यम से सामाजिक सुधार की दिशा में भी काम किया जाएगा, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रमुख योजनाएँ और कार्यक्रम
– इस एक्सप्रेसवे के साथ-साथ अन्य योजनाओं जैसे रेस्ट एरिया, फूड प्लाजा, और इमरजेंसी सेवाओं को भी विकसित किया जाएगा, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव हो।
– गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे, जिससे पर्यटकों को सुविधाएं मिलें और क्षेत्र का विकास हो।
भविष्य की संभावनाएँ
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना न केवल जिले की कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगी बल्कि यह पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास का आधार बनेगी। इससे न केवल स्थानीय लोगों की जीवनशैली में सुधार होगा बल्कि व्यापार और उद्योगों के लिए भी नए अवसर सृजित होंगे।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे से जिले की कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा, जिससे न केवल क्षेत्र का विकास होगा बल्कि राज्य की आर्थिक धारा में भी यह एक महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस परियोजना से फर्रुखाबाद के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोडऩे के प्रयास को एक नई दिशा मिलेगी और प्रदेश के विकास में जिले का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।

युद्ध के बीच यूक्रेन पहुंचे नरेंद्र मोदी, किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा

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PM Modi
PM Modi

कीव। रूस की यात्रा के ठीक 6 हफ्ते बाद प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi)  की यूक्रेन यात्रा काफी ऐतिहासिक मानी जा रही है। प्रधानमंत्री के यूक्रेन दौरे पर दुनिया की नजर है। पीएम मोदी यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ युद्ध में शांति लाने के प्रयासों समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे। राष्ट्रपति जेलेंस्की के निमंत्रण पर पीएम मोदी यूक्रेन की यात्रा पर कीव पहुंचे हैं।

यूक्रेन की राजधानी कीव में पीएम मोदी (PM Modi)  का शानदार स्वागत किया गया। भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। कीव में लगभग सात घंटे रुकने के दौरान मोदी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात करेंगे। प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे।

किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला यूक्रेन दौरा

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi)  को यूक्रेन आने का न्योता दिया था। 1991 में यूक्रेन एक अलग देश बना था। इसके बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री वहां नहीं गए। 1992 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। यूक्रेन जाने से पहले पीएम मोदी ने शांति का संदेश दिया था। पीएम मोदी ने कहा था मानवता पहले हैं।

यूक्रेन दौरे पर जयशंकर और अजीत डोभाल भी हैं साथ

प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi)  किसी भी वक्त यूक्रेन पहुंच सकते हैं। वह विशेष रेल फोर्स वन ट्रेन से कीव पहुंचेंगे। वह सबसे पहले भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात करेंगे। वह भारतीय लोगों से मिलकर यह जानने की कोशिश करेंगे कि उन्होंने युद्धग्रस्त यूक्रेन में किन हालातों का सामना किया है? इसके साथ ही वह भारत के इतिहास और संस्कृति में दिलचस्पी रखने वाले यूक्रेन के लोगों से भी मिलेंगे।

इसके बाच पीएम मोदी की राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ बहुप्रतीक्षित मुलाकात होगी। इस दौरे पर पीएम मोदी के साथ विदेश मंत्री जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी हैं।

जानें श्री कृष्ण को कौन से फूल हैं पसंद, किस पुष्प की माला करें अर्पण

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Janmashtami
Janmashtami

26 अगस्त को श्रीकृष्‍ण जन्माष्टमी ( Janmashtami) का पर्व पूरे विश्‍व में मनाया जाएगा। कृष्‍ण जन्माष्टमी ( Janmashtami) के दिन मंदिरों में श्रीकृष्‍ण का श्रृंगार किया जाता है जिसमें उनकी पसंद के फूलों से झूला और मंदिर को सजाया जाता है। आओ जानते हैं कि श्रीकृष्‍ण कौनसे फूल पसंद हैं और कौनसे फूलों की वे माला पहनते हैं।

1. कृष्णकमल : इसे राखी का फूल भी कहते हैं। इस फूल को घर में लगाने से जीवन में शांति, सुख, समृद्धि, उन्नति और सभी तरह के योग बनते हैं। इसे बहुत ही शुभ माना जाता है।

2. हरसिंगार : पारिजात के फूलों को हरसिंगार और शैफालिका भी कहा जाता है। यह फूल जिसके भी घर-आंगन में खिलते हैं, वहां हमेशा शांति और समृद्धि का निवास होता है।

3. कुमुदिनी : कुमुदिनी के पत्र-पुष्प जल की सतह पर ही तैरते रहते हैं। श्रीकृष्‍ण को यह प्रिय है।

4. वैजयंती : श्रीकृष्ण वैजयंती के फूलों की माला धारण करते हैं। वैजयंती फूलों का बहुत ही सौभाग्यशाली वृक्ष होता है।

5. मालती : मधुमालती की बेल होती है। इसके फूल बहुत ही सुगंधित होते हैं। इसकी भीनी-भीनी महक से तन और मन को ठंडक का अहसास होता है।

6. पलाश : इसे टेसू के फूल भी कहते हैं। यह होली के आसपास खिलते हैं।

7. वनमाला : श्रीकृष्ण को वनमाला के फूल भी पसंद हैं।

8. चणक : इस फूल का भी उल्लेख मिलता है जो श्रीकृष्‍ण को प्रिय है।

9. चंपा : चंपा के खूबसूरत, मंद, सुगंधित हल्के सफेद, पीले फूल अक्सर पूजा में उपयोग किए जाते हैं।

10. रजनीगंधा : रजनीगंधा का पौधा पूरे भारत में पाया जाता है।

इसके अलावा गुलाब, सदाफूली, अमलतास, बेला, गेंदा, मोगरा आदि।

जन्माष्टमी पर कपड़ों को लेकर बिल्कुल न हों कन्फ्यूज, सिर्फ इन्हीं रंगों को करें धारण

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Janmashtami
Janmashtami

जन्माष्टमी (Janmashtami) भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस साल कृष्ण जन्माष्टमी 26 अगस्त 2024 को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान कृष्ण के बाल रूप की पूजा की जाती है।

पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 25 अगस्त 2024 दिन रविवार को दोपहर 3 बजकर 39 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन सोमवार, 26 अगस्त 2024 को सुबह 02:19 बजे होगा। ऐसे में जन्माष्टमी 26 अगस्त को मनाई जाएगी।

जन्माष्टमी (Janmashtami) 2024 शुभ मुहूर्त

इस साल जन्माष्टमी (Janmashtami) पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। योग का समय 26 अगस्त को दोपहर 03:55 बजे से 27 अगस्त को सुबह 05:57 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि इस योग में लड्डू गोपाल की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

जन्माष्टमी (Janmashtami) के दौरान पूजा का शुभ समय देर रात 12 बजे से 12.45 बजे (27 अगस्त) तक है। आप इस मुहूर्त में बाल गोपाल की पूजा कर सकते हैं।

जन्माष्टमी (Janmashtami) पर पहनें इस रंग के कपड़े

श्रीकृष्ण का रंग-रूप अत्यंत आकर्षक था। गोपियां श्यामवर्ण के कृष्ण की एक झलक पाने के लिए बहुत प्रयास करती थीं। श्रीकृष्ण को कुछ रंग बहुत प्रिय थे। कहा जाता है कि कृष्ण जन्माष्टमी के दौरान इन रंगों के कपड़े पहनने से बाल गोपाल का आशीर्वाद मिलता है।

श्रीकृष्ण को गुलाबी, लाल, पीला और मोरपंखी रंग बहुत प्रिय है। 26 अगस्त को जन्माष्टमी (Janmashtami) के मौके पर इन रंगों के कपड़े पहनना शुभ होता है। माना जाता है कि मां यशोदा भी कान्हा को ज्यादातर इन्हीं रंगों के कपड़े पहनाती थीं।

श्रृंगार में शामिल करें ये चीजें

– बाल गोपाल को गोपी चंदन बहुत प्रिय है। इसे जन्माष्टमी पूजा में प्रयोग करें और खुद भी गोपिका चंदन का तिलक लगाएं। इससे मानसिक तनाव दूर होता है।
– जन्माष्टमी के दिन रातरानी के फूलों का इत्र लगाना अच्छा होता है। श्रीकृष्ण के शरीर से भी मादक गंध आती थी। शास्त्रों के अनुसार, कान्हा के शरीर से अष्टगंध की सुगंध आती थी।
– अष्टगंध की सुगंध से भगवान कृष्ण शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। कान्हा जी को बांसुरी बहुत प्रिय है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में बांसुरी रखने से सुख-समृद्धि आती है।

‘… कम से कम हंसिए मत’, सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल पर भड़के एसजी मेहता

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SG Tushar Mehta gets angry at Kapil Sibal
SG Tushar Mehta gets angry at Kapil Sibal

नई दिल्ली। कोलकाता मामले पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल कथित तौर पर हंसने लगे। जिसके कारण सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने वरिष्ठ वकील (Kapil Sibal) को फटकार लगाते हुए कहा कि ‘कोई मर गया है, कम से कम हसिए तो मत।’

सर्वोच्च न्यायालय ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 9 अप्रैल को महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ कथित बलात्कार एवं हत्या की घटना का स्वत: संज्ञान लिया है। सिब्बल (Kapil Sibal) पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जबकि तुषार मेहता केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से पेश हुए हैं, जो कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर मामले की जांच कर रही है।

सिब्बल (Kapil Sibal) और मेहता के बीच हो रही थी बहस

हंसी की यह घटना उस समय हुई जब सुप्रीम कोर्ट में बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष सिब्बल (Kapil Sibal) और सॉलिसिटर जनरल (एसजी) मेहता के बीच बहस चल रही थी। एसजी पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने में ‘खामियों’ की ओर इशारा कर रहे थे।

हंसने पर एसजी ने लगाई फटकार

सॉलिसिटर जनरल ने कथित रूप से हंसते हुए प्रतिद्वंद्वी को जवाब दिया, ‘एक लड़की ने सबसे अमानवीय और असम्मानजनक तरीके से अपनी जान गंवा दी है। कोई मर गया है। कम से कम हंसो मत।’ इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बीजेपी नेता ने वीडियो किया शेयर

32 सेकंड की इस क्लिप को शेयर करते हुए भाजपा के अमित मालवीय ने सिब्बल की आलोचना की। मालवीय ने लिखा, ‘ये पूरी तरह से असंवेदनशीलता है। ममता बनर्जी की तरह, पूर्व कांग्रेसी कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाली कानूनी टीम ने युवा डॉक्टर की हत्या करने के लिए किसी भी तरह का पश्चाताप नहीं दिखाया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को कपिल सिब्बल को याद दिलाना पड़ा कि हंसना नहीं चाहिए।’