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Sunday, April 5, 2026
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48 घंटे में शेख हसीना छोड़ सकती हैं भारत, ये देश हो सकता है नया ठिकाना

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Sheikh Hasina
Sheikh Hasina

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) के लंदन जाने की योजना कुछ ‘अनिश्चितताओं’ के कारण अटक गई है और अगले कुछ दिनों तक उनके भारत से बाहर जाने की संभावना नहीं है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मीडिया खबरों के मुताबिक अगले 48 घंटे में शेख हसीना भारत छोड़कर यूरोप के किसी देश में जा सकती हैं।

प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के कुछ घंटों बाद सोमवार को हिंडन एयरबेस पर पहुंचीं हसीना (Sheikh Hasina) को एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। सूत्रों ने बताया कि हसीना अपनी बहन रेहाना के साथ अस्थायी शरण के लिए भारत से लंदन जाने वाली थीं, लेकिन अब वे अन्य विकल्पों पर विचार कर रही हैं, क्योंकि ब्रिटेन सरकार ने संकेत दिया है कि उन्हें उनके देश में हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर किसी भी संभावित जांच के खिलाफ ब्रिटेन में कानूनी सुरक्षा नहीं मिल सकती है।

सूत्रों ने बताया कि अवामी लीग की नेता हसीना (Sheikh Hasina) ने भारत के रास्ते लंदन जाने की योजना बनाई थी और उनके सहयोगियों ने हिंडन पहुंचने से पहले भारतीय अधिकारियों को इस बारे में सूचित कर दिया था।

हसीना ने लंदन जाने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि रेहाना की बेटी ट्यूलिप सिद्दीक ब्रिटिश संसद की सदस्य हैं। ट्यूलिप वित्त मंत्रालय में आर्थिक सचिव हैं और हैम्पस्टेड और हाईगेट से लेबर पार्टी की सांसद हैं।

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने सोमवार को लंदन में एक बयान में कहा कि बांग्लादेश ने पिछले कुछ हफ्तों में अभूतपूर्व स्तर की हिंसा और जान-माल की दुखद हानि देखी है और देश के लोग ‘घटनाओं की संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में पूर्ण और स्वतंत्र जांच के हकदार हैं।’

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि हसीना ने भारत को अपने संभावित भावी कदमों के बारे में जानकारी दे दी है। यह भी पता चला है कि हसीना के परिवार के सदस्य फिनलैंड में भी हैं और इसीलिए उन्होंने उत्तरी यूरोपीय देश जाने पर भी विचार किया है।

सूत्रों ने कहा कि हसीना की यात्रा योजनाओं में कुछ अड़चन आ गई हैं और वह अगले कुछ दिनों तक भारत में ही रह सकती हैं। उन्होंने स्थिति को गतिशील भी बताया और कहा कि इस मामले में कोई निश्चित रास्ता या स्पष्टता नहीं है।

हसीना (76) ने बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। यह विरोध-प्रदर्शन नौकरी में आरक्षण योजना के खिलाफ शुरू हुआ था, लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद यह एक बड़े आंदोलन में बदल गया और हसीना को सत्ता से हटाने की मांग शुरू हो गई।

लंदन क्यों जाना चाहती थीं शेख हसीना : शेख हसीना ने गाजियाबाद में उतरते ही ब्रिटेन की यात्रा की अनुमति मांगी थी ताकि वे बांग्लादेश एयरफोर्स के उसी विमान से लंदन पहुंच सकें, जो उन्हें हिंडन एयर बेस लेकर पहुंचा था। उनके साथ दिल्ली आईं उनकी बहन शेख रेहाना के बास बांग्लादेश की दोहरी नागरिकता कानून के तहत यूके का भी पासपोर्ट है। रेहाना की बेटी ट्यूलिप सिद्दीक उत्तरी लंदन की एक सीट से लेबर पार्टी की मौजूदा सांसद भी हैं। वो ट्रेजरी और सिटी मिनिस्टर की इकोनॉमिक सेक्रेटरी भी हैं।

एसपी कार्यालय पर लगती फरियादियों की लंबी कतारें, थानों में नहीं होती सुनवाई

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिले में पुलिस थानों की कार्यप्रणाली को लेकर नागरिकों में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है। थानों में अपनी समस्याओं की सुनवाई नहीं होने के कारण फरियादी बड़ी संख्या में एसपी कार्यालय का रुख कर रहे हैं। इससे एसपी कार्यालय में फरियादियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
जनपद के विभिन्न थानों में पिछले एक महीने में शिकायतों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन उनमें से अधिकांश शिकायतें अनसुनी रह जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप फरियादी अपनी समस्याओं का समाधान पाने के लिए एसपी कार्यालय पहुंचते हैं।
जिले के 14 थानों में कुल 1500 शिकायतें दर्ज की गईं।इन शिकायतों में से केवल 500 शिकायतों पर ही कार्यवाही की गई है। रोजाना औसतन 100 से 150 फरियादी एसपी कार्यालय आते हैं।पुलिसकर्मियों द्वारा शिकायतों को गंभीरता से न लेना।कई मामलों में बिना रिश्वत के शिकायतों पर कार्यवाही नहीं होती। कई बार राजनीतिक दबाव के चलते पुलिसकर्मी निष्पक्ष कार्यवाही नहीं कर पाते फरियादियों को न्याय मिलने में देरी हो रही है। नागरिकों में आक्रोश बढ़ रहा है और वे विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं क्योंकि उन्हें पुलिस की निष्क्रियता का लाभ मिल रहा है।
राजेश कुमार, एक स्थानीय व्यापारी, ने कहा, थानों में कई बार जाने के बाद भी मेरी चोरी की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब मुझे एसपी कार्यालय आना पड़ा है।
एक किसान, ने कहा, “मेरी जमीन पर जबरन कब्जे की शिकायत को थाना स्तर पर नजरअंदाज कर दिया गया। मुझे न्याय पाने के लिए एसपी कार्यालय का सहारा लेना पड़ रहा है।
एसपी आलोक प्रियदर्शी ने कहा, हमने सभी थानों को निर्देश दिए हैं कि वे हर शिकायत को गंभीरता से लें और तुरंत कार्रवाई करें। फरियादियों की समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता है।
फर्रुखाबाद में पुलिस प्रशासन को सुधारने की सख्त जरूरत है ताकि नागरिकों को न्याय मिल सके और अपराधियों पर अंकुश लगाया जा सके। एसपी कार्यालय पर फरियादियों की लंबी कतारें इस बात का प्रमाण हैं कि थानों में कार्यवाही की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता है।

विकास कुमार के स्थानांतरण के बाद थमी अपराधियों पर मुहिम, अपराधों में वृद्धि

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिले के पूर्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास कुमार के स्थानांतरण के बाद अपराधियों के खिलाफ चल रही मुहिम में धीमापन आ गया है। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत शुरू किया गया अभियान भी अब कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। विकास कुमार के कार्यकाल में जहां अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही थी, वहीं उनके स्थानांतरण के बाद अपराधों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
विकास कुमार के कार्यकाल के दौरान जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार देखा जा रहा था। उनके जाने के बाद से अपराधियों के हौसले बुलंद होते नजर आ रहे हैं, जिससे आम जनता की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। नागरिकों का कहना है कि पुलिस की सक्रियता में कमी आई है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में भी ढिलाई बरती जा रही है।
अब देखना होगा कि जिले में नई पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति के बाद अपराधियों पर नकेल कसने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं और मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति को कैसे प्रभावी रूप से लागू किया जाता है।
जिले की जनता और सामाजिक संगठन अब उम्मीद कर रहे हैं कि नए पुलिस अधीक्षक अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे और कानून व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे।

आकाशीय बिजली से 6 लोगों की मौत, सीएम ने किया 4-4 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान

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नवादा। बिहार के नवादा जिले में बुधवार को बिजली (Lightning) गिरने से छह लोगों की मौत हो गई जबकि 3 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, ये घटनाएं औरेया, पकरीबरावां, कादिरगंज और रोह थाना क्षेत्रों में हुई हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिजली गिरने की इस घटना में हुई 6 मौतों पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

CM नीतीश ने लोगों से आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने की भी अपील की और खराब मौसम में घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी है।

बता दें कि एक अगस्त से अब तक राज्य के अलग-अलग जिलों में बिजली (Lightning) गिरने से 26 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

उपचुनाव में प्रदीप कुमार वर्मा 278 वोट पाकर विजय घोषित

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। ब्लाक मोहम्मदाबाद के ग्राम पंचायत नगला सूदन में प्रधान नन्हे लाल की कैंसर से मृत्यु हो जाने के उपरांत उपचुनाव करवाया गया। सुबह 8 बजे ब्लॉक मोहम्मदाबाद में मतदान पेटी खोली गई, जिसमें कुल 509 वोट पड़े थे।
प्रदीप कुमार वर्मा, जिनका चुनाव चिन्ह अनाज ओस्ता हुआ किसान था, को 278 वोट मिले और वह विजयी घोषित हुए। उनके प्रतिद्वंद्वी लक्ष्मीकांत, जिनका चुनाव चिन्ह इमली था, को 181 वोट मिले। तीसरे प्रत्याशी सुभाष चंद्र को कन्नी चुनाव चिन्ह पर 4 वोट मिले। कुल 45 मत खराब पाए गए।
जीते हुए प्रत्याशी प्रदीप कुमार वर्मा ने ब्लाक में मिठाई बांटकर अपने सभी कार्यकर्ताओं का स्वागत किया।
कोतवाली प्रभारी मनोज भाटी फोर्स के साथ ब्लाक पर मौजूद रहे। आरओ महेंद्र सिंह और एसडीएम (अंडर ट्रेनिंग) नीतीश जी तथा बीडीओ की मौजूदगी में गिनती पूर्ण करवाई गई।

डग्गेमार बस पकड़ी गई, रोडवेज बस अड्डे में सीज

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ. वी. के. सिंह के निर्देशन में अवैध रूप से संचालित वाहनों के विरुद्ध अभियान जारी है। इसी कड़ी में एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम, फर्रुखाबाद राजेश कुमार की टीम ने संयुक्त रूप से चेकिंग करते हुए एक बस को पकड़ा।
यह बस जयपुर से फर्रुखाबाद और हरदोई की सवारियां ले जा रही थी। चेकिंग के दौरान बस में निश्चित सीट क्षमता से अधिक सीटें पाई गईं। टीम ने बस को उत्तर प्रदेश रोडवेज के बस अड्डे पर सीज कर दिया और उस पर 45,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
इसी टीम ने कल भी जयपुर से सवारी लाने वाली एक अन्य बस को सीज किया था और उस पर ?30,000 का जुर्माना लगाया गया था। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।