यूथ इंडिया संवाददाता
अमृतपुर/फर्रुखाबाद। थाना क्षेत्र में निविया चौराहे के निकट उस समय हडक़ंप मच गया जब बदबू से आम जनता परेशान होने लगी। जब स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो देखा महिला का शव औंधे मुंह पड़ा हुआ है। जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। अचानक ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी तो मौके पर थाना अध्यक्ष योगेंद्र सिंह सोलंकी भारी फोर्स बल के साथ मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी रविंद्र नाथ राय फॉरेंसिक टीम लेकर पहुंचे।तथा जांच पड़ताल की। जब ग्रामीणों की भीड़ लग गई। तो शव मिलने की सूचना आग की तरह फैल गई। तभी थाना क्षेत्र के गांव बरुआ बमियारी निवासी युवक इंद्रपाल पुत्र दुर्विजय ने बताया कि उसने 6 महीने पहले तथा कथित शादी की थी। महिला शराब पीने की आदी थी। पति ने बताया01/08/24 को 500 रुपए मायके जाने के लिए मांगे लेकिन मायके न जाकर निविया चौराहे पर ही दारू पीकर घूमती रही। पति ने बताया कि काफी खोजबीन की लेकिन पता नहीं चला। चार दिन बाद महिला का सब निविया चौराहे के पास मिला। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही है। सीओ रविन्द्रनाथ राय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला अधेड़ महिला का शव
महिला इंस्पेक्टर संग सरकारी आवास पर बड़ी घटना ने किया खाकी को शर्मशार
यूथ इंडिया संवाददाता
आगरा। महिला इंस्पेक्टर के सरकारी आवास पर अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आया है। महिला इंस्पेक्टर और उनके मित्र, जो मुजफ्फरनगर में तैनात इंस्पेक्टर हैं, के साथ मारपीट हुई है। इस घटना पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
महिला इंस्पेक्टर और मुजफ्फरनगर में तैनात पुरुष इंस्पेक्टर के हाथ में फ्रेक्चर हुआ महिला इंस्पेक्टर की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज। पुरुष इंस्पेक्टर की पत्नी, साला, और एक अन्य पर जानलेवा हमले का मुकदमा।
महिला थाना प्रभारी के साथ हुई अभद्रता के दौरान पुलिसकर्मियों ने मदद करने के बजाय वीडियो बनाए। कर्तव्य में लापरवाही के चलते डीसीपी सिटी ने आठ पुलिस कर्मियों को दोषी माना है।
हेड कांस्टेबल हरिकेश और विशाल, महिला थाना की रेखा। दारोगा सुनील लाम्बा, दारोगा देवेंद्र, सिपाही अंकित, पीआरवी पर तैनात सिपाही गिरीश, चालक सिपाही राजेंद्र को निलंबित किया गया।
यह घटना पुलिस कमिश्नरेट के इतिहास में लापरवाही, साजिश और कर्तव्य अपरायणता का एक ऐतिहासिक मामला बन गई है। महिला प्रभारी से मन ही मन रंजिश मानकर पुलिसकर्मियों ने जानबूझकर यह रायता फैलाया था। घटना के बाद, पुलिस प्रशासन ने कठोर कदम उठाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। डीसीपी सिटी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित निर्णय लिया और दोषियों को सजा दी।
इस घटना ने समाज में पुलिस विभाग की छवि को प्रभावित किया है। आम जनता में इस बात को लेकर गुस्सा है कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही और आपसी रंजिश के चलते महिला इंस्पेक्टर और उनके मित्र को इस तरह की प्रताडऩा सहनी पड़ी।
मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी दोषियों को उचित सजा मिलेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।
बस और कार में हुई भीषण टक्कर, 7 यात्रियों की मौत
इटावा। इटावा में एक भीषण सड़क हादसे में सात लोगों की जान चली गई है। रायबरेली से दिल्ली जा रही एक डबल डेकर बस और कार के बीच टक्कर हो गई, जिसके बाद बस अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे से नीचे गड्ढे में गिर गई।
– इटावा एक्सप्रेसवे
– बस का रूट: रायबरेली से दिल्ली
– हादसे में मृत: 7 यात्री (बस और कार में सवार)
– गंभीर रूप से घायल: कई यात्री घायल हो गय।घटना के अनुसार, रायबरेली से दिल्ली जा रही डबल डेकर बस की कार से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे से नीचे गड्ढे में गिर गई। हादसे में बस और कार में सवार सात यात्रियों की मौत हो गई और कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। कुछ यात्रियों की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ-साथ दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने का काम भी किया गया।
स्थानीय प्रशासन ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि घायलों के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। साथ ही हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
इस हादसे ने इटावा एक्सप्रेसवे पर यातायात को प्रभावित किया। दुर्घटना स्थल पर जाम की स्थिति बन गई, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया।
इस हादसे ने यातायात सुरक्षा के मुद्दों को फिर से उजागर किया है। यात्री और स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
चोरों ने देर रात चार घरों को बनाया निशाना
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। नरसिंहपुर गांव में चोरों ने देर रात चार घरों को निशाना बनाकर ग्रामीणों में दहशत फैला दी। चोरों ने एक घर में अड्डा लगाकर चोरी की और तीन घरों के ताले तोड़े। इनमें से तीन घरों में चोरी करने में चोर सफल रहे, जबकि एक घर में चोरी करने का प्रयास विफल रहा।चोरों ने एक घर में अड्डा लगाकर कीमती सामान और नकदी की चोरी की।तीन घरों के ताले तोड़े गए, जिसमें से एक घर में चोरी करने में असफल रहे।दो अन्य घरों में चोरों ने कीमती सामान और नकदी चोरी कर ली।
इससे 12 दिन पहले भी नरसिंहपुर गांव में चोरी की घटना हुई थी, जिसमें चोरों ने कई घरों को निशाना बनाया था। लगातार हो रही इन घटनाओं ने ग्रामीणों को डरा दिया है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस का मानना है कि इन घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह का हाथ हो सकता है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लगातार हो रही इन चोरी की घटनाओं से नरसिंहपुर गांव के लोग भयभीत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें।चोरी की इन घटनाओं से प्रभावित परिवारों का कहना है कि चोरों ने न केवल उनके कीमती सामान और नकदी चुराए, बल्कि उनके घरों की शांति और सुरक्षा को भी छीन लिया है। परिवारों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का वादा किया है। उन्होंने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
फतेहगढ़ बार का स्वर्णिम इतिहास फिर जीवंत होगा : जवाहर सिंह गंगवार
यूथ इंडिया संवाददाता
फतेहगढ़, फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ बार एसोसिएशन का गौरवशाली इतिहास फिर से संजीवनी पा रहा है। 1901 में स्थापित इस बार ने दशकों तक न्यायिक प्रणाली में अहम भूमिका निभाई है। बार के अध्यक्ष जवाहर सिंह गंगवार ने इस बात का ऐलान करते हुए कहा कि बार का पुनर्निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और यह फिर से अपने पुराने स्वर्णिम स्वरूप में लौटने को तैयार है।
फतेहगढ़ बार एसोसिएशन की स्थापना 1901 में हुई थी। इसे फतेहगढ़ के न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है। प्रारंभ में यह बार ब्रिटिश शासनकाल के दौरान न्यायिक कार्यों के संचालन के लिए स्थापित की गई थी। बार ने स्वतंत्रता संग्राम के समय भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और कई स्वतंत्रता सेनानियों ने यहां से कानूनी सहायता प्राप्त की थी।
महत्वपूर्ण आंकड़े और जानकारी
– स्थापना वर्ष: 1901
– प्रमुख सदस्य: जवाहर सिंह गंगवार (वर्तमान अध्यक्ष), राजकुमार सिंह राठौर (पूर्व अध्यक्ष),राहुल मिश्र (प्रमुख वकील)
– सदस्य संख्या: 1000+ वकील
– प्रमुख कार्य: कानूनी सहायता, न्यायिक प्रशिक्षण, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान
प्रमुख घटनाएं और योगदान
स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका: फतेहगढ़ बार ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों को कानूनी सहायता प्रदान की थी। इसके कई सदस्यों ने सक्रिय रूप से स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया।
महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई: इस बार ने कई महत्वपूर्ण कानूनी मामलों की सुनवाई की है, जिनमें से कई मामलों ने देश के न्यायिक इतिहास में मील का पत्थर साबित हुए हैं।
न्यायिक प्रशिक्षण और विकास: फतेहगढ़ बार एसोसिएशन ने अपने सदस्यों को न्यायिक प्रशिक्षण और विकास के कई अवसर प्रदान किए हैं। इससे यहां के वकील न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सके हैं।
पुनर्निर्माण और सुधार
बार के अध्यक्ष जवाहर सिंह गंगवार ने कहा, फतेहगढ़ बार का इतिहास हमारी धरोहर है। इसे संरक्षित करना और नई पीढ़ी को इसके गौरव से अवगत कराना हमारा कर्तव्य है। हमने बार के पुनर्निर्माण के तहत साफ-सफाई और सुविधाओं का विस्तार किया है, जिससे वकीलों और नागरिकों को उच्च स्तरीय न्यायिक सेवाएं मिल सकें।
डिजिटल लाइब्रेरी: बार एसोसिएशन ने अपनी पुस्तकालय को डिजिटल करने की योजना बनाई है, जिससे वकील और सदस्य ऑनलाइन संसाधनों का लाभ उठा सकें।
नए प्रशिक्षण कार्यक्रम: नवोदित वकीलों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे वे न्यायिक प्रक्रियाओं में निपुण हो सकें।
सामाजिक जिम्मेदारियां: बार एसोसिएशन ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए विभिन्न सामाजिक गतिविधियों का आयोजन करने का निर्णय लिया है, जैसे कानूनी जागरूकता अभियान, नि:शुल्क कानूनी सहायता शिविर, आदि। फतेहगढ़ बार एसोसिएशन का पुनर्निर्माण कार्य न केवल इसके इतिहास को संरक्षित करेगा, बल्कि इसे नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचाएगा। यह बार आने वाले समय में भी न्यायिक प्रणाली में अपनी अहम भूमिका निभाता रहेगा।
उफान पर गंगा: दर्जनों गांवों में आफत, लोगों की मुश्किलें बढ़ीं
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रूखाबाद। उफान पर चल रही गंगा नदी के कारण जिले के दर्जनों गांवों में आफत का माहौल बना हुआ है। गंगा के आस-पास के कई गांवों में पानी भर जाने से लोग मुश्किल में हैं और स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
जलस्तर और बांधों से छोड़ा गया पानी नरौरा बांध 1,34,000 क्यूसेक, बिजनौर बैराज: 52,000 क्यूसेक, हरिद्वार बांध: 74,000 क्यूसेक।
फर्रुखाबाद में पांचाल घाट गंगा का जलस्तर 136.65 मीटर पर पहुंच गया है, जबकि रामगंगा में आज 4,124 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है और रामगंगा का जलस्तर 134.40 मीटर है।बाढ़ के पानी से तराई, गंगापार और कंपिल की कटरी इलाकों में लोगों में दहशत का माहौल है। गंगा नदी में नरौरा, हरिद्वार और बिजनौर बांधों से छोड़े गए पानी के कारण जलस्तर में और इजाफा होने की संभावना है। गंगा और रामगंगा का चेतावनी बिंदु: 136.60 मीटर पानी है।
स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए टीमों को तैनात कर दिया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
गांवों में पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। फसलें बर्बाद हो रही हैं और घरों में पानी घुस जाने से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन से राहत सामग्री और बचाव कार्यों में तेजी लाने की मांग की जा रही है।
राहत कार्यों में जुटी टीमों ने अब तक कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। नावों और बचाव उपकरणों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाई जा रही है। जिला प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना दें।





