यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में सुविधाओं की भारी कमी के चलते मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में न तो दवाइयों की पूरी उपलब्धता है और न ही आवश्यक जांच उपकरण कार्यरत हैं। कई मरीजों को बाहर से दवाइयां और जांचें करवानी पड़ रही हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
अस्पताल के कर्मचारी भी इससे परेशान हैं, क्योंकि उन्हें रोज़ाना मरीजों की शिकायतों का सामना करना पड़ता है। कुछ दिनों पहले ही अस्पताल में एक नया कंप्यूटर डाटा ऑपरेटर, सौरभ कुमार दुबे, को नियुक्त किया गया था, लेकिन उन्हें अभी तक कोई स्पष्ट कार्य सौंपा नहीं गया है। इस कारण से वह अपना पूरा समय अस्पताल में व्यर्थ बिताने को मजबूर हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जल्द ही सभी सुविधाओं को बहाल किया जाएगा, लेकिन मौजूदा हालात से यह साफ है कि मरीजों को तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। इस मुद्दे पर स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों ने भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है और जिला प्रशासन से इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।
लोहिया अस्पताल की वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। स्थानीय प्रशासन को शीघ्र ही इस पर ध्यान देना चाहिए, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
लोहिया अस्पताल में सुविधाओं की कमी, मरीजों को हो रही भारी दिक्कतें
अयोध्या में गरजे योगी, कहा- वोट बैंक नहीं हैं बांग्लादेश के हिन्दू, इसलिए यहां की पार्टियों के मुंह सिले हुए हैं
अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने कहा है कि विगत 7 साल में अयोध्या को नई पहचान मिली है। ये पहचान आसानी से नहीं, बल्कि लंबे संघर्ष के बाद मिली है और इसे बचाए रखने का दायित्व भी अयोध्यावासियों का होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए अयोध्यावासियों से कहा कि नकारात्मक शक्तियों के मन में आपके प्रति सम्मान नहीं बल्कि दिखावटीपन है। कहा कि जिन्हें अत्याचार में भी वोट बैंक दिखाई देता है, वो आपके हितैषी कैसे हो सकते हैं। सीएम योगी शनिवार को मिल्कीपुर में अयोध्या विद्यापीठ परिसर में श्रीराम दरबार और अशर्फी भवन अयोध्या धाम के पूज्य आचार्यों की दिव्य एवं भव्य प्रतिमा के स्थापना कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
कोई हमें हमारे मूल्यों से डिगा नहीं सकता
मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि परिस्थितियां सम हों या विषम, कोई हमें हमारे मूल्यों से डिगा नहीं सकता। उन्होंने बांग्लादेश के हालात पर बोलते हुए कहा कि वहां प्रताड़ित होने वाले 90 प्रतिशत हिन्दू दलित समाज का हिस्सा हैं, मगर वहां के हिन्दू यहां के वोट बैंक नहीं हैं तो सभी के मुंह सिले हुए हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बांग्लादेश के हिन्दुओं की रक्षा करना हमारा दायित्व है। सीएम योगी ने कहा कि बांग्लादेश में हिन्दू होना गलती नहीं है, बल्कि सौभाग्य है और उनकी रक्षा करना और पीड़ा के वक्त उसके साथ खड़ा होना हमारा दायित्व है। मानवता के नाते उसकी रक्षा करना हमारा दायित्व है। ये काम हम हमेशा करेंगे।
…उन्हें डर लगता है कि इससे यहां का उनका वोट बैंक न खिसक जाए
मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि आज जो नकारात्मक ताकते हैं, जो राम, कृष्ण को नहीं मानते, भारतीयता के प्रति सम्मान का भाव नहीं रखते, जो दुनिया के किसी कोने में कोई हिन्दू प्रताणित हो रहा है तो उसके लिए आवाज नहीं उठा सकते, क्योंकि उन्हें डर लगता है कि इससे यहां का उनका वोट बैंक न खिसक जाए। जिनको दुनिया के अंदर होने वाले अत्याचार में वोट बैंक दिखाई देता है, वो आपके हितैषी कैसे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि राक्षसी वृत्तियां जब भी प्रबल हों, उनका मुकाबला करने के लिए हमें तैयार होना होगा। सीएम योगी ने कहा कि हमारी आजादी सुरक्षित होगी, तभी हमारा भविष्य भी सुरक्षित होगा।
…वरना आने वाली पीढ़ियां हमें कोसेगी
मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि हमें अपने हित और अहित को पहचानना होगा, देखना होगा कि हमें कहां और कैसे सुरक्षा मिलेगी, कौन हमारे हितैषी हैं, कौन विरोधी हैं। समय रहते इसका विचार करना होगा, वरना आने वाली पीढ़ियां हमें कोसेगी। सीएम योगी ने काकोरी ट्रेन एक्शन के शताब्दी महोत्सव का जिक्र करते हुए पं रामप्रसाद बिस्मिल, राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाकउल्लाह खां और चंद्रशेखर आजाद के देशप्रेम को नमन किया। मुख्यमंत्री ने सभी से आगामी 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा फहराने, तिरंगा यात्राएं निकालने का आह्वान किया।
पवित्र विग्रहों और पूज्य संतों की प्रतिमाओं की स्थापना मेरा सौभाग्य
मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें अयोध्या धाम की पावन धरा पर श्रीराम दरबार के पवित्र विग्रहों और पूज्य संतों की प्रतिमाओं की स्थापना का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि अपने धर्माचरण से भारत भूमि को पवित्र करके श्रीराम जन्मभूमि के आंदोलन को अपने हाथों में लेने वाले पूज्य स्वामी मधुसूदनाचार्य जी महाराज, जगद्गुरु रामानुजाचार्य माधवाचार्य की दिव्य प्रतिमाओं की स्थापना का कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि इन पूज्य संतों की साधना को मूर्त रूप देने के लिए न केवल आज अयोध्या विद्यापीठ के रूप में धर्म जागरण के बृहद कार्यक्रम को अपने हाथ में लिया गया है, साथ ही आधुनिक शिक्षा देने का कार्य भी किया जा रहा है।
संतों ने अपनी साधना से लोगों के जीवन को बदलने का कार्य किया
मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने कहा कि जब संतों की साधना मूर्त रूप लेती है तो ऐसे संस्थान हम सबको देखने को मिलते हैं। मधुसूदना जी महाराज ने अयोध्या धाम के साथ साथ पूरे देश के अलग अलग क्षेत्र को अभिसिंचित करने का कार्य किया। रामानुजाचार्य पूज्य स्वामी माधवाचार्य जी महाराज का कार्यकाल भले ही अल्प रहा हो, लेकिन अपनी साधना के साथ उन्होंने लोगों के जीवन को बदलने का कार्य किया। सीएम योगी ने अयोध्या विद्यापीठ के माध्यम से कोरोना जैसी महामारी के वक्त किये गये लोक कल्याणकारी कार्यों को याद किया। कहा कि जब पूरी दुनिया हताश थी तब हमारे धर्मस्थल और पूज्य संत और ऐसे संस्थान लोक कल्याण के अभियान के साथ जुड़े थे।
इनकी रही मौजूदगी
अयोध्या विद्यापीठ परिसर में श्रीराम दरबार और अशर्फी भवन अयोध्या धाम के पूज्य आचार्यों की दिव्य एवं भव्य प्रतिमा के स्थापना कार्यक्रम में जगद्गुरू रामानुजाचार्य, स्वामी श्रीधराचार्य जी महाराज, रंग महल के संत श्रीराम शरण दास जी महाराज, महंत भरतदास जी महाराज, स्वामी अनंताचार्य जी महाराज, महंत रामलखन दास जी महाराज, करुणादास जी महाराज, स्वामी रामदास जी महाराज सहित संतजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रदेश सरकार में मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, विधायक रामचंद्र यादव, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, बीजेपी जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा, अयोध्या विद्यापीठ के पदाधिकारीगण, अशर्फी धाम के भक्तगण, छात्र-छात्राएं और अभिभावकगण सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
Raksha Bandhan: राखी पर अपनी बहन को न दें भूलकर भी ये उपहार
19 अगस्त को सावन का अंतिम सोमवार है और इसी दिन राखी (Rakhi) का पर्व भी मनाया जाएगा। रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर यदि आप अपनी बहन को कोई उपहार देना चाहते हैं तो पारंपरिक वस्त्र, ज्वेलरी, डायरी, पैन, लैपटॉप, किताबें, म्यूजिक सिस्टम, मोबाइल या स्मार्ट वाच आदि उपहार में दे सकते हैं लेकिन भूलकर भी ये इन 4 चीजों में से कोई सी भी चीज उपहार में न दें क्योंकि यह अशुभता का प्रतीक है।
काला वस्त्र : काला रंग राहु का रंग है और यह रंग दुर्भाग्य और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है। इसलिए राखी (Rakhi) के दिन अपनी बहन को काले रंग की कोईसी भी चीज या वस्त्र उपहार में नहीं देना चाहिए। नीले रंग के कपड़े नहीं देने चाहिए क्योंकि नीला रंग शनि का रंग होता है।
जूती या सैंडिल : जूती, चप्पल या सैंडिल को शनि ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। आमतौर पर इसे गिफ्ट में नहीं देते हैं। इसे अशुभ माना जाता है। इसका दान कर सकते हैं लेकिन उपहार में बहन को नहीं दे सकते हैं। इसलिए राखी के दिन अपनी बहन को जूते या सैंडिल उपहार में नहीं देने चाहिए।
दर्पण : दर्पण, शीशा या कांच को राहु का प्रतीक माना जाता है। इसे राखी (Rakhi) पर बहन को नहीं दे सकते हैं। शीशा देने से गृह कलह और मानसिक तनाव पैदा होता है। इसलिए अपनी बहन को इस तरह का कोई उपहार नहीं देना चाहिए।
धारदार और नुकीली चीजें : धारतार या नुकीली चीजें नकारात्मकता का प्रतीक है। इन चीजों को देने से भाई-बहन के रिश्ते में तनाव पैदा हो सकता है। धारदार और नुकीली चीचों में जैसे सुई के साथ-साथ स्केलपेल, कैंची, लैंसेट, रेज़र ब्लेड, रिट्रैक्टर, क्लैम्प, पिन, धातु के तार, स्टेपल, कटर और कांच आदि।
गंगा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ा ग्रामीण चिंतित
यूथ इंडिया संवाददाता
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। गंगा व रामगंगा में पानी छोड़े जाने के कारण पानी फिर एक बार बढऩे लगा है जिसके साथ-साथ ही ग्रामीणों की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही है जिसको देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर दिखाई दे रहा है।
बीते दिन बाढ़ का पानी दरवाजे तक आ जाने के कारण महेश शर्मा पीआरडी जवान के घर में बना सीमेंट का जीना भरवारा कर गिर गया जिससे पास में बैठा बच्चा बाल बाल बच गया लेकिन कई दिन भी जाने के बावजूद भी लेखपाल ने मौके पर जाकर सुध नहीं ली। वही पूर्व प्रधान रामबरन ने बताया है कि अगर आशा की मड़ैया में पुलिया का निर्माण हो जाए तो ग्रामीणों को पानी के अंदर से नहीं निकलना पड़ेगा आज भी गांव में जल भराव की स्थिति बनी हुई है राहगीर छात्र-छात्राएं पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि खूटे पर जानवर बंधे हैं। फसलें जलमग्न हो गई है। बीमारियां फैली शुरू हो गई है जिसके कारण खांसी जुखाम बुखार उल्टी दस्त आदि बीमारियां फैलनी शुरू हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी रोस्टर के अनुसार गांव में पहुंचकर दवा का वितरण कर रही है।
फिर भी स्थिति गंभीर बनी हुई है आज भी आशा की मड़ैया मंझा की मड़ैया समेत कई गांव के संपर्क मार्गों पर पानी चल रहा है
कही जमीन पर किया कब्जा तो कही चुरा ले गए घर से ईटें
यूथ इंडिया संवाददाता
कायमगंज/कंपिल। कंपिल, कायमगंज में थाना समाधान दिवस में कही जमीन पर कब्जे तो कही घर से ईटे चुराने का मामला आया। अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायत पर राजस्व व पुलिस टीमों को जांच के निर्देश दिए।
कंपिल थाने में एसडीएम रवींद्र सिंह व सीओ जयसिंह परिहार की मौजूदगी में फरियादियों की समस्याए सुनी गई। जहां राजस्व व अन्य से संबंधित 7 शिकायते आई जिसमें टीमों को जांच के निर्देश दिए गए। इस दौरान नायब तहसीलदार मनीष वर्मा समेत राजस्व कर्मी व एसओ मौजूद रहे। कायमगंज थाना समाधान दिवस नायब तहसीलदार सृजन कुमार की मौजूदगी में हुआ। फरियादियों में ज्योना के मजरा नगला कुम्हारी निवासी तेज सिंह ने फरियाद की और कहा कि उसके खेत में पेड़ खड़ा है जो बरसात में गिर गया था। उसे चार लोग काट कर ले गए। जब विरोध किया तो तमंचा लेकर दौड़े पड़े। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची। जहां पुलिस ने लकड़ी वापस दिला दी और समझौता करा दिया। इसके बाद भी आरोपित वेबजह कोतवाली में शिकायत करते है।
क्षेत्र के गांव अताईपुर कोहना निवासी कैलाश चंद्र, सतीश, राजपाल आदि ने शिकायत की कि उसके गांव में जमीन है जिसे भूमि माफिया बार बार कब्जा कर जानमाल की धमकी देते है। पैथान खुर्द बुजुर्ग निवासी रामजी दुबे ने प्रार्थना पत्र में कहा है कि उनके गांव में मकान है जबकि वह अन्य जगह रहते है। गांव के ही कुछ लोगो ने उसके मकान पर जगह पर कब्जा कर 50 हजार की ईटे व दरवाजे निकाल लिए। इस पर पुलिस व राजस्व टीम मौके पर पहुंची और जांच की। इस दौरान तीन शिकायतों में दो का मौके पर निस्तारण किया गया।
डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त अस्पताल में अनुबंधित कर्मचारी के कार्य आवंटन में अनियमितता: प्रशासन मौन
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त अस्पताल में अनुबंधित कर्मचारियों के साथ हो रही अनियमितताएं सामने आई हैं। अस्पताल में कंप्यूटर डेटा ऑपरेटर के पद पर अनुबंधित सौरभ कुमार दुबे को नियुक्ति के बाद से अब तक कोई ठोस कार्य नहीं सौंपा गया है। यह मामला अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली और अनुबंधित कर्मचारियों के साथ हो रहे भेदभाव को उजागर करता है।
सौरभ कुमार दुबे, जो तकनीकी योग्यताओं और अनुभव के बावजूद अपने कौशल का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, ने अपनी शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। दुबे का कहना है कि उन्हें केवल नाममात्र के लिए नियुक्त किया गया है और उन्हें कोई कार्य नहीं सौंपा जा रहा है। यह स्थिति उनकी आजीविका और मानसिक स्थिति को प्रभावित कर रही है।
अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे यह सवाल उठता है कि अनुबंधित कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया जा रहा है। यह भी पता चला है कि सौरभ कुमार दुबे के अलावा भी अन्य अनुबंधित कर्मचारियों के साथ इसी प्रकार की समस्याएं हैं, लेकिन वे भी अपने मुद्दों को उठाने में असमर्थ हैं।
अनुबंधित कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे और यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे आंदोलन की राह पर जा सकते हैं।
इस बीच, अस्पताल के अधिकारियों ने इस मामले में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं, और अनुबंधित कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी का मामला अब सार्वजनिक हो रहा है।








