यूथ इंडिया संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नजूल जमीन के मुद्दे पर योगी सरकार को बड़ा झटका लगा है। उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति विधेयक विधानसभा में पास होने के बाद विधान परिषद में अटक गया। इस विधेयक का विरोध सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने भी किया, जिसके कारण सरकार को मुश्किल का सामना करना पड़ा।
सपा का पुरजोर विरोध:समाजवादी पार्टी (सपा) ने इस विधेयक का कड़ा विरोध किया। सपा ने स्पष्ट किया कि अगर यह विधेयक लागू हुआ तो करीब ढाई करोड़ लोग बेघर हो जाएंगे।
विधानसभा में बहुमत, फिर भी विधान परिषद में अटका:यह पहली बार हुआ जब दोनों सदनों में पूर्ण बहुमत के बावजूद विधेयक पास होने के बाद विधान परिषद में अटक गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भी इस विधेयक का विरोध किया, जो आगामी उप-चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव में वोट बैंक के नुकसान की आशंका के कारण था।
नजूल जमीन का मुद्दा:*नजूल जमीन की समस्या पर सत्ता और विपक्ष का एक स्वर में विरोध करना एक महत्वपूर्ण विषय है। सरकार ने आखिरकार इस बिल को प्रवर समिति को भेजने का निर्णय लिया।
नजूल जमीन का विवरण: एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 27 हजार हेक्टेयर से अधिक नजूल भूमि है। प्रमुख शहरों में प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा शामिल हैं, जहां नजूल भूमि पर बड़े पैमाने पर लोग निवास करते हैं।
बिल का विरोध क्यों: विधेयक के विरोध का बड़ा कारण यह है कि अगर इसे लागू किया गया तो करीब ढाई करोड़ से ज्यादा लोगों से उनके मकान, दुकान और प्रतिष्ठान छिन जाएंगे। इसके चलते विरोध की लहर उठी है। इस विधेयक का उद्देश्य और इसके संभावित प्रभाव को देखते हुए, यह देखना होगा कि सरकार आगे किस प्रकार की रणनीति अपनाती है। सपा और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा है।
आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए, यह विवाद भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। सपा और अन्य विपक्षी दलों ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। नजूल जमीन का मुद्दा सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि लाखों लोगों की जीविका और भविष्य का सवाल है। इस पर सरकार और विपक्ष दोनों को सोच-समझकर निर्णय लेना होगा। आगामी चुनावों में इस मुद्दे का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है।
नजूल संपत्ति विधेयक पर विवाद: करीब ढाई करोड़ लोग बेघर होने की आशंका, सपा का पुरजोर विरोध
महामहिम संतोष गंगवार का बरेली में भव्य स्वागत, सादगी से बने राजनेता से महामहिम तक की कहानी
यूथ इंडिया संवाददाता
बरेली। सादगी और सरलता के प्रतीक, आठ बार के सांसद और केंद्र सरकार में चार बार मंत्री रहे संतोष गंगवार का जीवन वीवीआईपी कल्चर से हमेशा दूर रहा है। बरेली के लोग उन्हें सडक़ों पर सामान्य नागरिक की तरह बाइक पर घूमते देख चुके हैं। परंतु, अब उनके झारखंड के गर्वनर बनने के बाद बरेली ने उन्हें एक नए अंदाज में देखा। शनिवार रात से रविवार शाम तक बरेली की सडक़ों पर महामहिम का जलवा नजर आया। उनके साथ बीस से ज्यादा गाडिय़ों का काफिला था और प्रोटोकॉल के चलते हर चौराहे पर अफसर और रंगरूट हाथ बांधे खड़े थे।
कलेक्ट्रेट से लेकर विकास भवन तक अफसरों का हुजूम
गवर्नर बनने के बाद संतोष गंगवार पहली बार बरेली आए। उनके स्वागत में भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, मेयर उमेश गौतम, विधायक संजीव अग्रवाल, जिलाध्यक्ष पवन शर्मा, आदेश प्रताप सिंह, अधीर सक्सेना, भाजयुमो अध्यक्ष अमन सक्सेना समेत कई नेता मौजूद थे। उनके घर पहुंचते ही आतिशबाजी का आयोजन किया गया और भारत सेवा ट्रस्ट पर जश्न का माहौल बन गया।
प्रोटोकॉल का पालन
पहले प्रोटोकॉल की परवाह किए बगैर डीएम और एसएसपी के आवास पर जाने वाले संतोष गंगवार अब गवर्नर बनने के बाद प्रोटोकॉल के साथ चले। सर्किट हाउस से लेकर कलेक्ट्रेट तक अफसरों का हुजूम उनके स्वागत के लिए तैयार था।
बेटी के साथ राजनीतिक लांचिंग की शुरुआत
गवर्नर संतोष गंगवार ने अफसरों के साथ बैठक के बाद विकास भवन सभागार में झारखंड के गठन से लेकर अब तक के इतिहास और संस्कृति पर चर्चा की। इस दौरान उनकी बेटी श्रुति गंगवार हर कदम पर उनके साथ रहीं। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि अब वह अपनी बेटी की राजनीतिक लांचिंग की तैयारी कर रहे हैं। इस जश्न के माहौल में बरेली के पांच से ज्यादा कद्दावर भाजपा नेताओं की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी रही। सोशल मीडिया पर भी उनके द्वारा कोई बधाई संदेश नहीं दिया गया। इस भव्य स्वागत समारोह से यह स्पष्ट हो गया कि संतोष गंगवार बरेली की राजनीति में अब भी महत्वपूर्ण धुरी बने हुए हैं। उनके इस नए रूप और कलेवर को देखकर बरेली के लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके नेतृत्व में भविष्य की संभावनाओं को लेकर उत्साहित दिखे।
उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड के नए नियम लागू
यूथ इंडिया संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में राशन कार्ड के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं, जिससे लाभार्थियों को राशन वितरण में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित की जा सके। नए नियमावली में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनसे लाभार्थियों की पहचान और पात्रता को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
1. आधार लिंकिंग अनिवार्य- राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और लाभार्थियों की सही पहचान हो सकेगी।
2. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया- नए नियमों के तहत, राशन कार्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है। इससे आवेदकों को कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और समय की बचत होगी।
3. वार्षिक आय सीमा- राज्य सरकार ने पात्रता के लिए वार्षिक आय सीमा निर्धारित की है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह सीमा 1.5 लाख रुपये और शहरी क्षेत्रों के लिए 2 लाख रुपये है। इसके तहत उन्हीं परिवारों को राशन कार्ड मिलेगा जिनकी आय इन सीमाओं के भीतर हो।
4. नवीनतम दस्तावेज़ों की आवश्यकता- नए आवेदन के साथ आवेदकों को आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और परिवार के सदस्यों की सूची प्रस्तुत करनी होगी।
5. सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार- नए नियमों के तहत पीडीएस प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कई उपाय किए गए हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल मशीनों का उपयोग, जीपीएस आधारित निगरानी, और शिकायत निवारण तंत्र शामिल हैं।
लाभार्थियों की संख्या- राज्य में कुल 3 करोड़ से अधिक परिवार राशन कार्ड के माध्यम से लाभान्वित होते हैं।
राशन की वितरण दर- प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो अनाज (चावल/गेहूं) प्रदान किया जाता है।जिला स्तर पर निगरानी- जिला स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है जो राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर नजर रखेंगी।
उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद विभाग के मंत्री, ने कहा, नए नियमों का उद्देश्य राशन वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाना है, ताकि गरीब और वंचित परिवारों को समय पर और उचित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध हो सके।
लाभार्थी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-180-0150 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, शिकायतें ऑनलाइन पोर्टल पर भी दर्ज कराई जा सकती हैं। इन नए नियमों और सुधारों के साथ, उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य राज्य में राशन वितरण प्रणाली को सशक्त और प्रभावी बनाना है, जिससे सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर और बिना किसी कठिनाई के राशन मिल सके।
एडीजी आलोक सिंह और डीआईजी जोगेंद्र कुमार की जिले की कानून व्यवस्था पर गहरी नजर
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए एडीजी आलोक सिंह और डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने जिले में गहन समीक्षा शुरू कर दी है। दोनों अधिकारियों ने हाल ही में जिले के विभिन्न थानों का दौरा किया और पुलिस कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया।पिछले महीने की तुलना में जुलाई 2024 में कुल अपराध दर में 15त्न की कमी आई है। चोरी और लूट के मामलों में 10फीसदी की कमी आई है, जबकि घरेलू हिंसा के मामलों में 8त्न की गिरावट दर्ज की गई है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से गंभीर अपराधों का समाधान तेजी से हो रहा है। पिछले महीने 25 गंभीर मामलों में से 20 मामलों का समाधान किया गया है।मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और शेष 5 मामलों की जांच चल रही है। महत्वपूर्ण स्थलों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है।
संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है, जिससे निगरानी प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर समन्वय के लिए सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।विभिन्न थाना क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें नागरिकों की समस्याओं को सुना और समाधान किया जा रहा है। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्यवाही की जा रही है। जुलाई में 1500 से अधिक चालान किए गए हैं।ट्रैफिक पुलिस द्वारा विभिन्न चौराहों और प्रमुख सडक़ों पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। एडीजी आलोक सिंह ने कहा, हमारी प्राथमिकता कानपुर जिले को एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण स्थान बनाना है। हम सभी नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि वे पुलिस के साथ सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने भी नागरिकों से अपील की कि वे कानून का पालन करें और किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों से दूर रहें। पुलिस प्रशासन लगातार जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रयासरत है।
सरदार पटेल युवा वाहिनी की मासिक बैठक एवं पौधारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। सरदार पटेल युवा वाहिनी की मासिक बैठक ग्राम कीरतपुर में संगठन के संरक्षक आदरणीय श्री अशोक कटियार जी के निवास पर आयोजित की गई। इस अवसर पर सभी ग्राम वासियों का स्नेह एवं बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। बैठक के बाद कीरतपुर स्थित पार्क में पौधारोपण किया गया और सभी ने प्रकृति को हरा-भरा रखने का संकल्प लिया।: बैठक में सरदार पटेल युवा वाहिनी के सदस्यों ने ग्राम के विकास और संगठन की आगामी गतिविधियों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में ग्राम के बुजुर्गों ने आकर अपने आशीर्वाद दिए, जिससे युवाओं को प्रेरणा मिली और उन्होंने ग्राम विकास के लिए अधिक मेहनत करने का संकल्प लिया। बैठक के बाद कीरतपुर स्थित पार्क में पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर संगठन के सदस्यों और ग्रामवासियों ने मिलकर कई पेड़ लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।सभी उपस्थित लोगों ने प्रकृति को हरा-भरा रखने का संकल्प लिया। उन्होंने प्रतिज्ञा की कि वे न केवल पौधारोपण करेंगे बल्कि उनके संरक्षण और देखभाल का भी ध्यान रखेंगे।
इस सुंदर एवं सुसज्जित कार्यक्रम के आयोजन के लिए कीरतपुर के सभी ग्रामवासियों को हार्दिक बधाई। उनकी सहभागिता और सहयोग से ही यह कार्यक्रम सफल हो सका। इस तरह के आयोजन न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होते हैं बल्कि ग्रामवासियों को एकजुट करने और सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस कार्यक्रम ने ग्राम कीरतपुर में एक नई उमंग और जागरूकता का संचार किया है, और आने वाले समय में भी ऐसे आयोजनों की उम्मीद जताई जा रही है।
भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने किया सर्वांगीण विकास के लिए विशेष प्रयास
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रूखाबाद। भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने अपने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए शासन के विभिन्न विभागों में जोरदार प्रयास किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर अपने क्षेत्र के विकास के लिए अधिक धन आवंटित करने की मांग उठाई है।
विधायक श्री राठौर ने क्षेत्र की सडक़ों की मरम्मत और नए पुलों के निर्माण के लिए 50 करोड़ की मांगके अलावा,नए स्कूलों और कॉलेजों के निर्माण एवं वर्तमान शैक्षिक संस्थानों में सुधार के लिए 30 करोड़ का प्रस्ताव दिया।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना और मौजूदा अस्पतालों में सुधार के लिए 20 करोड़।किसानों के लिए नई योजनाओं और सिंचाई परियोजनाओं के लिए 25 करोड़ की मांग। हर गांव में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और स्वच्छता अभियान के लिए 15 करोड़ की आवश्यकता बताई है।विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने कहा, हमारा क्षेत्र बहुत समय से विकास की दौड़ में पीछे रहा है। मुख्यमंत्री से हमारी मुलाकात सकारात्मक रही और हमें विश्वास है कि हमारे क्षेत्र को अधिक धन आवंटित किया जाएगा जिससे हम सभी क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास कर सकें।
विधायक की इस पहल से स्थानीय जनता में उत्साह है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि यदि इन योजनाओं पर सही तरीके से अमल होता है तो क्षेत्र की स्थिति में व्यापक सुधार होगा।भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नागेंद्र सिंह राठौर की इस पहल से स्पष्ट है कि वे अपने क्षेत्र के विकास के प्रति गंभीर हैं और इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। अब देखना यह है कि शासन से मिलने वाली सहायता के माध्यम से यह प्रयास कितने सफल होते हैं।







