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Wednesday, February 11, 2026
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बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रूखाबाद। जिले में लगातार हो रही बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने त्वरित और व्यापक इंतजाम किए हैं।
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों की स्थापना की है। इन शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पानी, और स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रबंध किया गया है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए नौकाओं और अन्य बचाव उपकरणों की व्यवस्था भी की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल चिकित्सा इकाइयों की तैनाती की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में भी आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग ने बाढ़ से प्रभावित सडक़ों और पुलों की मरम्मत के लिए त्वरित कार्रवाई की है। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया है कि मुख्य सडक़ों और पुलों की स्थिति सुरक्षित है और यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किए गए हैं।
जिला प्रशासन ने विशेष निगरानी दल गठित किए हैं जो लगातार बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। स्थानीय पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, और जरूरत पडऩे पर त्वरित बचाव कार्य के लिए तैयार रखा गया है।
प्रशासन ने स्थानीय समुदाय और स्वयंसेवी संगठनों से भी मदद की अपील की है। बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों ने भी अपने स्तर पर राहत कार्य शुरू किए हैं। जिला अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि किसी भी तरह की जनहानि न हो और स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।

संपत्ति के विभाजन और व्यवस्थापन पर नई योजना जल्द

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यूथ इंडिया संवाददाता
लखनऊ, फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संपत्ति के विभाजन और व्यवस्थापन को लेकर नई योजना लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस नई व्यवस्था के तहत परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति के बंटवारे के लिए 5 हजार रुपये का स्टाम्प शुल्क लगेगा।
इसके अलावा, जीवित व्यक्ति द्वारा अपनी संपत्ति को किसी अन्य के नाम करने पर भी 5 हजार रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस नई योजना को जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं, जिससे संपत्ति के विवादों को कम किया जा सके और प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके।
यह कदम सरकार द्वारा पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इस योजना से राज्य में संपत्ति के विवादों को सुलझाने और व्यवस्थापन में सुधार की उम्मीद की जा रही है।

मुख्तार अंसारी गैंग के शार्प शूटर का STF ने किया एनकाउंटर

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Sharp shooter Pankaj Yadav killed in encounter
Sharp shooter Pankaj Yadav killed in encounter

मथुरा। जिले में माफिया मुख्तार अंसारी के एक लाख के इनामी शार्प शूटर पंकज यादव (Pankaj Yadav) को बुधवार सुबह यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मथुरा के सारे थाना इलाके में बुधवार सुबह यह मुठभेड़ हुई। बताया जा रहा है कि पंकज यादव के साथ एक और बदमाश था। वह भागने में सफल रहा।

कुख्यात अपराधी पंकज यादव (Pankaj Yadav) उर्फ नखड़ू पुत्र राम प्रवेश यादव निवासी ताहिरापुर, रानीपुर, मऊ के ऊपर दो दर्जन से अधिक हत्या एवं अन्य संगीन मुकदमे दर्ज थे। पंकज यादव पर मऊ के चर्चित मन्ना सिंह हत्याकांड के गवाह रामसिंह और उनकी सुरक्षा में चल रहे आरक्षी सतीश कुमार की हत्या का आरोप है।

पंकज यादव (Pankaj Yadav) मुख्तार अंसारी, शाहबुद्दीन और मुन्ना बजरंगी गैंग के लिए भी शार्प शूटर का काम करता था। मथुरा पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार यूपी एसटीएफ के डिप्टी एसपी धर्मेश शाही की टीम ने फरह में रोसू गांव के पास बुधवार सुबह करीब 5:20 बजे मुठभेड़ के दौरान पंकज यादव को ढेर कर दिया।

उसका एक अन्य अपराधी साथी भागने में सफल रहा है। यह हिस्ट्रीशीटर पूर्वांचल के कई जिलों में हत्या और अन्य संगीन करीब दो दर्जन से अधिक मामलों में वांछित चल रहा था। बदमाश के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

रामलीला मैदान पर कब्जे का प्रयास, समिति और प्रशासन के बीच टकराव

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यूथ इंडिया संवाददाता
नवाबगंज। नगर के रामलीला मैदान की बाउंड्री को लेकर एक विवाद ने तूल पकड़ लिया है। लगभग 20 वर्ष पूर्व समिति द्वारा रामलीला मैदान की चारों तरफ बाउंड्री का निर्माण किया गया था, जिसे तिराहा निवासी दिनेश चन्द्र गुप्ता ने तोडक़र कब्जा करने का प्रयास किया था। इस घटना की जानकारी मिलते ही समिति के पदाधिकारियों ने पुलिस को सूचना देकर बाउंड्री की ईंटों को लगाकर मरम्मत कराई थी।
बाउंड्री से सटे गाटा संख्या 775 की जमीन को लेकर दिनेश चन्द्र गुप्ता ने न्यायालय में मेड़बंदी का मुकदमा दर्ज कराया था। सोमवार शाम को राजस्व निरीक्षक रामेन्द्र मौर्या और लेखपाल तरुण दीक्षित ने पुलिस व रामलीला समिति को सूचना दिए बिना जमीन की नापजोख कर बाउंड्री के भीतर दिनेश चन्द्र गुप्ता की जगह निकालकर सीमेंट के खंभे लगवा दिए।
मंगलवार को समिति के पदाधिकारियों को मैदान की बाउंड्री के अंदर खंभे लगाए जाने की जानकारी मिली। समिति के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने राजस्व टीम पर बिना सूचना दिए एकपक्षीय नापजोख कर रामलीला मैदान की जगह में कब्जा कराने की नीयत से खंभे लगवाने का आरोप लगाया और पुलिस को तहरीर दी।
थानाध्यक्ष आमोद कुमार सिंह ने दिनेश चन्द्र गुप्ता और समिति के पदाधिकारियों को बुलाकर बातचीत की और उपजिलाधिकारी कायमगंज को इस विवाद से अवगत कराया। इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल भारद्वाज, सत्येंद्र सिंह यादव, प्रशान्त गुप्ता, नन्हे वर्मा, पंकज राठौर समेत रामलीला समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बीती शाम को रामलीला मैदान पहुंचे नायब तहसीलदार अनवर हुसैन ने घटना की जांच की और रामलीला समिति व दिनेश चन्द्र गुप्ता से जानकारी ली। समिति के पदाधिकारियों ने लगाए गए खंभों को उखाडऩे की मांग की, जिस पर नायब तहसीलदार ने यथास्थिति बनाए रखने और उपजिलाधिकारी न्यायालय में आपत्ति दर्ज कराने की सलाह दी।
रामलीला मैदान पर कब्जे की इस घटना ने नवाबगंज में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। प्रशासन द्वारा इस मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे विवादों से बचा जा सके और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

जिला प्रशासन का आदेश: नई बाढ़ ड्यूटी सूची जारी

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फर्रुखाबाद। जिला प्रशासन ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष के लिए नई ड्यूटी सूची जारी की है। आदेश संख्या 2762 के तहत, 29 जुलाई 2024 को जारी किए गए आदेश संख्या 2746 में संशोधन किया गया है। इस संशोधित आदेश के अनुसार, नवीन तैनाती और पदनाम के साथ अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के लिए पुन: निर्धारित किया गया है। एडीएम सुभाष प्रजापति ने तैनाती देते हुएदेवराज, कनिष्ठ सहायक, नलकूप विभाग को मुख्य नोडल अधिकारी। राजीव गुप्ता, कनिष्ठ सहायक, नलकूप विभाग को नामित किया है।

अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने यूपी विधानसभा में उठाया माफिया अनुपम दुबे के भाइयों की फर्मों को करोड़ों का भुगतान का मामला

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यूथ इंडिया संवाददाता
अमृतपुर, लखनऊ, फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान, अमृतपुर के विधायक सुशील शाक्य ने एक गंभीर मामला उठाया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा माफिया अनुपम दुबे के भाइयों की फर्मों को करोड़ों रुपये का भुगतान करने का मुद्दा जोरशोर से उठाया, जबकि राज्य सरकार माफियाओं पर कड़ी कार्यवाही कर रही है।
अनुपम दुबे का नाम माफियाओं की सूची में प्रमुखता से आता है और उनके खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनकी संपत्तियों पर प्रशासन द्वारा कई बार कार्यवाही की गई है। बावजूद इसके, उनके भाइयों की फर्मों को लोक निर्माण विभाग द्वारा करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया है।
विधायक सुशील शाक्य ने विधानसभा में पूछा कि सरकार की माफिया विरोधी नीति के बावजूद, क्यों और कैसे लोक निर्माण विभाग ने माफिया से संबंधित फर्मों को करोड़ों रुपये का भुगतान किया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि इस भुगतान के लिए कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
शाक्य ने अपने सवाल दाग आंकड़े प्रस्तुत किए:
– वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान, माफिया अनुपम दुबे के भाइयों की फर्मों को कुल कई करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
– इनमें से कई करोड़ रुपये का भुगतान सडक़ निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए किया गया था।
– बाकी 10 करोड़ रुपये का भुगतान भवन निर्माण और अन्य विकास कार्यों के लिए किया गया था।
सरकार की ओर से जवाब देते हुए, संबंधित मंत्री ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि माफिया के खिलाफ सरकार की नीति स्पष्ट है और किसी भी तरह की भ्रष्टाचार या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधायक सुशील शाक्य द्वारा उठाए गए इस मुद्दे ने सरकार और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या कार्रवाई होती है।