नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आबकारी नीति अनियमितताओं के मामले में आप नेता मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को जमानत दी। कोर्ट ने शर्त लगाते हुए उन्हें अपना पासपोर्ट सरेंडर करने और गवाहों को प्रभावित न करने का निर्देश दिया है।
जीरो टॉलरेंस की नीति सवालों के घेरे में: माफिया अनुपम दुबे पर धीमी कार्यवाही से अन्य शातिर अपराधियों को मिली राहत
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। शासन द्वारा घोषित जीरो टॉलरेंस की नीति, जिसके तहत अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही का वादा किया गया था, अब सवालों के घेरे में आ गई है। माफिया अनुपम दुबे के खिलाफ की जा रही कार्यवाही में अचानक आई धीमी गति ने न केवल प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि इससे अन्य शातिर अपराधियों को भी राहत मिली है।
अनुपम दुबे के खिलाफ कमजोर हुई कार्यवाही
अनुपम दुबे, जो फर्रुखाबाद में अपने आपराधिक कृत्यों के लिए जाना जाता है, के खिलाफ पिछले कुछ महीनों से प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू की थी। उसकी अवैध संपत्तियों को ज़ब्त किया गया था और कई केसों में उसे जेल भेजा गया। लेकिन, हाल के दिनों में इस कार्यवाही की गति धीमी पड़ गई है। अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस धीमी कार्रवाई का कारण प्रशासनिक दबाव या अन्य राजनीतिक कारण हो सकते हैं।
अन्य शातिर अपराधियों पर ढील
अनुपम दुबे पर ढीली पड़ी कार्यवाही का असर यह हुआ कि अन्य शातिर अपराधियों जैसे योगेंद्र सिंह यादव चन्नू और देवेंद्र सिंह जग्गू को भी राहत मिल गई है। ये अपराधी, जो अपने आपराधिक नेटवर्क के लिए जाने जाते हैं, पर भी प्रशासन ने कोई कठोर कदम नहीं उठाए हैं।
क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर असर
प्रशासन की इस धीमी कार्रवाई का सीधा असर क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर पड़ रहा है। जहां एक तरफ आम जनता में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है, वहीं दूसरी तरफ अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह प्रशासन की नीतियों में ढील दी जाती रही, तो फर्रुखाबाद में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ सकता है।
इस मामले में प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं आया है। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों ने दावा किया है कि कार्रवाई जारी रहेगी, लेकिन जमीन पर इसके परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। प्रशासन की इस ढील के चलते आम जनता में सरकार और प्रशासन के प्रति विश्वास की कमी हो रही है।
स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और व्यापारियों में प्रशासन की इस ढील को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी तरह से लागू किया जाए।
जिले में अपराधियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही की गति धीमी पडऩे से न केवल अपराधियों को राहत मिली है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन को इस दिशा में त्वरित और सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि अपराधियों के मन में कानून का डर कायम रहे और जनता में सुरक्षा की भावना बनी रहे।
बिजली संकट: सीएम योगी के आदेश के बावजूद नहीं हो रही निर्बाध बिजली आपूर्ति, जनजीवन अस्त-व्यस्त
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद फर्रुखाबाद जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति की स्थिति अब भी सुधर नहीं पाई है। भारी बारिश और बाढ़ के साथ-साथ हो रही बिजली कटौती ने जिले के लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
जिले में पिछले 24 घंटों में औसतन 8 से 10 घंटे तक की बिजली कटौती हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या और भी गंभीर है, जहां बिजली सिर्फ 4-6 घंटे के लिए ही उपलब्ध हो पा रही है। शहरी क्षेत्रों में भी बिजली की उपलब्धता अनिश्चित है, जिससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री के आदेश की अनदेखी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, जिले में बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हो पा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी तकनीकी समस्याओं और बिजली के उपकरणों में आई खराबी को इसका कारण बता रहे हैं, लेकिन स्थानीय निवासियों का मानना है कि प्रशासन की लापरवाही और कुप्रबंधन इस संकट का मुख्य कारण है।
बिजली कटौती से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति भी बाधित हो रही है। लोग पीने के पानी और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए परेशान हैं। बिजली की कमी से किसानों के लिए सिंचाई भी कठिन हो गई है, जिससे फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है। व्यापारिक गतिविधियां ठप हो गई हैं, और छोटे उद्योगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में बिजली कटौती की समस्या को लेकर बिजली विभाग में दर्ज शिकायतों की संख्या में भी भारी वृद्धि हुई है। पिछले एक सप्ताह में ही जिले के विभिन्न उपकेंद्रों पर लगभग 500 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से अधिकांश शिकायतें बिजली आपूर्ति में लगातार हो रही रुकावटों से संबंधित हैं। हालांकि, बिजली विभाग की ओर से अब तक इन शिकायतों का निपटारा नहीं हो सका है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। जिला प्रशासन का कहना है कि वह बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि खराब ट्रांसफार्मरों और उपकरणों की मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारी आपूर्ति में आ रही दिक्कतों का कारण तकनीकी समस्याओं को बता रहे हैं और जल्द ही समाधान का आश्वासन दे रहे हैं। हालांकि, जनता में सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय निवासियों और व्यापारिक संगठनों ने इस समस्या के समाधान के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। बिजली आपूर्ति की समस्या ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है, और अब वे इसके जल्द से जल्द समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।
काकोरी ट्रेन ऐक्शन शताब्दी समारोह के अंतर्गत प्रभात फेरी का आयोजन
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रूखाबाद। काकोरी ट्रेन ऐक्शन की शताब्दी समारोह के अंतर्गत आज फर्रुखाबाद में माध्यमिक शिक्षा विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। यह आयोजन स्वर्गीय ब्रह्मदत्त स्पोर्ट्स स्टेडियम से शुरू होकर अंबेडकर तिराहे तक गया और फिर वापस स्टेडियम पर समाप्त हुआ। इस प्रभात फेरी में जिले के विभिन्न शैक्षिक संस्थानों के शिक्षक, छात्र-छात्राएँ और अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
प्रभात फेरी की शुरुआत सुबह 07 बजे की गई। समारोह का शुभारंभ अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुभाष चंद्र प्रजापति और मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, काकोरी ट्रेन ऐक्शन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। हमें इस गौरवशाली इतिहास को सदैव स्मरण करना चाहिए और आने वाली पीढिय़ों को इसके बारे में जागरूक करना चाहिए।
प्रभात फेरी में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने देशभक्ति के गीत गाए और हाथों में तिरंगे झंडे लेकर देशभक्ति के नारों के साथ पूरे मार्ग पर गूंज बिखेरी। उन्होंने काकोरी ट्रेन ऐक्शन से जुड़े स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। जिला विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा, काकोरी कांड हमें अपने देश के प्रति कर्तव्य और बलिदान का पाठ पढ़ाता है। ऐसे आयोजनों से हमारी युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है और वे अपने देश की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं।
प्रभात फेरी के बाद स्टेडियम में एक संक्षिप्त सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने देशभक्ति गीत और नृत्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस आयोजन ने काकोरी ट्रेन ऐक्शन की शौर्यगाथा को जीवंत कर दिया और उपस्थित सभी लोगों के दिलों में देशभक्ति की भावना का संचार किया।
प्रशासन से नहीं मिली मदद, ग्रामीणों ने फसले बचाने के लिए चंदा इक्खट्टा कर बनाया बांध
यूथ इंडिया संवाददाता
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। अमृतपुर तहसील क्षेत्र में इन दिनों गंगा की बाढ़ का कहर बना हुआ है।दर्जनों गांव के साथ हजारों बीघा फसल भी बाढ़ के पानी से बरबाद हो गई हैं।वही नासे की पुलिया के पास करीब 500 बीघा फसल को सुरक्षित करने के लिए ग्रामीण आगे आए।कई ग्रामीणों ने चंदा इक्कठा कर बांध बनाने का काम शुरू किया। जिसके पूरे हों और काफी फसल बाढ़ के पानी से सुरक्षित कर ली गई है।
तहसील क्षेत्र के खानपुर, चैनगंज गांव के खेतों में हर साल गंगा की बाढ़ का पानी आ जाता है।जिससे किसानों की मेहनत से बोई हुई फसले बरबाद हो जाती है।इस बार बाढ़ आने पर भी खेतों की तरफ पानी आना शुरू हुआ। खेतों में धान, उड़द, तिल सहित कई फसलें बोई जा चुकी थी।किसानों को प्रशासन से मदद मिलने की कोई उम्मीद नहीं थी।जिसके बाद किसान नरसिंह, सतीश, सचिन ने कमेटी बनाकर ग्रामीणों ने चंदा इक्कठा शुरू किया।20 हजार रूपए तक इक्कठा होने के बाद जेसीबी मशीन से बांध बनाने का काम शुरू किया गया।इसके साथ ही बंधे को कई फीट ऊंचा करने के बाद मजबूत करने को ईट का रोड़ा भी बड़ी मात्रा में डाला गया।
किसानों ने बताया की प्रशासन से कई बार गुहार भी लगाई गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए इस वर्ष बाढ़ से फसल बचाने के लिए सभी लोगों ने खुद मिलकर ही बांध बनाने का निर्णय लिया। बांध बन जाने से काफी फसल सुरक्षित हो गई है। लेकिन ग्रामीणों ने बताया कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया लेकिन कोई आश्वासन नहीं मिला थकहार कर उन्हें स्वयं यहां कदम उठाना पड़ा।
मॉनसून का कहर: भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद में भारी बारिश हो रही है, जिससे पूरे जिले में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई इलाकों में जलभराव की समस्या गहरा गई है, और नदियों का जलस्तर तेजी से बढऩे लगा है।
शहर के निचले इलाकों में पानी भर जाने से लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ों पर पानी भरने से यातायात बाधित हो गया है, और कई जगहों पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया है। बारिश के कारण स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, और प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन ने नदियों के किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है। कई गाँवों में पानी भरने से फसलें नष्ट हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। राहत शिविरों की स्थापना की जा रही है, और प्रभावित क्षेत्रों में नावों और अन्य बचाव उपकरणों की व्यवस्था की गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर तैनात कर दी गई हैं।
शहर के कई हिस्सों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। स्थानीय निवासी घरों में ही रहने को मजबूर हैं, और आवश्यक वस्तुओं की कमी की आशंका बढ़ गई है। कई घरों में पानी घुस जाने से लोग परेशान हैं और अपने घरों से सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। बरसात और बाढ़ के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी खतरा बढ़ गया है। जलजमाव के कारण मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ गई है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए विशेष टीमें गठित की हैं, जो प्रभावित क्षेत्रों में दवाइयों और जरूरी चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही हैं।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और अधिक बारिश की संभावना जताई है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, और सभी विभागों को आपातकालीन सेवाओं के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में बारिश और बाढ़ की इस विकट स्थिति ने प्रशासन और स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। सभी की नजरें अब मौसम के अगले अपडेट और प्रशासन की राहत कार्यों पर टिकी हुई हैं।








