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Wednesday, January 28, 2026
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सरकारी दफ्तरों में प्राइवेट कर्मी हटने से बढ़ीं दिक्कतें, कर्मचारी भर्ती भी जरूरी

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। हाल ही में सरकारी दफ्तरों में प्राइवेट कर्मियों की संख्या में कमी आने के कारण प्रशासनिक कार्यों में कई दिक्कतें सामने आ रही हैं। इन दफ्तरों में काम करने वाले कर्मियों की भारी कमी के चलते जनता को सेवाओं में विलंब का सामना करना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के कई विभागों में पहले से ही कर्मचारी कम थे, और अब प्राइवेट कर्मियों के हटने से यह समस्या और भी बढ़ गई है। नगर निगम, बिजली विभाग, शिक्षा विभाग, और स्वास्थ्य विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों में प्राइवेट कर्मियों की कमी के चलते दैनिक कार्यों में बाधाएं आ रही हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, जिले में सरकारी दफ्तरों में 40त्न पद खाली हैं। नगर निगम में 150 पदों में से 60 पद खाली हैं, बिजली विभाग में 200 में से 80 पद खाली हैं, शिक्षा विभाग में 300 में से 120 पद खाली हैं और स्वास्थ्य विभाग में 250 में से 100 पद खाली हैं।
इस कमी का असर सीधे जनता पर पड़ रहा है। कई सरकारी सेवाएं जैसे जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, बिजली कनेक्शन, और स्वास्थ्य सेवाएं समय पर नहीं मिल पा रही हैं। नागरिकों को सरकारी दफ्तरों में कई-कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और उनके कामों में काफी देरी हो रही है। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस समस्या का समाधान करने के लिए तुरंत भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी होगी। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि सभी खाली पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए ताकि सरकारी दफ्तरों में सेवाओं का सुचारू संचालन हो सके।
नगर पालिका के अधिकारी ने बताया, हमारे पास कर्मचारियों की भारी कमी है। प्राइवेट कर्मियों के हटने से यह समस्या और बढ़ गई है। अगर जल्द ही भर्ती नहीं की गई तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, कर्मचारियों की कमी के चलते बिजली कनेक्शन देने में देरी हो रही है। इससे जनता को परेशानी हो रही है। हमें जल्द से जल्द नए कर्मचारियों की जरूरत है।
शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी इस समस्या की गंभीरता पर जोर देते हुए सरकार से तत्काल भर्ती की मांग की है। सरकार द्वारा अगर इस समस्या पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में यह स्थिति और भी विकराल रूप ले सकती है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में और अधिक बाधाएं आएंगी और जनता को और भी अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर सरकार का नया कदम: वक्फ एक्ट में 40 बड़े बदलाव प्रस्तावित होंगे झगड़े खत्म

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यूथ इंडिया संवाददाता
लखनऊ/फर्रुखाबाद। सरकार ने वक्फ बोर्ड को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की योजना बनाई है। इसके अंतर्गत किसी भी संपत्ति को वक्फ संपत्ति घोषित करने और उस पर नियंत्रण करने के अधिकारों पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट ने शुक्रवार शाम को वक्फ एक्ट में 40 बदलावों पर चर्चा की। इन बदलावों में वक्फ बोर्ड के अधिकार क्षेत्र की जांच भी शामिल है, जो देशभर में लाखों करोड़ रुपये की संपत्ति को नियंत्रित करता है।
एक प्रतिष्ठित अखबार में छपी रिपोर्ट के अनुसार, वक्फ एक्ट में प्रस्तावित बड़े बदलावों में से एक यह है कि वक्फ बोर्ड द्वारा किसी संपत्ति पर दावा करने की स्थिति में उसका वेरीफिकेशन (सत्यापन) अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा, जिन संपत्तियों पर वक्फ बोर्ड और किसी आम व्यक्ति के बीच विवाद चल रहा है, उसमें भी वेरीफिकेशन को अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है।
इस कदम से वक्फ संपत्तियों के विवादों को हल करने और उन्हें अधिक पारदर्शी बनाने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इन प्रस्तावित बदलावों से वक्फ बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में सुधार होगा और संपत्तियों का दुरुपयोग रोका जा सकेगा।
वक्फ बोर्ड के अधिकार क्षेत्र और संपत्तियों के बारे में यह कदम न केवल प्रशासनिक सुधार का हिस्सा है, बल्कि इससे जुड़े विवादों को हल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। इससे वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता बढ़ेगी और विभिन्न पक्षों के बीच चल रहे विवादों का निराकरण भी संभव हो सकेगा।

गो रक्षा अभियान तेज़: संगठनों की पहल से गायों को मिलेगा संरक्षण

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यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जनपद में गो रक्षा अभियान ने हाल ही में तेजी पकड़ी है। विभिन्न गो रक्षा संगठनों ने मिलकर गायों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
स्थानीय गोशाला के अध्यक्ष, रामेश्वर प्रसाद, ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में गोशाला में गायों की संख्या में वृद्धि हुई है। हमने न केवल स्थानीय किसानों से बेघर और घायल गायों को गोद लिया है, बल्कि उन गायों का भी ध्यान रखा है जो सडक़ों पर दुर्घटना का शिकार हो गई थीं, उन्होंने कहा। अभियान के तहत, गो रक्षा संगठन गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और उन्हें गायों की देखभाल करने के तरीके सिखा रहे हैं।
इसके अलावा, संगठनों ने गोशाला में सुधार कार्य भी किए हैं, जिसमें शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, स्वच्छता अभियान और चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं। शहर के प्रमुख समाजसेवी, शरद कुमार, ने इस अभियान की सराहना की और कहा, गाय हमारे समाज की महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।

नवाबगंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 में जलभराव की समस्या गंभीर

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यूथ इंडिया संवाददाता
नवाबगंज, फर्रुखाबाद। नगर पंचायत के वार्ड नंबर 6 भरत सिंह नगर के मोहल्ला बिजय नगर में जलभराव की समस्या गंभीर होती जा रही है। गलियों में पानी भरने से स्थानीय निवासियों को पानी से होकर निकलना पड़ रहा है, जिससे उनके दैनिक जीवन में काफी परेशानी हो रही है।
मोहल्ले में स्थित नाला काफी समय से बंद पड़ा है, जिससे पानी का निकास नहीं हो पा रहा है और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।जलभराव और कीचड़ के कारण मोहल्ले में मच्छरों की तादाद बढ़ रही है, जिससे संक्रमण का डर बना हुआ है। गंदगी और बदबू से स्थानीय निवासी परेशान हैं।मच्छरों के बढऩे से डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित रोगों का खतरा बढ़ गया है, जिससे लोग चिंतित हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार नगर पंचायत में शिकायत की जा चुकी है, मगर अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। संजू कश्यप, जगदीश सिसोदिया, सुदीप यादव, आशीष यादव, बसुदेव श्रीवास्तव, सरवन कश्यप, शारद यादव, योगेंद यादव, अनिल कुमार, पप्पू श्रीवास्तव, करू, जितेंद, नरेंद्र आदि लोगों ने जलभराव की समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की है।
निवासियों की माँग है कि नाले की सफाई करके पानी की निकासी की व्यवस्था तुरंत की जाए।जलभराव के स्थायी समाधान के लिए पंपिंग सिस्टम लगाया जाए।स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच की जाए और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
नगर पंचायत के अधिकारियों से इस मुद्दे पर संपर्क करने की कोशिश की गई, मगर उनकी ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करेगा।

गंगा एक्सप्रेस वे से आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे को जोडऩे वाली लिंक एक्सप्रेस वे के लिए कागजी प्रक्रिया लगभग पूर्ण

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यूथ इंडिया (शरद कटियार)
फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुसार गंगा एक्सप्रेस वे को आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे से जोडऩे वाली लिंक एक्सप्रेस वे परियोजना की कागजी प्रक्रिया अब लगभग पूर्ण हो चुकी है। इस महत्त्वपूर्ण परियोजना का उद्देश्य फर्रुखाबाद जिले को नई गति प्रदान करना और राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
इस लिंक एक्सप्रेस वे के निर्माण से फर्रुखाबाद जिले में परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। यह परियोजना गंगा एक्सप्रेस वे को आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे से जोडक़र क्षेत्र की संपर्कता को बढ़ाएगी, जिससे यात्रियों और व्यापारियों को बेहतर मार्ग और सुविधाएँ मिलेंगी।
1. लंबाई और चौड़ाई प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेस वे की लंबाई लगभग 60 किलोमीटर होगी और यह चार लेन का मार्ग होगा।
2. निर्माण लागत परियोजना की अनुमानित लागत 3500 करोड़ रुपये है।
3. समाप्ति समय परियोजना को अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।
4. अवसंरचना एक्सप्रेस वे पर आधुनिक सुविधाएँ जैसे कि रेस्ट एरिया, फ्यूल स्टेशन, और मेडिकल सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी।
1. आर्थिक विकास एक्सप्रेस वे के निर्माण से स्थानीय व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
2. पर्यटन बेहतर परिवहन सुविधाओं से क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
3. कृषि किसानों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने में आसानी होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
अब तक, परियोजना की कागजी प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है और निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। सरकार ने भूमि अधिग्रहण और आवश्यक अनुमतियों के कार्य को प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी और फर्रुखाबाद जिले को एक नई पहचान देगी।
फर्रुखाबाद के निवासियों में इस परियोजना को लेकर उत्साह और आशा है। वे मानते हैं कि लिंक एक्सप्रेस वे के निर्माण से जिले का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।

मित्रता दिवस: मित्रता एक ऐसा बंधन,जो जीवन को देता संजीवनी

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मित्रता, यह एक ऐसा बंधन है जो जीवन को संजीवनी प्रदान करता है। मित्रता दिवस का अवसर आते ही हम सभी के दिलों में एक अलग ही उमंग और जोश भर जाता है। लेकिन हर कहानी में हमेशा खुशी और हंसी नहीं होती, कभी-कभी यह दिन हमें उन टूटे रिश्तों और भावुकता से भरी यादों की भी याद दिलाता है।
जब हम अपने सबसे अच्छे मित्रों के साथ बिताए पलों को याद करते हैं, तो कई बार हमारी आंखें उन यादों में खो जाती हैं, जो अब केवल स्मृतियों में ही रह गई हैं। वह दोस्त, जिसने हर मुश्किल घड़ी में हमारा साथ दिया, जिसकी हंसी हमारे जीवन का सबसे मधुर संगीत थी, और जिसने हमारे आंसुओं को अपनी मुस्कान से पोछा, अब हमारे साथ नहीं है।
कुछ मित्रता ऐसी होती हैं जो समय की धारा में बह जाती हैं। छोटी-छोटी गलतफहमियां, अंहकार और गलत निर्णयों के कारण हम अपने सबसे प्रिय मित्रों को खो देते हैं। जब हम पीछे मुडक़र देखते हैं, तो उन खोए हुए पलों की कसक हमारे दिल को चीर जाती है। हम सोचते हैं कि काश हमने थोड़ा और समय दिया होता, काश हमने थोड़ा और समझा होता, काश हमने एक और मौका दिया होता।
मित्रता दिवस पर, उन टूटे दिलों के लिए, जो अपने प्रिय मित्रों को खो चुके हैं, यह दिन और भी भावुक हो जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि सच्चे मित्र कभी भुलाए नहीं जा सकते, उनकी यादें हमारे दिलों में हमेशा जिंदा रहती हैं। उनके बिना हमारा जीवन अधूरा लगता है, और हम उनके बिना अपने आपको अकेला महसूस करते हैं।
इस मित्रता दिवस पर, हम उन सभी मित्रों को याद करते हैं जिन्होंने हमारे जीवन को खुशियों से भरा था। हम उन खोए हुए रिश्तों के लिए अपने दिल से आंसू बहाते हैं, और उन यादों को संजोते हैं जो हमें उनके साथ बिताए पलों की याद दिलाती हैं। हमें याद रखना चाहिए कि सच्ची मित्रता कभी खत्म नहीं होती, वह समय के साथ और भी मजबूत होती जाती है।
आइए, इस मित्रता दिवस पर हम अपने टूटे दिलों को थोड़ा आराम दें और उन प्यारे पलों को याद करें जो हमने अपने मित्रों के साथ बिताए थे। उन यादों को दिल में बसा लें, क्योंकि वे ही हमारी सच्ची दौलत हैं। मित्रता दिवस की शुभकामनाएं, उन सभी दिलों के लिए जो टूटे हुए हैं, लेकिन जिन्होंने सच्ची मित्रता का स्वाद चखा है।