यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। थाना राजेपुर क्षेत्र के निविया चौराहे के पास रविवार सुबह एक महिला का शव पानी भरे खड्ड में औंधे मुंह पड़ा मिला, जिससे पूरे इलाके में हडक़ंप मच गया। स्थानीय लोगों ने बदबू से परेशान होकर तत्काल मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर थाना पुलिस, सीओ अमृतपुर, और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को खड्ड से बाहर निकाला और पहचान के प्रयास शुरू किए। कुछ ही देर में ग्राम बरुआ बमियारी निवासी इंद्रपाल मौके पर पहुंचा और मृतक महिला की पहचान अपनी पत्नी शिवानी (45) के रूप में की। पति इंद्रपाल ने बताया कि उसकी पत्नी शराब पीने की आदी थी और एक अगस्त को ?500 लेकर मायके जाने की बात कहकर घर से निकली थी, जिसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं चला। क्षेत्राधिकारी अमृतपुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि महिला शराब पीने के बाद पानी भरे गड्ढे में गिर गई। सभी पहलुओं की जांच के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य एकत्रित किए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पानी भरे खड्ड में औंधे मुंह पड़ा मिला महिला का शव, मचा हडक़ंप
उत्तर प्रदेशीय माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई द्वारा शिक्षकों की समस्याओं पर विचार-विमर्श
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेशीय माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने आज स्थानीय कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। बैठक में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला अध्यक्ष श्री मोहल्लाल चुल्ला आदर्श विद्यालय इंटर कॉलेज के प्रबंधक रवि श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षकों के कल्याण और विकास के लिए संघ निरंतर प्रयासरत है।
बैठक में प्रमुख रूप से एसआईआरएस, एनसीपीआरटीई, और एसटीईटी से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई। शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं में वेतन विसंगतियाँ, तबादले और पदोन्नति से संबंधित समस्याएं शामिल थीं। उपस्थित शिक्षकों ने बताया कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है और तबादला प्रक्रिया में भी भारी अनियमितताएं हैं।
बैठक में शिक्षक संघ के प्रमुख उपाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्रा, कोषाध्यक्ष अशोक त्रिपाठी, और अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि संघ जल्द ही जिला शिक्षा अधिकारी से मिलकर शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेगा। संघ के सचिव श्री राजीव यादव ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान संघ की प्राथमिकता है और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संघ आंदोलन करेगा। इसके लिए सभी शिक्षकों को एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया गया। बैठक में प्रमुख रूप से सतीश यादव, आर. के. सिंह, राजेंद्र सिंह, विनोद यादव, और अन्य शिक्षकों ने भाग लिया।
संघ के जिला महामंत्री नरेंद्र कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि संघ की अगली बैठक 15 सितंबर को होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
जन आरोग्य मेले में 220 मरीजों को दवा की गई वितरण
यूथ इंडिया संवाददाता
अमृतपुर/ फर्रुखाबाद। गंगा नदी में लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण ग्रामीणों की समस्याएं बढऩे लगी है जिसको देखते हुए बीमारियां भी पैर पसारने लगी हैं जिसके कारण मरीजों की संख्या अधिक हो रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों से जन-जन को स्वस्थ रखने के लिए कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। भीषण गर्मी उमस व बारिश व बाढ़ के कारण मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही। है। इसी को ध्यान में रखते हुए आज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमृतपुर में जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 220 मरीजों को दवा का वितरण किया गया।
डॉ. गौरव राजपूत ने जानकारी दी कि मेले बाढ़ के भरे पानी की वजह से में डायरिया, दस्त, तेज बुखार, उल्टी, सिर दर्द, बदन दर्द, चक्कर आना, खाज-खुजली, सीओपीडी, अस्थमा, दमा आदि बीमारियों के मरीज पहुंचे। ज्यादातर मरीज इस समय दाद खाज खुजली के आ रहे हैं।
अस्पताल में 25 मलेरिया, 10 टाइफाइड, 7 टीबी, 18 डायबिटीज और 2 हीमोग्लोबिन (एचबी) की जांच की गई। डॉ. गौरव ने बताया कि इस समय बुखार के मरीजो की संख्या बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई है। इस मौके पर डॉ. गौरव राजपूत के साथ फार्मासिस्ट अरविंद कुमार, लैब टेक्नीशियन सोनाली पाल एनम शोभना अवस्थी आदि सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने मिलकर मेले को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। स्वास्थ्य विभाग के इस सक्रिय प्रयास से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है, और वे इस प्रकार के आयोजनों की सराहना कर रहे हैं। तथा एंटी रेबीज के भी आज दो मरीजों को इंजेक्शन लगाए गए
CAT के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, ये हैं देश के टॉप IIM कॉलेज
कॉमन एडमिशन टेस्ट यानी कैट (CAT) 2024 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. आवेदन करने की अंतिम तारीख 13 सितंबर निर्धारित की गई है. योग्य और इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इस साल IIM 24 नवंबर को 170 शहरों में परीक्षा का आयोजन करेगा, जिसके लिए एडमिट कार्ड 5 नवंबर को जारी होगा और रिजल्ट जनवरी 2025 के दूसरे हफ्ते में आ सकता है. दरअसल, कैट एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसके तहत छात्रों को देश के टॉप बिजनेस स्कूलों और खासकर आईआईएम (IIM) में एमबीए में दाखिला मिलता है.
आवेदन शुल्क
आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, कॉमन एडमिशन टेस्ट के लिए आवेदन करने वाले सामान्य कैटेगरी के उम्मीदवारों को परीक्षा शुल्क अब 2500 रुपये देने होंगे, जबकि पहले यह राशि 2400 रुपये थी, जबकि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए शुल्क 1,250 रुपये है, जो पहले 1200 रुपये था.
पात्रता
स्नातक डिग्री: कम से कम 50 प्रतिशत अंक या समकक्ष सीजीपीए; अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और विकलांग (पीडब्ल्यूडी) कैटेगरी के उम्मीदवारों के मामले में 45 प्रतिशत अंक.
स्नातक डिग्री/समकक्ष योग्यता परीक्षा के अंतिम वर्ष में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थी और जिन्होंने डिग्री की आवश्यकताएं पूरी कर ली हैं और रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं, वो भी आवेदन कर सकते हैं.
कैसे करें आवेदन
– सबसे पहले तो कैट की आधिकारिक वेबसाइट https://iimcat.ac.in/ पर जाएं और यूजर आईडी और पासवर्ड बनाने के लिए रजिस्टर करें. एप्लिकेशन फॉर्म भरने के लिए जनरेटेड यूजर आईडी और पासवर्ड के साथ लॉगिन करें.
रजिस्ट्रेशन और आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए डिटेल्स भरने और ऑनलाइन भुगतान करने के बाद एप्लिकेशन फॉर्म जमा करें.
– रजिस्ट्रेशन के दौरान उम्मीदवारों द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस को उस मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस पर भेजे गए ओटीपी के माध्यम से सत्यापित किया जाएगा.
– एक बार ओटीपी सत्यापित हो जाने पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड रजिस्टर्ड ईमेल एड्रेस और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाएगा.
– ध्यान रहे कि एक बार भुगतान हो जाने और एप्लिकेशन फॉर्म जमा हो जाने के बाद आवेदकों को उसमें कोई भी परिवर्तन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
आरक्षित सीटें कितनी हैं?
15 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति (एससी) के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं.
अनुसूचित जनजाति (एसटी) के उम्मीदवारों के लिए 7.5 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं.
27 प्रतिशत सीटें ‘नॉन क्रीमी’ लेयर (एनसी-ओबीसी) से संबंधित अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं.
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के उम्मीदवारों के लिए 10 प्रतिशत तक सीटें आरक्षित हैं.
परीक्षा का पैटर्न क्या है?
परीक्षा में तीन सेक्शन शामिल होंगे, जिसमें डेटा इंटरप्रिटेशन और लॉजिकल रीजनिंग, वर्बल एंड रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड शामिल हैं.
प्रश्न पत्र में दो प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें मल्टीपल चॉइस क्वेशचन यानी बहुविकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू) और टाइप-इन-द-आंसर (टीआईटीए) शामिल हैं, जिनका कुल स्कोर 198 अंक होगा.
कौन से हैं देश के टॉप IIM कॉलेज?
देश भर में 21 आईआईएम कॉलेज हैं, जिसमें आईआईएम अहमदाबाद पहले नंबर है, जबकि दूसरे नंबर पर आईआईएम बैंगलोर, तीसरे नंबर पर आईआईएम कोझीकोड, चौथे नंबर पर आईआईएम कोलकाता, छठे नंबर पर आईआईएम लखनऊ, सातवें नंबर पर आईआईएम मुंबई, आठवें नंबर पर आईआईएम इंदौर, 11वें नंबर पर आईआईएम रायपुर, 12वें नंबर पर आईआईएम रोहतक है और 16वें नंबर पर आईआईएम उदयपुर है.
सावन के सोमवार को शिवालयों में उमड़ेगी भक्तों की भीड़, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। सावन के सोमवार की पूर्व संध्या पर शहर के शिवालयों में पूजा की तैयारियां होती रहीं। सावन के महीने में सारा माहौल ही शिव मय दिखाई दे रहा है ऐतिहासिक पांडेश्वर नाथ शिवालय एवं अन्य शिव मंदिरों में पूजा अर्चना का क्रम चल रहा चल रहा है खास तौर से सोमवार को होने वाली भगवान शिव की विशेष पूजा की तैयारी चलती रही वहीं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन की चकचौबंद व्यवस्था कराए जाने के निर्देश पुलिस अधीक्षक ने दिए हैं।
बताते चलें कि सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है इस कारण से सनातन धर्म को मानने वाले भक्तजन अपने-अपने तरीके से भगवान शिव को इस महीने में मनाने का काम करते हैं कोई व्रत रखकर अनुष्ठान करता है तो कोई गंगा स्नान कर भगवान शिव का अभिषेक करता है सोमवार को सुबह से लेकर शाम तक भगवान शिव की पूजा अर्चना का क्रम चलेगा मंदिरों में सुबह से ही भीड़ ढूंढने की इसी सबको नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन विशेष तैयारी कर चुका है मंदिरों के आसपास फोर्स लगया जाएगा। पांडेश्वर नाथ मंदिर प्रांगण में बेरी गेटिंग लगाए गए हैं जिनमें एक तरफ से प्रवेश और दूसरी तरफ से निकास की व्यवस्था की गई है शिव पूजा के लिए प्रसाद विक्रेताओं व पूजन सामग्री विक्रेताओं की तैयारी भी जोरों पर चलती रही नागेश्वर नाथ से वाले कालेश्वर नाथ शिवालय कोतवालेश्वर नाथ शिवालय महाकाल मंदिर समेत छोटी काशी के नाम से विख्यात नगरी के सशिवालयों में पूजा अर्चना की तैयारी चल चलती रही।
अभिव्यंजना ने जयन्ती पर पुरूषोत्तम दास टंडन,प्रेमचंद्र व मैथिलीशरण गुप्त को किया याद
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था अभिव्यजना ने पुरूषोत्तम दास टंडन, प्रेम चंद्र तथा मेथालीशरण गुप्त की जयंती समारोह सयुक्त रूप से डा.रजनी सरीन के आवास पर संपन्न हुई। वक्ताओं ने तीनों हिंदी सेवियो की हिंदी सेवा पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि प्राचार्य बद्री विशाल कालेज डा.रश्मि प्रियदर्शनी ने कहा कि तीनों महापुरुषों का हिंदी पर बहुत बड़ा ऋण हैं।
हिंदी विद्वान डा.राजकुमार सिंह ने कहा कि पुरुषोत्तम दास टंडन दृढ़ व्यक्तित्व के धनी थे।उनका निश्चय अटल होता था।हिंदी को उसकी प्रतिष्ठा दिलाने में उन्होंने पूरा जीवन लगा दिया।डा.संतोष पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रकवि मेथाली शरण गुप्त की कविताओं मे भारत की आत्मा बोलती है,वह भारतीय संस्कृति के व्याख्याता महाकवि के रूप में प्रतिष्ठित है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही संस्था प्रमुख डा.रजनी सरीन ने कहा कि टंडन, प्रेम चंद्र व गुप्त हिंदी के ब्रह्मा विष्णु शिव है। इन तीनो हिंदी सेवियों के अथक परिश्रम और तपस्या का ही परिणाम है, हिंदी आज विश्व पटल पर एक सशक्त और समर्थ भाषा के रूप में प्रतिष्ठित है।संस्था समन्वयक भूपेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रेमचंद ने अपने उपन्यास और कहानियों में आदर्शोन्मुख यथार्थवाद की प्रतिष्ठा की।जवाहर सिंह गंगवार ने कहा कि प्रेम चंद्र जनता की दबी कुचली आवाज थे। कवि सम्मेलन में एजाज वारसी,डा. कृष्णकांत अक्षर, राजेश हजेला, उपकार मणि उपकार,भारती मिश्रा, प्रीति तिवारी, डा.संतोष पाण्डेय, सुधांशु शर्मा ने अपनी कविताओं का रसास्वादन कराया। इस मौके पर डा.हरिदत्त द्विवेदी, आलोक रायजादा, आलोक पांडेय, संजय गर्ग, त्रिलोकीनाथ गुप्त, कैलाश कटियार,उदय बाथम, ईशान, देवकीनंदन गंगवार, डा.प्रभात अवस्थी, राममुरारी शुक्ला, रविंद्र भदौरिया आदि मौजूद रहे।






