18 C
Lucknow
Wednesday, January 28, 2026
Home Blog Page 3250

उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड के नए नियम लागू

0

यूथ इंडिया संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में राशन कार्ड के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं, जिससे लाभार्थियों को राशन वितरण में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित की जा सके। नए नियमावली में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनसे लाभार्थियों की पहचान और पात्रता को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
1. आधार लिंकिंग अनिवार्य- राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और लाभार्थियों की सही पहचान हो सकेगी।
2. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया- नए नियमों के तहत, राशन कार्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है। इससे आवेदकों को कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और समय की बचत होगी।
3. वार्षिक आय सीमा- राज्य सरकार ने पात्रता के लिए वार्षिक आय सीमा निर्धारित की है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह सीमा 1.5 लाख रुपये और शहरी क्षेत्रों के लिए 2 लाख रुपये है। इसके तहत उन्हीं परिवारों को राशन कार्ड मिलेगा जिनकी आय इन सीमाओं के भीतर हो।
4. नवीनतम दस्तावेज़ों की आवश्यकता- नए आवेदन के साथ आवेदकों को आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और परिवार के सदस्यों की सूची प्रस्तुत करनी होगी।
5. सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार- नए नियमों के तहत पीडीएस प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कई उपाय किए गए हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल मशीनों का उपयोग, जीपीएस आधारित निगरानी, और शिकायत निवारण तंत्र शामिल हैं।
लाभार्थियों की संख्या- राज्य में कुल 3 करोड़ से अधिक परिवार राशन कार्ड के माध्यम से लाभान्वित होते हैं।
राशन की वितरण दर- प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो अनाज (चावल/गेहूं) प्रदान किया जाता है।जिला स्तर पर निगरानी- जिला स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है जो राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर नजर रखेंगी।
उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद विभाग के मंत्री, ने कहा, नए नियमों का उद्देश्य राशन वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाना है, ताकि गरीब और वंचित परिवारों को समय पर और उचित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध हो सके।
लाभार्थी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-180-0150 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, शिकायतें ऑनलाइन पोर्टल पर भी दर्ज कराई जा सकती हैं। इन नए नियमों और सुधारों के साथ, उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य राज्य में राशन वितरण प्रणाली को सशक्त और प्रभावी बनाना है, जिससे सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर और बिना किसी कठिनाई के राशन मिल सके।

एडीजी आलोक सिंह और डीआईजी जोगेंद्र कुमार की जिले की कानून व्यवस्था पर गहरी नजर

0

यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए एडीजी आलोक सिंह और डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने जिले में गहन समीक्षा शुरू कर दी है। दोनों अधिकारियों ने हाल ही में जिले के विभिन्न थानों का दौरा किया और पुलिस कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया।पिछले महीने की तुलना में जुलाई 2024 में कुल अपराध दर में 15त्न की कमी आई है। चोरी और लूट के मामलों में 10फीसदी की कमी आई है, जबकि घरेलू हिंसा के मामलों में 8त्न की गिरावट दर्ज की गई है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से गंभीर अपराधों का समाधान तेजी से हो रहा है। पिछले महीने 25 गंभीर मामलों में से 20 मामलों का समाधान किया गया है।मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और शेष 5 मामलों की जांच चल रही है। महत्वपूर्ण स्थलों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है।
संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है, जिससे निगरानी प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर समन्वय के लिए सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।विभिन्न थाना क्षेत्रों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें नागरिकों की समस्याओं को सुना और समाधान किया जा रहा है। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्यवाही की जा रही है। जुलाई में 1500 से अधिक चालान किए गए हैं।ट्रैफिक पुलिस द्वारा विभिन्न चौराहों और प्रमुख सडक़ों पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। एडीजी आलोक सिंह ने कहा, हमारी प्राथमिकता कानपुर जिले को एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण स्थान बनाना है। हम सभी नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि वे पुलिस के साथ सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने भी नागरिकों से अपील की कि वे कानून का पालन करें और किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों से दूर रहें। पुलिस प्रशासन लगातार जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रयासरत है।

सरदार पटेल युवा वाहिनी की मासिक बैठक एवं पौधारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन

0

यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। सरदार पटेल युवा वाहिनी की मासिक बैठक ग्राम कीरतपुर में संगठन के संरक्षक आदरणीय श्री अशोक कटियार जी के निवास पर आयोजित की गई। इस अवसर पर सभी ग्राम वासियों का स्नेह एवं बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। बैठक के बाद कीरतपुर स्थित पार्क में पौधारोपण किया गया और सभी ने प्रकृति को हरा-भरा रखने का संकल्प लिया।: बैठक में सरदार पटेल युवा वाहिनी के सदस्यों ने ग्राम के विकास और संगठन की आगामी गतिविधियों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में ग्राम के बुजुर्गों ने आकर अपने आशीर्वाद दिए, जिससे युवाओं को प्रेरणा मिली और उन्होंने ग्राम विकास के लिए अधिक मेहनत करने का संकल्प लिया। बैठक के बाद कीरतपुर स्थित पार्क में पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर संगठन के सदस्यों और ग्रामवासियों ने मिलकर कई पेड़ लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।सभी उपस्थित लोगों ने प्रकृति को हरा-भरा रखने का संकल्प लिया। उन्होंने प्रतिज्ञा की कि वे न केवल पौधारोपण करेंगे बल्कि उनके संरक्षण और देखभाल का भी ध्यान रखेंगे।
इस सुंदर एवं सुसज्जित कार्यक्रम के आयोजन के लिए कीरतपुर के सभी ग्रामवासियों को हार्दिक बधाई। उनकी सहभागिता और सहयोग से ही यह कार्यक्रम सफल हो सका। इस तरह के आयोजन न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होते हैं बल्कि ग्रामवासियों को एकजुट करने और सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस कार्यक्रम ने ग्राम कीरतपुर में एक नई उमंग और जागरूकता का संचार किया है, और आने वाले समय में भी ऐसे आयोजनों की उम्मीद जताई जा रही है।

भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने किया सर्वांगीण विकास के लिए विशेष प्रयास

0

यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रूखाबाद। भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने अपने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए शासन के विभिन्न विभागों में जोरदार प्रयास किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर अपने क्षेत्र के विकास के लिए अधिक धन आवंटित करने की मांग उठाई है।
विधायक श्री राठौर ने क्षेत्र की सडक़ों की मरम्मत और नए पुलों के निर्माण के लिए 50 करोड़ की मांगके अलावा,नए स्कूलों और कॉलेजों के निर्माण एवं वर्तमान शैक्षिक संस्थानों में सुधार के लिए 30 करोड़ का प्रस्ताव दिया।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना और मौजूदा अस्पतालों में सुधार के लिए 20 करोड़।किसानों के लिए नई योजनाओं और सिंचाई परियोजनाओं के लिए 25 करोड़ की मांग। हर गांव में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और स्वच्छता अभियान के लिए 15 करोड़ की आवश्यकता बताई है।विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने कहा, हमारा क्षेत्र बहुत समय से विकास की दौड़ में पीछे रहा है। मुख्यमंत्री से हमारी मुलाकात सकारात्मक रही और हमें विश्वास है कि हमारे क्षेत्र को अधिक धन आवंटित किया जाएगा जिससे हम सभी क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास कर सकें।
विधायक की इस पहल से स्थानीय जनता में उत्साह है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि यदि इन योजनाओं पर सही तरीके से अमल होता है तो क्षेत्र की स्थिति में व्यापक सुधार होगा।भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नागेंद्र सिंह राठौर की इस पहल से स्पष्ट है कि वे अपने क्षेत्र के विकास के प्रति गंभीर हैं और इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। अब देखना यह है कि शासन से मिलने वाली सहायता के माध्यम से यह प्रयास कितने सफल होते हैं।

बीएसएनएल नेटवर्क सेवा ध्वस्त: बैटरियों की कमी, डीजल संकट और अधिकारियों की सुस्ती की जड़ें

0

यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रूखाबाद। बीएसएनएल नेटवर्क सेवा में हाल ही में आई भारी समस्या ने स्थानीय निवासियों को गंभीर असुविधा में डाल दिया है। नेटवर्क की स्थिति के बिगडऩे के मुख्य कारण टॉवर पर बैटरियों की कमी, डीजल संकट और अधिकारियों की सुस्ती बताई जा रही है।
बीएसएनएल के कई टॉवरों पर बैटरियों की गंभीर कमी हो गई है, जो नेटवर्क की निरंतरता में बाधा डाल रही है। इन बैटरियों का उपयोग टॉवर को विद्युत आपूर्ति में कटौती के दौरान सपोर्ट देने के लिए किया जाता है। लेकिन, कई टॉवरों पर बैटरियों की अनुपलब्धता के कारण, नेटवर्क के कई हिस्सों में सेवाएं ठप हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में 25 में से लगभग 10 बीएसएनएल टॉवर इस समस्या से प्रभावित हैं।
डीजल की आपूर्ति में बाधा ने भी नेटवर्क सेवा को प्रभावित किया है। टॉवरों पर जनरेटरों को चलाने के लिए नियमित रूप से डीजल की आवश्यकता होती है, जो अब ठीक से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, कई टॉवरों की जनरेटर सेवाएं बंद हो गई हैं, जिससे नेटवर्क कवरेज में बड़े अंतर आ गए हैं।
इस संकट का एक और महत्वपूर्ण पहलू अधिकारियों की सुस्ती है। बीएसएनएल की कई समस्याएं ठेकेदारों के माध्यम से हल की जाती हैं, लेकिन इनमें से कई ठेकेदार समय पर काम पूरा नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों की निगरानी की कमी और धीमी प्रक्रिया ने समस्या को और बढ़ा दिया है।
स्थानीय निवासियों ने नेटवर्क की समस्याओं को लेकर लगातार शिकायतें की हैं। ग्राहकों का कहना है कि वे इंटरनेट और कॉल सेवाओं के लिए दिन-रात परेशान हो रहे हैं। कई लोगों ने यह भी बताया कि उनके व्यवसाय और व्यक्तिगत संचार पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है।
बीएसएनएल अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि वे जल्द से जल्द बैटरियों की कमी और डीजल संकट को हल करने के प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि वे नेटवर्क की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदारों की कार्यक्षमता की समीक्षा करेंगे।
इस स्थिति का समाधान कब होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उपभोक्ता उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही बीएसएनएल नेटवर्क सेवाएं सुचारू हो जाएं ताकि उनकी समस्याओं का निवारण हो सके।

जिले में विकास की धीमी रफ्तार: डूडा में फंड की कमी, पीएम आवास योजना की किस्तें रुकीं

0

यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जिले के नगरीय इलाकों में विकास की धीमी गति और सरकारी योजनाओं के अमल में आ रही रुकावटों के कारण तमाम लोगों को अपनी छत नसीब नहीं हो पा रही है। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) में फंड की कमी और पीएम आवास योजना की तीसरी किस्त न मिलने के कारण यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
डूडा, जो कि जिला नगरीय विकास अभिकरण के नाम से जाना जाता है, फंड की कमी के कारण सफेद हाथी बन चुका है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, डूडा के तहत आने वाले विकास कार्यों के लिए आवंटित राशि का सिर्फ 40′ ही खर्च हो पाया है। बाकी का 60त्न फंड विभिन्न कारणों से खर्च नहीं हो पाया, जिसमें प्रशासनिक अड़चनें और फंड की अनुपलब्धता मुख्य कारण हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत तमाम लाभार्थियों को उनकी तीसरी किस्त का इंतजार है। जिले के आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 5000 परिवारों को अभी तक तीसरी किस्त नहीं मिली है, जिससे उनके घरों का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है।
जिले के नगरीय इलाकों में विकास की रफ्तार बहुत धीमी है। सडक़ें टूटी-फूटी हैं, नालियों की उचित व्यवस्था नहीं है और सार्वजनिक सुविधाओं की कमी है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि सरकार की योजनाएं और विकास कार्य कागजों पर ही सीमित रह गए हैं।
डूडा और जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि फंड की कमी के कारण कई विकास कार्य अधूरे रह गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम आवास योजना की तीसरी किस्त के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है और जल्द ही फंड रिलीज होने की उम्मीद है।
स्थानीय निवासियों ने सरकार से अपील की है कि वे जल्द से जल्द फंड रिलीज करें और विकास कार्यों को पूरा करें। उनका कहना है कि वे कई वर्षों से विकास की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है।जिले के नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही विकास कार्यों में तेजी आएगी और उन्हें भी अपनी छत नसीब होगी।