38 C
Lucknow
Monday, April 20, 2026
Home Blog Page 32

बेटी अनविष्का शर्मा ने रचा इतिहास, एम.एड. में स्वर्ण पदक पाकर बढ़ाया जिले का मान

0

 

फर्रुखाबाद

जनपद के मोहम्मदाबाद क्षेत्र की होनहार छात्रा अनविष्का शर्मा ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह के दौरान अनविष्का को एम.एड. पाठ्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर द्रौपदी मुर्मू भी उपस्थित रहीं, जिससे समारोह का महत्व और भी बढ़ गया।
अनविष्का की इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा फर्रुखाबाद जनपद गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनके परिवार में खुशी का माहौल है और क्षेत्र के लोग उन्हें लगातार बधाई दे रहे हैं। अनविष्का स्वर्गीय श्री विद्याभूषण शर्मा की नातिन हैं, जिन्होंने अपने जीवनकाल में मोहम्मदाबाद क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके पदचिह्नों पर चलते हुए अनविष्का ने यह सिद्ध कर दिया कि समर्पण और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
इस सफलता पर उनके परिजनों—श्री ज्ञान प्रकाश शर्मा, श्री मृत्युंजय शर्मा तथा उनके पिता श्री मनीष शर्मा—ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अनविष्का ने परिवार की वर्षों पुरानी शैक्षिक परंपरा को आगे बढ़ाया है। वर्तमान में अनविष्का राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA) में शोधार्थी के रूप में अध्ययनरत हैं और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही हैं।
अपनी सफलता का श्रेय अनविष्का ने अपने माता-पिता, परिवारजनों और गुरुजनों को दिया है। उन्होंने विशेष रूप से अपने मार्गदर्शक डॉ. चंद्रशेखर पांडेय और डॉ. हरीश पांडेय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी।
अनविष्का की यह सफलता क्षेत्र की अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

युवक की संदिग्ध मौत: पत्नी से विवाद के बाद घर में मिला शव

0

 

बरेली के कैंट थाना क्षेत्र के नकटिया इलाके में शनिवार सुबह एक युवक का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान इमरान उर्फ विनय के रूप में हुई है, जिसने करीब तीन साल पहले धर्म परिवर्तन कर एक युवती से शादी की थी। परिवार में उसके दो छोटे बच्चे भी हैं, जिससे घटना और भी संवेदनशील हो गई है।

पुलिस के मुताबिक, घटना से कुछ घंटे पहले ही युवक का अपनी पत्नी मुस्कान से विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि झगड़ा इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई, जिसके बाद पत्नी नाराज होकर अपने मायके चली गई। इस घटनाक्रम के बाद देर रात जो कुछ हुआ, उसने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है।

जानकारी के अनुसार, रात करीब साढ़े बारह बजे मुस्कान अपने परिजनों के साथ वापस घर पहुंची। घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। इस पर उसके भाई जाहिद ने दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया और दरवाजा खोला। जब परिजन कमरे में पहुंचे तो युवक का शव छत के कुंडे से रस्सी और चुन्नी के सहारे लटका मिला।

घटनास्थल की स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कमरे की कुंडी अंदर से बंद नहीं थी, जिससे किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका की आशंका भी जताई जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और फील्ड यूनिट टीम ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

कैंट इंस्पेक्टर ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और मामले को संदिग्ध मानकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

यह घटना एक बार फिर पारिवारिक तनाव और रिश्तों में बढ़ते टकराव की गंभीरता को सामने लाती है। ऐसे मामलों में संवाद और समझदारी की कमी कई बार दुखद परिणामों की वजह बन जाती है, जिस पर समाज को गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

खाई में गिरने से 9 पर्यटकों की मौत

0

 

तमिलनाडु के वलपरई में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 9 लोगों की जान चली गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब पर्यटकों से भरा एक टेम्पो ट्रैवलर पहाड़ी रास्ते पर अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया।

पुलिस के अनुसार, यह वाहन पेरिंथलमन्ना से आए 13 पर्यटकों को लेकर वलपरई घूमने के बाद वापस लौट रहा था। जैसे ही गाड़ी 13वें हेयरपिन मोड़ पर पहुंची, चालक का संतुलन बिगड़ गया और वाहन फिसलता हुआ कई मोड़ों को पार करते हुए नीचे जा गिरा। बताया जा रहा है कि वाहन करीब 9वें हेयरपिन मोड़ तक लुढ़क गया, जिससे हादसा बेहद भयावह हो गया।

इस दुर्घटना में एक पुरुष और आठ महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और घायलों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। घायलों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से पोलाची के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

वलपरई के पहाड़ी रास्ते अपने तीखे मोड़ों और खतरनाक ढलानों के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही या तकनीकी गड़बड़ी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। शुरुआती जांच में वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

स्थानीय प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। साथ ही, पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और ड्राइवरों से सावधानी बरतने की अपील की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा मानकों और ड्राइविंग सावधानी की अहमियत को उजागर करता है। खासकर पर्यटन सीजन में जब इन मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ जाती है, तब प्रशासन और यात्रियों दोनों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू: लाखों श्रद्धालु तैयार, नए नियम लागू

0

 

आस्था का महापर्व चारधाम यात्रा शनिवार से विधिवत शुरू हो रही है। ऋषिकेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरी झंडी दिखाकर यात्रियों से भरी बसों को यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के लिए रवाना करेंगे। ये श्रद्धालु 19 अप्रैल को कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे। इस बार यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 18.25 लाख से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।

इस वर्ष प्रशासन ने यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर भी शुरू कर दिए गए हैं, जिससे उन श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी जो ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। यात्रा की शुरुआत मध्य प्रदेश के शहडोल से आए 100 श्रद्धालुओं के पंजीकरण से हुई, जो सबसे पहले यमुनोत्री और गंगोत्री के दर्शन के लिए रवाना होंगे।

चारधाम यात्रा के लिए इस बार कुछ सख्त नियम भी लागू किए गए हैं। केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर में केवल हिंदू, बौद्ध, सिख और जैन धर्म के श्रद्धालुओं को ही प्रवेश की अनुमति होगी। इसके अलावा केदारनाथ के गर्भगृह में गंगाजल और फूल चढ़ाने पर रोक लगाई गई है, और विशेष पूजाएं निर्धारित समय पर ही संपन्न कराई जाएंगी। इससे मंदिर व्यवस्था को नियंत्रित और व्यवस्थित रखने का प्रयास किया गया है।

यात्रा मार्ग पर भी सुरक्षा और यातायात को लेकर विशेष प्रबंधन किया गया है। सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक ही वाहनों को चलने की अनुमति होगी, जबकि इसके बाद उन्हें चेकपोस्ट पर रोका जाएगा। पूरे मार्ग को 16 सुपर जोन में बांटा गया है और 54 हजार वाहनों के लिए 118 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। यह व्यवस्था बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और जाम की समस्या से बचने के लिए की गई है।

स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन को लेकर भी इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। केदारनाथ की कठिन पैदल यात्रा शुरू करने से पहले बुजुर्गों और बीपी के मरीजों की स्वास्थ्य जांच गौरीकुंड में की जाएगी। इसके अलावा 48 हाल्टिंग पॉइंट बनाए गए हैं, जहां आपदा की स्थिति में 1.18 लाख लोगों को सुरक्षित ठहराया जा सकता है। भूस्खलन के खतरे वाले 80 स्थानों को चिन्हित कर वहां आपातकालीन टीमें तैनात की गई हैं।

कुल मिलाकर इस बार चारधाम यात्रा पहले से ज्यादा संगठित, सुरक्षित और अनुशासित नजर आ रही है। प्रशासन का फोकस श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर अनुभव पर है। बढ़ती संख्या और कड़े नियमों के बीच यह देखना अहम होगा कि यात्रा कितनी सुचारू रूप से संपन्न होती है और श्रद्धालुओं का अनुभव कैसा रहता है।

जबरन प्रीपेड मीटर लगाए जाने के विरोध में सपा का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन

0

उपभोक्ताओं की सहमति के बिना मीटर न लगाने की मांग
प्रीपेड मीटर समस्याओं के समाधान के लिए अलग काउंटर बनाने पर जोर
फर्रुखाबाद। नगर में स्मार्ट और प्रीपेड बिजली मीटरों को जबरन लगाए जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। महानगर सपा अध्यक्ष राघव दत्त मिश्रा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
ज्ञापन में सपा नेताओं ने कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं की सहमति के बिना उनके घरों में प्रीपेड या स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा भविष्य में संभावित समस्याओं का डर दिखाकर जबरन मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे आम जनता में आक्रोश व्याप्त है।
सपा नेताओं ने उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को यह अधिकार है कि वे अपनी इच्छा के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर का चयन करें। इसके बावजूद विभाग मनमानी पर उतारू है और जनपद में बड़े पैमाने पर जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि जिन उपभोक्ताओं के मीटर खराब हो गए हैं और उन्हें बदलवाया गया है, वहां प्रीपेड मीटर के बजाय पोस्टपेड मीटर लगाए जाएं। यदि प्रीपेड मीटर लगाया भी जाए तो वह उपभोक्ता की सहमति से ही हो। जबरदस्ती किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
सपा प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे पर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो पार्टी को आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
इसके साथ ही उन्होंने प्रीपेड मीटरों में आ रही तकनीकी गड़बड़ियों और उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि विद्युत विभाग के उपकेंद्रों पर अलग से काउंटर स्थापित किए जाएं, जहां विशेष रूप से प्रीपेड मीटर से संबंधित शिकायतों का समाधान किया जा सके और इसके लिए अलग से कर्मचारियों की तैनाती की जाए।
ज्ञापन देने वालों में महानगर अध्यक्ष राघव दत्त मिश्रा के साथ कुलदीप भारद्वाज, ओम प्रकाश, अतुल वर्मा, अरविंद, पंकज गुप्ता, शशांक सक्सेना समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

पुणे एयरपोर्ट पर भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट की हार्ड लैंडिंग, 8 घंटे बाधित रहा संचालन

0

 

पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुक्रवार रात भारतीय वायुसेना के एक लड़ाकू विमान की हार्ड लैंडिंग होने से हड़कंप मच गया। यह घटना रात करीब 10:30 बजे हुई, जिसके बाद रनवे को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। इसके चलते एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन लगभग 8 घंटे तक प्रभावित रहा और कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

भारतीय वायुसेना (IAF) ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान का क्रू पूरी तरह सुरक्षित है। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, रात में तुरंत रनवे की जांच और मरम्मत कार्य शुरू किया गया, जिसके बाद सुबह करीब 7:30 बजे उड़ान संचालन को फिर से शुरू किया जा सका। हालांकि दिन के दौरान भी सेवाएं पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाईं।

एयरपोर्ट डायरेक्टर के मुताबिक, इस घटना के कारण कुल 91 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं, जिनमें इंडिगो की 65, एयर इंडिया की 6, स्पाइसजेट की 5, अकासा एयर की 5 और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 10 उड़ानें शामिल थीं। अचानक हुई इस बाधा के कारण सैकड़ों यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए और उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लैंडिंग के दौरान विमान के अंडरकैरिज (लैंडिंग गियर) में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे विमान रनवे पर जोर से टकरा गया। हालांकि वायुसेना या एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह कौन सा फाइटर जेट था।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की “हार्ड लैंडिंग” तब होती है जब विमान सामान्य से अधिक तेज या असंतुलित तरीके से रनवे पर उतरता है। इसके पीछे खराब मौसम, तकनीकी समस्या या पायलट की गणना में गड़बड़ी जैसी वजहें हो सकती हैं। गंभीर मामलों में इससे विमान और रनवे दोनों को नुकसान पहुंच सकता है।

एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि रनवे की मरम्मत पूरी कर ली गई है और सुरक्षा जांच के बाद ही संचालन दोबारा शुरू किया गया। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन कुछ उड़ानों का शेड्यूल अब भी प्रभावित है और धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है।