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Tuesday, March 24, 2026
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भारतीय जन उद्योग व्यापार मंडल ने किया भव्य योगशाला का आयोजन

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– सैकड़ों व्यापारियों और नागरिकों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग, योग गुरुओं ने कराया अभ्यास

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारतीय जन उद्योग व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश (पंजीकृत) द्वारा सिटी क्लब में एक भव्य योगशाला का आयोजन किया गया। इस आयोजन में सैकड़ों व्यापारियों, नागरिकों और क्षेत्रवासियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना था। योग विशेषज्ञों और योगाकुलम विकास नगर से पधारे योग गुरुओं ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान के अभ्यास कराए। सभी उपस्थितजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग के महत्व को अनुभव किया। संगठन की भविष्य की योजनाएं

संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु संगठन भविष्य में भी इस प्रकार के योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। उनका उद्देश्य है कि योग को जन-जन तक पहुँचाया जाए और इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए।

इस अवसर पर संगठन के प्रदेश संयोजक एस.डी. सिंह बैसवारा, प्रदेश संरक्षक सुशील निगम, प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश महामंत्री सुशील सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष विवेक शुक्ला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंकज दीक्षित, लखनऊ प्रभारी विनोद सिंह, प्रदेश उप मंत्री आर.के. सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण मिश्रा, प्रदेश संगठन मंत्री एस.के. मिश्रा, विधिक सलाहकार दीपक सिंह, प्रचार मंत्री किशन सिंह सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इसके साथ ही जिला संरक्षक पंकज मौर्य, जिला अध्यक्ष विश्वकर्मा, जिला उपाध्यक्ष सौरभ वर्मा, धर्मेंद्र मौर्य, विकासनगर अध्यक्ष योगेश चतुर्वेदी, महामंत्री हनुमंत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह, नहर रोड महामंत्री मोहित सिंह सहित बड़ी संख्या में व्यापारीगण, योग प्रेमी और क्षेत्रवासी भी मौजूद रहे।

राजभवन में भव्य योग उत्सव: राज्यपाल ने दिया संदेश – “योग केवल व्यायाम नहीं, जीवनशैली है”

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– “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” थीम पर हुआ योगाभ्यास; प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी हुआ

लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से राजभवन लखनऊ में 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” रही। प्रशिक्षित योगाचार्यों के निर्देशन में हुए इस सामूहिक अभ्यास में स्वयं राज्यपाल ने भाग लिया और प्रातः 6 बजे योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कर उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा, “योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, यह एक जीवनशैली, आत्मिक अनुशासन और सामूहिक कल्याण का मार्ग है। इसे बंद न करें, आदत बनाएं, और पूरे परिवार के साथ अपनाएं। यह पुण्य का कार्य है।”
राज्यपाल ने बताया कि राजभवन परिसर में 1 से 20 जून तक प्रतिदिन सुबह योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों, अधिकारियों, नागरिकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने इसे शारीरिक, मानसिक और आत्मिक लाभ का स्रोत बताया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विशाखापट्टनम से योग नेतृत्व का सजीव प्रसारण किया गया। प्रधानमंत्री ने “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” विषय पर आधारित योग दिवस का महत्व बताया और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। यह आयोजन देशभर में 3.5 लाख स्थानों पर “योग संगम” के रूप में मनाया गया।

राज्यपाल ने जानकारी दी कि हाल ही में राजभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों का बीएमआई परीक्षण कराया गया है, जिससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने बताया कि राजभवन परिसर प्रतिदिन सुबह 5 से 8 और शाम 5 से 7 बजे तक आमजन के लिए खुला रहता है।

राज्यपाल ने कहा, “स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज का निर्माण करते हैं। यह हमारा सामूहिक दायित्व है कि हम मिलकर देश को सशक्त बनाएं। योग और खेल दो ऐसे प्रभावशाली माध्यम हैं जो समाज को अनुशासित और सशक्त बनाते हैं।”

उन्होंने “गर्भ संस्कार” की महत्ता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि जन्मपूर्व संस्कारों का बच्चे के चरित्र निर्माण में गहरा प्रभाव होता है। इसे जीवन की मूल आधारशिला बताया।

राज्यपाल ने अपने गुजरात कार्यकाल की चर्चा करते हुए बताया कि वर्ष 2003 में शुरू हुआ “खेलो गुजरात” अभियान आज भी प्रभावी है, जिसमें हर वर्ग की भागीदारी रहती है। उन्होंने इसे समाज के स्वास्थ्य और उत्साह का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में आयुष एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी और कहा कि “योग अब केवल भारत की पहचान नहीं, बल्कि वैश्विक चेतना का हिस्सा बन गया है।”

उन्होंने योग को आत्मा और शरीर के बीच का सेतु बताते हुए कहा कि यह व्यक्ति को शांति, संतुलन और अनुशासन देता है।

इस अवसर पर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, प्रमुख सचिव आयुष श्री रंजन कुमार, मंडलायुक्त लखनऊ डॉ. रोशन जैकब, महानिदेशक आयुष श्री मानवेन्द्र सिंह समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति, अधिकारी, कर्मचारी और योग साधक उपस्थित रहे।

गेल (इंडिया) लिमिटेड के बोर्ड में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कामिनी चौहान रतन की नियुक्ति, आशीष जोशी की जगह ली

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नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड के बोर्ड में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। सरकार ने 1997 बैच की आईएएस अधिकारी और वरिष्ठ नौकरशाह कामिनी चौहान रतन को सरकारी नामित निदेशक के रूप में नियुक्त किया है। वह इस पद पर आशीष जोशी का स्थान लेंगी।

वर्तमान में रतन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoP&NG) में अतिरिक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। अपने प्रशासनिक अनुभव और ऊर्जा क्षेत्र में गहरी समझ के चलते उनकी यह नियुक्ति गेल के लिए एक रणनीतिक और सशक्त निर्णय मानी जा रही है।

कामिनी चौहान रतन की नियुक्ति से न केवल मंत्रालय और गेल के बीच तालमेल को मजबूती मिलेगी, बल्कि कंपनी की वित्तीय और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को भी नई दिशा मिल सकती है। उनकी विशेषज्ञता विशेष रूप से वित्तीय नीति-निर्माण, परियोजना निगरानी और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में काम आ सकती है।

गेल (इंडिया) लिमिटेड, भारत की अग्रणी गैस यूटिलिटी कंपनी है जो प्राकृतिक गैस के उत्पादन, परिवहन, वितरण और मार्केटिंग में अग्रणी भूमिका निभा रही है। ऐसे में बोर्ड में उच्च-स्तरीय नेतृत्व का महत्व और भी बढ़ जाता है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, कामिनी चौहान रतन की यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू मानी गई है।

जनसेवा की मिसाल बने संभल के जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पेसिया, भावुक तस्वीर ने छू लिया पूरे प्रदेश का दिल

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– आमजन के प्रति समर्पण ने पेश की सच्चे प्रशासन की तस्वीर

संभल (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के संभल जनपद से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने न केवल सरकारी तंत्र की छवि को सशक्त किया है, बल्कि यह भी दिखा दिया है कि अगर अधिकारी संवेदनशीलता और सेवा-भाव के साथ कार्य करें तो जनता का विश्वास अपने आप लौट आता है। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पेसिया की यह फोटो इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर सरकारी गलियारों तक चर्चा का विषय बनी हुई है।

इस तस्वीर में डॉ. पेसिया किसी आम नागरिक की समस्या को पूरी गंभीरता, नम्रता और संवेदना के साथ सुनते हुए नजर आ रहे हैं। उनकी आंखों में जनता के प्रति उत्तरदायित्व और चेहरे पर आत्मीयता का भाव स्पष्ट झलक रहा है। यह दृश्य किसी कैमरे के लिए नहीं, बल्कि दिल से निकली सेवा भावना का प्रतीक बन गया है।

जहां आमतौर पर अफसरशाही पर लालफीताशाही और बेरुखे रवैये के आरोप लगते हैं, वहीं डॉ. पेसिया ने यह साबित कर दिया कि अधिकारी अगर चाहें तो अपनी संवेदनशीलता और निष्ठा से व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने यह भी दिखाया कि एक डीएम की कुर्सी पर बैठा व्यक्ति केवल आदेश देने वाला नहीं, बल्कि जनता की पीड़ा को समझने और दूर करने वाला सच्चा जनसेवक भी हो सकता है।

सोशल मीडिया पर यह तस्वीर वायरल होते ही प्रदेश भर के लोगों और प्रशासनिक हलकों से डॉ. पेसिया की जमकर तारीफ हो रही है। कई लोगों ने लिखा कि “अगर हर जिलाधिकारी ऐसा हो जाए, तो किसी को दर-दर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।” वहीं, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने उन्हें अपना आदर्श बताया।

डॉ. पेसिया की यह तस्वीर केवल एक भावनात्मक क्षण नहीं है, यह उस बदलाव की बयार है, जिसकी जनता को लंबे समय से प्रतीक्षा थी। लोगों को अब विश्वास हो चला है कि अगर प्रशासनिक अधिकारी इसी भावना के साथ काम करें तो लालफीताशाही पर अंकुश लगेगा और गरीब, वंचित व पीड़ित को न्याय सुलभ हो सकेगा।

संभल के जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पेसिया ने यह दिखा दिया है कि सच्चा प्रशासनिक अधिकारी वही होता है जो अपने पद का उपयोग जनता की सेवा के लिए करता है, न कि केवल सत्ता के प्रदर्शन के लिए। उनकी यह एक तस्वीर आज हर उस अफसर के लिए आईना है, जिसे पद के साथ-साथ संवेदना का भी निर्वाह करना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में किया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का नेतृत्व

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– महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में 21 हजार लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

गोरखपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गोरखपुर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित ‘सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम’ का नेतृत्व किया। इस मौके पर उन्होंने योग को “भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक जीवनशैली समाधान” बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 6:30 बजे वैदिक मंत्रों के उच्चारण और सूर्य नमस्कार से हुई, जिसमें मुख्यमंत्री स्वयं योगगुरु के रूप में उपस्थित रहे। योग सत्र में विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया गया, जिसमें ताड़ासन, वज्रासन, भुजंगासन, त्रिकोणासन, प्राणायाम और ध्यान प्रमुख रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा,

“योग ने पूरी दुनिया को भारत की आध्यात्मिक शक्ति से परिचित कराया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से 2015 से संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया और आज यह 180 से अधिक देशों में मनाया जाता है।”

उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं बल्कि मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक जागृति का मार्ग है। कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं, अधिकारियों, डॉक्टरों और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।

कार्यक्रम स्थल पर 5 एम्बुलेंस, 8 डॉक्टरों की टीम, तथा 120 स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई थी।
2 ड्रोन कैमरे से निगरानी और 12 CCTV कैमरे से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

इस मौके पर हजारों स्कूली बच्चों, पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया। पूरे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सोशल मीडिया और सरकारी चैनलों पर किया गया।

योग, जीवन की समग्रता को समझने और स्वस्थ समाज निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योग को सभी स्कूलों और सरकारी संस्थानों में अनिवार्य रूप से शामिल करने की योजना का संकेत भी इस अवसर पर दिया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पुलिस लाइन में योगाभ्यास कार्यक्रम सम्पन्न

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फर्रुखाबाद। 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार सुबह जनपद फतेहगढ़ स्थित पुलिस लाइन परिसर में विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय सिंह ने स्वयं उपस्थित रहकर समस्त पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास किया।

कार्यक्रम में सभी पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम किए। योगाभ्यास के माध्यम से तनावमुक्त और स्वस्थ जीवन की प्रेरणा दी गई।

डॉ. संजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि,

योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक शांति और आत्म अनुशासन का मार्ग है। पुलिस बल को अपने कठिन कर्तव्यों के बीच योग को अपनाना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पुलिस विभाग द्वारा यह आयोजन “योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” थीम के तहत किया गया, जो पुलिसकर्मियों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।