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Sunday, March 1, 2026
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इंटर की रसायन विज्ञान परीक्षा में सॉल्वर पकड़ी गई, भंडार गृह में छिपाकर हल कराया जा रहा था पेपर

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इटावा

भरथना क्षेत्र स्थित श्री बांके बिहारी इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट की रसायन विज्ञान परीक्षा के दौरान नकल कराने का बड़ा मामला सामने आया है। छात्रा की जगह एक सॉल्वर युवती को पेपर हल करते रंगे हाथों पकड़ा गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि उसे सीसीटीवी कैमरों से बचाने के लिए कॉलेज परिसर के एक बंद भंडार गृह में छिपाकर बैठाया गया था। मामले में केंद्र व्यवस्थापक, संबंधित छात्रा और सॉल्वर युवती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
जानकारी के अनुसार परीक्षा केंद्र पर जीआईसी के प्रधानाचार्य पूरन सिंह पाल को केंद्र इंचार्ज बनाकर भेजा गया था। परीक्षा के दौरान स्टेटिक मजिस्ट्रेट और तहसीलदार निरीक्षण पर पहुंचे। नियमित जांच के दौरान उन्हें केंद्र परिसर में एक कमरे पर ताला लगा होने पर संदेह हुआ। पूछताछ करने पर स्पष्ट जवाब न मिलने से उनका शक और गहरा गया।
अधिकारियों ने कमरे का ताला खोलने के निर्देश दिए, लेकिन केंद्र व्यवस्थापक की ओर से पहले आनाकानी की गई। ताला खोलने को लेकर काफी देर तक बहस और हुज्जत होती रही। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम भरथना काव्यासी को मौके पर बुलाया गया। उनके पहुंचने के बाद सख्ती से ताला खुलवाया गया।
जैसे ही कमरे का दरवाजा खोला गया, अंदर का नजारा देखकर अधिकारी स्तब्ध रह गए। बंद भंडार गृह में एक युवती बैठकर इंटरमीडिएट रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र हल कर रही थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि वह मूल परीक्षार्थी नहीं बल्कि सॉल्वर के रूप में आई थी और छात्रा की जगह परीक्षा हल कर रही थी।
अधिकारियों ने तुरंत सॉल्वर युवती को हिरासत में ले लिया और संबंधित छात्रा की भी पहचान की गई। पूरे घटनाक्रम की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई। इसके बाद केंद्र व्यवस्थापक, छात्रा और सॉल्वर के विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
इस घटना ने बोर्ड परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रशासन ने अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी सघन जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि इस तरह की अनियमितताओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बाइक सवार की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल

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इटावा

इकदिल थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दंपति को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसा आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर बिरारी गांव के सामने हुआ, जहां टक्कर इतनी भीषण थी कि पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। दुर्घटना के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और काफी संख्या में लोग घटनास्थल पर एकत्र हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मैनपुरी जनपद के करहल स्थित स्टेट बैंक शाखा के पास रहने वाले नरेश अपनी पत्नी राजो देवी के साथ बाइक से पुखरायां किसी रिश्तेदार की गमी में शामिल होने जा रहे थे। शुक्रवार दोपहर लगभग डेढ़ बजे जब उनकी बाइक बिरारी गांव के सामने आगरा-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंची, तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई और दोनों पति-पत्नी उछलकर दूर जा गिरे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि नरेश ट्रक के नीचे आ गए और उनका शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनकी गर्दन धड़ से अलग हो गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया। हादसे से हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।
सूचना मिलते ही इकदिल थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायल राजो देवी को तत्काल एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया है और परिजनों को सूचना दे दी है।
पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि वाहन की पहचान कर उसे पकड़ा जा सके। इस दर्दनाक हादसे से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। स्थानीय लोगों ने हाईवे पर बढ़ती तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही पर चिंता जताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सात माह से वेतन बकाया, जवाहर तापीय परियोजना में दूसरे दिन भी श्रमिकों की हड़ताल जारी

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एटा

जिले स्थित जवाहर तापीय परियोजना में वेतन भुगतान न होने से आक्रोशित श्रमिकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। सात माह से वेतन न मिलने के कारण मजदूरों ने काम बंद कर प्रदर्शन तेज कर दिया है, जिससे प्लांट का कार्य प्रभावित होने लगा है। श्रमिकों का कहना है कि लंबे समय से आश्वासन मिल रहा था, लेकिन भुगतान नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
पॉवर प्लांट परिसर में बड़ी संख्या में कर्मचारियों और श्रमिकों ने एकत्र होकर नारेबाजी की और बकाया वेतन जल्द दिलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कई मजदूरों ने बताया कि परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। सात महीने से वेतन न मिलने के कारण उनके सामने रोजमर्रा की समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
उधर मैन पावर कंपनियों ने भी मुख्य निर्माण कंपनी दुसान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कंपनियों का आरोप है कि मुख्य कंपनी ने पिछले दो वर्षों से करोड़ों रुपये का भुगतान रोक रखा है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें बकाया धनराशि नहीं मिलेगी, तब तक वे श्रमिकों को वेतन देने की स्थिति में नहीं हैं। मैन पावर कंपनियों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है और मामले की जांच कराते हुए भुगतान सुनिश्चित कराने की अपील की है।
हड़ताल के चलते परियोजना में चल रहे निर्माण और रखरखाव कार्यों पर असर पड़ने लगा है। सूत्रों के अनुसार यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो प्लांट के संचालन पर भी प्रभाव पड़ सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है, जबकि श्रमिकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जवाहर तापीय परियोजना प्रदेश की महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं में गिनी जाती है। ऐसे में वेतन विवाद के चलते काम प्रभावित होना न केवल श्रमिकों बल्कि ऊर्जा उत्पादन व्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि शासन और संबंधित कंपनियां इस विवाद का समाधान कब तक निकाल पाती हैं।

मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण न भरने पर 13 स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन रोका, सीएमओ ने जारी किया नोटिस

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एटा। स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही बरतना 13 कर्मचारियों को महंगा पड़ गया। मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज न करने के कारण इन कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ कार्यालय स्थित मलेरिया विभाग में करीब 14 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें मलेरिया निरीक्षक समेत अन्य स्टाफ शामिल है। शासन स्तर से सभी कर्मचारियों को निर्देशित किया गया था कि वे मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण भरकर डाटा लॉक करें। यह प्रक्रिया अनिवार्य की गई थी ताकि कर्मचारियों की संपत्ति का अद्यतन रिकॉर्ड विभाग के पास उपलब्ध रहे।
बताया गया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर केवल एक कर्मचारी ने ही पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण दर्ज कर डाटा लॉक किया, जबकि शेष 13 कर्मचारियों ने इस आदेश की अनदेखी की। इसे प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना मानते हुए विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि शासन द्वारा मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण भरने का स्लॉट फिलहाल लॉक कर दिया गया है। जिन कर्मचारियों ने समय रहते विवरण नहीं भरा, उन्हें अब अगला अवसर मिलने तक इंतजार करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन कर्मचारियों का विवरण लंबित है, उनका वेतन फिलहाल रोका गया है और होली के अवसर पर भी उन्हें वेतन प्राप्त नहीं होगा।
इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि भविष्य में ऐसे आदेशों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार शासन पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संपत्ति विवरण को अनिवार्य रूप से लागू कर रहा है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता पर अंकुश लगाया जा सके।

दहेज में पांच लाख की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को घर से निकाला, कोर्ट के आदेश पर सात पर एफआईआर

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मैनपुरी। दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को प्रताड़ित कर घर से निकाल देने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और धमकी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। मामला एलाऊ थाना क्षेत्र का है।
एलाऊ थाना क्षेत्र के गांव अजीतगंज निवासी गायत्री देवी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनका विवाह 23 फरवरी 2025 को रोहित उर्फ रकी निवासी गांव ताहरपुर, थाना टप्पल जनपद अलीगढ़ के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के समय सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया गया, लेकिन आरोप है कि शादी के महज 15 दिन बाद ही ससुराल पक्ष ने पांच लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी।
पीड़िता के अनुसार मांग पूरी न होने पर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। आए दिन ताने दिए जाते थे और मारपीट की जाती थी। आरोप है कि पति, सास-ससुर समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर उसे परेशान किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। अंततः मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया।
पीड़िता ने बताया कि उसने कई बार समझौते का प्रयास किया, लेकिन ससुराल पक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा। न्याय न मिलने पर उसने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने पति रोहित उर्फ रकी समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। साक्ष्य और बयान के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद पीड़िता अपने मायके में रह रही है और न्याय की मांग कर रही है। यह मामला एक बार फिर दहेज प्रथा की कड़वी सच्चाई को उजागर करता है, जिसके खिलाफ कानून होने के बावजूद घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

बेगुसराय में पति ने व्हाट्सएप पर पत्नी को दिया तलाक, एनसीडब्ल्यू ने संज्ञान लिया और पुलिस रिपोर्ट मांगी

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बेगुसराय: बिहार के बेगुसराय (Begusarai) जिले में एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने व्हाट्सएप पर तीन तलाक का संदेश भेजकर उसे तलाक दे दिया और बार-बार दहेज की मांग करने पर दोबारा शादी कर ली। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। महिला ने न्याय की गुहार लगाते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) से संपर्क किया है। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्थानीय पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।

शिकायत के अनुसार, यह घटना फुलवारिया थाना क्षेत्र की है और लगभग दो साल पुरानी है। महिला ने आरोप लगाया कि उसकी शादी 11 मार्च, 2022 को हुई थी और शादी के समय उसके परिवार ने 51,000 रुपये नकद दिए थे। लगभग तीन महीने बाद, उसके ससुराल वालों ने कथित तौर पर 5 लाख रुपये दहेज की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर, उसे कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया और बाद में घर से निकाल दिया गया।

महिला ने आगे आरोप लगाया कि उसका पति उसे वापस दिल्ली ले गया, जहां उसने व्यापार के बहाने उसकी मां से 5 लाख रुपये ले लिए। उसने दावा किया कि उसकी मां ने गहने गिरवी रखकर और कर्ज लेकर रकम जुटाई। इसके अलावा, उसके बैंक खाते में जमा 14 लाख रुपये कथित तौर पर उसके पति ने निकाल लिए। उसने दावा किया कि अब तक उससे और उसके परिवार से कुल 16-17 लाख रुपये लिए जा चुके हैं।

उसने पैसे वापस मांगने पर शारीरिक हमले का भी आरोप लगाया। 17 मार्च, 2024 को, पति ने कथित तौर पर एक संदेश भेजकर उसे सूचित किया कि वह दोबारा शादी करने की योजना बना रहा है।

महिला ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में बार-बार पुलिस से संपर्क करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनके वकील ने जांच में खामियों का आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में उचित धाराएं नहीं लगाई गईं। जायसवाल ने कहा, “इसके अलावा, जांच में लापरवाही बरती गई। यह एक गंभीर आपराधिक मामला है, लेकिन उचित धाराएं नहीं लगाई गईं। हम उच्चतम स्तर पर न्याय की मांग करेंगे।”

एनसीडब्ल्यू सदस्य ममता कुमारी ने कहा कि आयोग ने संबंधित पुलिस अधिकारी से दो दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा, “केवल कानून पर्याप्त नहीं है। इसलिए, समाज को एकजुट होना होगा और सामाजिक जागरूकता आवश्यक है। तीन तलाक बंद करो, दहेज प्रथा समाप्त करो, और इसमें समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है। हमें शिकायत मिली है और हम मामले की जांच करेंगे। महिलाओं को न्याय मिलेगा।” कुमारी ने आगे की जांच जारी रखी है।