नवाबगंज, फर्रुखाबाद। नवाबगंज थाना क्षेत्र के नगला विनायक गांव निवासी एक युवक सोमवार को सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। हालांकि गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक अपनी गाड़ी से गांव नगला विनायक से नवाबगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर जा रहा था। जैसे ही वह बबना तिराहा से बाईपास की ओर बढ़ा, तभी सामने से अचानक आ रहे एक बाइक सवार को बचाने के प्रयास में उसकी गाड़ी अनियंत्रित हो गई।
अनियंत्रित गाड़ी सीधे बबना तिराहा निवासी गुड्डू राजपूत के मकान के गेट में जा घुसी। टक्कर इतनी तेज थी कि मकान के गेट को नुकसान पहुंचा। हादसे के समय गेट के आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते का प्रयास काफी देर तक चलता रहा, लेकिन बात नहीं बन सकी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना नवाबगंज थाना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए युवक व उसकी गाड़ी को थाने ले आई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों की बात सुनकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा हादसा टला, बाइक सवार को बचाने में युवक की गाड़ी मकान के गेट में घुसी
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर 13 जनवरी से फिर शुरू होगी बातचीत, रिश्तों को नई ऊंचाई देने का लक्ष्य
शेयर बाजार में जोरदार तेजी
नई दिल्ली। भारत में नियुक्त नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर 13 जनवरी 2026 से एक बार फिर औपचारिक बातचीत शुरू की जाएगी। राजदूत के इस बयान को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। उनके बयान के बाद घरेलू शेयर बाजार में भी सकारात्मक असर देखने को मिला और निवेशकों में भरोसा बढ़ा।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंधों को अगले स्तर तक ले जाना उनका स्पष्ट और प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास, रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। सर्जियो गोर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बेहद करीबी माना जाता है और ऐसे में उनके बयान को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिश्तों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच दोस्ती दिखावटी नहीं बल्कि पूरी तरह सच्ची और भरोसे पर आधारित है। सर्जियो गोर ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति ट्रंप अगले एक-दो वर्षों में भारत की यात्रा कर सकते हैं, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
सर्जियो गोर ने कहा कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका के संबंध पूरी दुनिया के लिए सबसे निर्णायक साबित होंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका के लिए भारत से ज्यादा महत्वपूर्ण कोई अन्य साझेदार नहीं है। बदलते वैश्विक और भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत-अमेरिका संबंध न केवल वर्तमान बल्कि आने वाले दशकों की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभाएंगे।
राजदूत के इस बयान से संकेत मिलता है कि व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा और कूटनीति के क्षेत्रों में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग और तेज होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रेड डील पर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो इसका सीधा लाभ दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के साथ-साथ वैश्विक बाजारों पर भी पड़ेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनता दर्शन
अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं, समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश
लखनऊ। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से आए आमजनों के प्रार्थना पत्र स्वीकार किए और अधिकारियों को उनकी समस्याओं के त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्पष्ट किया कि अवैध कब्जा, चाहे वह किसी भी रूप में हो, सरकार द्वारा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भूमाफिया और दबंगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार और नियमित रूप से जारी रहेगी और किसी भी अवैध गतिविधि को सहन नहीं किया जाएगा।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने आमजनों की व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों को कानून, राजस्व और अन्य संबंधित प्रकरणों में शीघ्रता से समाधान सुनिश्चित करने का आदेश देते हुए कहा कि हर नागरिक की समस्या का संतोषजनक और पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आमजन को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार पूरी तरह से उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनदेखी स्वीकार्य नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी आमजन को राहत देने के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, ताकि गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपने बच्चों और बुजुर्गों के इलाज में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने बच्चों के प्रति विशेष स्नेह और जिम्मेदारी का भाव प्रकट करते हुए अभिभावकों को ठंड के मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखने, पौष्टिक आहार देने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने की सलाह दी।
जनता दर्शन में उपस्थित नागरिकों ने मुख्यमंत्री के सहृदय और लोगों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैये की खुले तौर पर सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए निर्देशों के चलते अधिकारियों द्वारा जल्द और प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों ने जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने का संकल्प लिया।
भारत-जर्मनी की दोस्ती को नई ऊंचाई: मोदी–मर्ज की द्विपक्षीय वार्ता, साबरमती में साथ उड़ी पतंग
गांधीनगर में रणनीतिक साझेदारी पर मुहर, अहमदाबाद में संस्कृति और सहयोग का संदेश
गांधीनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच सोमवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में अहम द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल का ग्रुप फोटो लिया गया, जो भारत-जर्मनी के बढ़ते रणनीतिक संबंधों का प्रतीक बना। वार्ता में व्यापार, निवेश, रक्षा, शिक्षा और वैश्विक चुनौतियों पर व्यापक चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी करीबी सहयोगी हैं और आज भारत में 2000 से अधिक जर्मन कंपनियों की मौजूदगी जर्मनी के भारत के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि दोनों देश नई परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। आज हुए एमओयू से द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूती मिलेगी।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में चांसलर मर्ज की यात्रा को विशेष बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे हुए और इस वर्ष दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीबी सहयोग न केवल दोनों देशों, बल्कि पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने में जर्मनी का सहयोग सराहनीय है। बढ़ता रक्षा सहयोग आपसी भरोसे और साझा सोच का प्रतीक है। बढ़ते व्यापार और निवेश संबंधों ने रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा दी है।
वैश्विक मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत सभी समस्याओं और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है। भारत और जर्मनी इस बात पर सहमत हैं कि वैश्विक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार बेहद जरूरी है।
शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि हायर एजुकेशन पर बने रोडमैप से साझेदारी और मजबूत होगी। उन्होंने जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने का आमंत्रण भी दिया, जिससे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के नए अवसर मिल सकेंगे।
वार्ता से पहले दोनों नेताओं ने अहमदाबाद में साबरमती आश्रम पहुंचकर महात्मा गांधी को नमन किया। इसके बाद साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में हिस्सा लिया, जहां प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने साथ मिलकर पतंग उड़ाई। यह दृश्य भारत-जर्मनी की दोस्ती और सांस्कृतिक जुड़ाव का सशक्त संदेश बना।
साबरमती आश्रम की गेस्ट बुक में चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने लिखा कि महात्मा गांधी की अहिंसा की अवधारणा, स्वतंत्रता की शक्ति में विश्वास और हर व्यक्ति की गरिमा में आस्था आज भी लोगों को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में गांधी के आदर्शों की पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी के तीन दिवसीय गुजरात दौरे का सोमवार को अंतिम दिन था। इस दौरे के दौरान उन्होंने विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। मोदी–मर्ज की यह मुलाकात न केवल कूटनीतिक दृष्टि से अहम रही, बल्कि भारत-जर्मनी संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला संदेश भी दे गई।
ग्रामीणों ने घेर कर विद्युत कर्मी को पीटा, आधा दर्जन पर मुकदमा
फर्रुखाबाद। विद्युत बिल अदा करने के लिए लगाए गए कैंप के विद्युत कर्मी की गाड़ी से एक बच्चे को चोट लग गई ग्रामीणों ने विद्युत कर्मी को घेर कर पीटा और उसके मोटरसाइकिल की चाबी छीन ली इस मामले में अवर अभियंता विद्युत की तरहरी पर पुलिस ने आधा दर्जन लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कार्यवाही शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार हुसैनपुर नौखण्डा के मजरा हुल्ली सिंह नगला में विधुत कैम्प लगाय गया था इस दौरान विधुत कर्मी धीरज मोटर साइकिल से गांव मे कार्य कर रहा था वाइक के सामने अचानक बच्चा आ गया एवं बाइक से टकराने के कारण बच्चे को चोट लग गयी इसी दौरान विधुतकर्मी वाइक से तुंरत उतरा एव बच्चे से चोट की बात पूछी। तभी आस-पास के लोग गाली गलौजकरते हुये डण्डा लेकर आये और धीरज के साथ मारपीट करने लगे जिनमें अनुज पुत्र सुल्तान, विनोद पुत्र कश्मीर दिलीप पुत्र मानसिंह नितिन पुत्र नामालूम, शैलेन्द्र पुत्र पुत्र सूबेदार वीरेन्द्र के नाम पता चले हैं। जब तक अन्य स्टाफ एवं डायल 112 पुलिस नहीं आयी तब तक विजलीकर्मी को वंधन मुक्त नही किया गया मोटर वाइक की चाबी ग्रामीणो द्वारा वापस ही नहीं दी गयी। इस आशय की तहरीर और अभियंता विद्युत ने पुलिस को दी। शरीर के आधार पर पुलिस ने आधा आधा दर्जन लोगों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जांच पड़ताल शुरू कर दी।
सुंदरीकरण की बाट जोह रहा बढ़पुर मंदिर के पीछे का तालाब
फर्रुखाबाद। एक ओर जहां विकास के दावे मंचों और फाइलों में जोर-शोर से किए जा रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। विकास की गंगा बहाने के दावे करने वाले जिम्मेदारों की अनदेखी का शिकार बढ़पुर मंदिर के पीछे स्थित कई बीघे में फैला तालाब वर्षों से उपेक्षा झेल रहा है। यह तालाब आज न तो अपनी पहचान बचा पा रहा है और न ही आसपास के लोगों के लिए किसी उपयोग का रह गया है।
बताया जाता है कि बढ़पुर मंदिर के पीछे स्थित इस तालाब के सुंदरीकरण को लेकर करीब दो वर्ष पूर्व एक मसौदा भी तैयार किया गया था। उस समय उम्मीद जगी थी कि जल्द ही तालाब का कायाकल्प होगा, किन्तु यह उम्मीद भी अन्य कई योजनाओं की तरह फाइलों में ही दबकर रह गई। स्थिति यह है कि आज तक न तो तालाब की विधिवत नाप हो सकी है और न ही इसके सुंदरीकरण का कोई अंतिम डिजाइन तैयार हो पाया है।
वर्तमान में तालाब की हालत दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। इसमें आसपास के नालों का गंदा पानी सीधे आकर भर रहा है, जिससे पूरे वर्ष जलभराव की स्थिति बनी रहती है। गंदे पानी और कचरे के कारण तालाब दुर्गंध का केंद्र बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंदगी के चलते मच्छरों और कीटों की भरमार हो गई है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना रहता है।
तालाब के किनारे बसे आवासों की परेशानी भी कम नहीं है। बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या और गंभीर हो जाती है। कई बार पानी घरों के अंदर तक घुस जाता है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद न तो तालाब की नियमित सफाई हो रही है और न ही किसी स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि विकास योजनाएं केवल कागजों में दौड़ रही हैं। बढ़पुर मंदिर तालाब का सुंदरीकरण भी उन्हीं योजनाओं में शामिल होकर अधर में लटका हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब दो साल बीत जाने के बाद भी नाप-जोख और डिजाइन तक तैयार नहीं हो सका, तो आखिर सुंदरीकरण कब होगा।
क्षेत्रवासियों की मांग है कि जिम्मेदार विभाग इस ओर गंभीरता से ध्यान दें और तालाब के सुंदरीकरण की प्रक्रिया को शीघ्र शुरू किया जाए। यदि समय रहते इस ओर कदम नहीं उठाए गए, तो यह तालाब न केवल बीमारियों का बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि आसपास के रहवासियों की समस्याएं भी और बढ़ती जाएंगी। अब देखना यह है कि बढ़पुर मंदिर के पीछे आंसू बहा रहा यह तालाब आखिर कब अच्छे दिनों का मुंह देख पाएगा।






