– पलभर में मलबे में बदलीं इमारतें
मनीला/यूथ इंडिया। फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में सोमवार सुबह आए 7.8 तीव्रता के भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। धरती इतनी जोर से कांपी कि बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं, सड़कें फट गईं और हजारों लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और कई लोग अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
भूकंप का केंद्र फिलीपींस के सारंगानी प्रांत के निकट समुद्र में बताया गया है। सबसे ज्यादा नुकसान जनरल सैंटोस सिटी और आसपास के इलाकों में हुआ है, जहां कई व्यावसायिक भवन, आवासीय मकान और सार्वजनिक संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। कई इमारतें पूरी तरह धराशायी हो गईं जबकि अनेक भवनों में बड़ी दरारें पड़ गई हैं।
आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अनुसार अब तक कम से कम 19 से 32 लोगों के मारे जाने और 130 से अधिक लोगों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
भूकंप के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। कई स्थानों पर बिजली और संचार सेवाएं बाधित हो गईं। स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुख्य झटके के बाद 200 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए हैं, जिनमें कई झटके 6 से अधिक तीव्रता के रहे। लगातार आ रहे झटकों के कारण राहत कार्यों में भी कठिनाई हो रही है।
भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया और प्रशांत क्षेत्र के कई हिस्सों में सुनामी अलर्ट जारी किया गया था। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए। बाद में खतरा कम होने पर कई क्षेत्रों से चेतावनी वापस ले ली गई।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को युद्धस्तर पर राहत कार्यों में लगाया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलीपींस प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित है, जहां भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां अक्सर होती रहती हैं। लेकिन इस बार आए भूकंप की तीव्रता और उससे हुई तबाही ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
मिंडानाओ से आ रही तस्वीरें भयावह हैं। कहीं स्कूलों की इमारतें ध्वस्त हैं, कहीं बाजारों में मलबे का ढेर लगा है और कहीं लोग अपने परिजनों की तलाश में अस्पतालों और राहत शिविरों के चक्कर लगा रहे हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें फिलीपींस पर टिकी हैं, जहां प्रकृति के इस प्रहार के बाद जीवन को फिर से पटरी पर लाने की चुनौती खड़ी हो गई है।


