अनुराग तिवारी
औरैया। अछल्दा विद्युत उपकेंद्र के केशमपुर सब स्टेशन से जुड़े गांव जुआ में पिछले दो दिनों से ट्रांसफार्मर फुंकने के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि शिकायत के बाद भी बिजली विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना विभाग को तुरंत दे दी गई थी, लेकिन 48 घंटे बीत जाने के बाद भी न तो कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचा और न ही ट्रांसफार्मर बदलने की पहल हुई। इससे विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांव में पानी की सप्लाई ठप है, मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं और रात में अंधेरे के कारण सुरक्षा की समस्या बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही अब बर्दाश्त के बाहर हो चुकी है। एक ओर जहां ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने हाल ही में सख्त चेतावनी देते हुए कहा था कि “अगर ट्रांसफार्मर फूंका तो अधिकारी भी फुकेंगे”, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। इससे यह साफ जाहिर होता है कि उच्च स्तर के निर्देशों का स्थानीय अधिकारियों पर कोई खास असर नहीं पड़ रहा।
अब सवाल यह उठता है कि क्या बिजली विभाग में जवाबदेही तय है? क्या ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है? और आखिर कब तक लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा?
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल, गांव जुआ की यह स्थिति बिजली विभाग की कार्यशैली और जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रही है।
2 दिन से अंधेरे में गांव, फूंका ट्रांसफार्मर नहीं बदला — बिजली विभाग पर उठे सवाल


