अयोध्या: अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग (Parikrama route) के चौड़ीकरण की जद में आए जनौरा नाका स्थित 11 मकानों पर जिला प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाए जाने के बाद अयोध्या (Ayodhya) में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस कार्रवाई के विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) पूरी तरह से पीड़ित परिवारों के समर्थन में उतर आई है। कार्रवाई की सूचना मिलते ही पूर्व सपा मंत्री पवन पांडे सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे।
उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात कर हाल-चाल जाना और उनकी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से फोन पर सीधी बातचीत कराई। अखिलेश यादव ने पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके बाद सपा सांसद अवधेश प्रसाद भी जनौरा नाका पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना कर पीड़ितों से बातचीत करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि चौड़ीकरण के नाम पर गरीबों व स्थानीय निवासियों के घर गिराना पूरी तरह से दमनकारी रवैया है। समाजवादी पार्टी इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। इतना नहीं अवधेश प्रसाद जनौरा नाका स्थित बुलडोजर कार्रवाई स्थल पर ही पीड़ितों के साथ धरने पर भी बैठे। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी।
बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित भाजपा नेता मुरारी यादव के पार्टी छोड़ने के सवाल पर सांसद ने स्पष्ट किया कि वह किसी को पार्टी छुड़ाने नहीं आए थे, बल्कि केवल संकट की घड़ी में पीड़ितों का दर्द बांटने पहुंचे थे। इतना ही नहीं सांसद ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच टीम ने बड़े लोगों को बचाने की मंशा से काम किया और केवल छोटे कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। उन्होंने कहा कि सपा इस मुद्दे पर भी लड़ाई जारी रखेगी।


