कर्नाटक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक में आयोजित एक विशाल जनसभा से कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए विपक्षी राजनीति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। पीएम मोदी ने कांग्रेस को “सत्ता की भूखी पार्टी” बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने राजनीतिक फायदे के लिए सहयोगियों तक को धोखा देने से पीछे नहीं हटती। उन्होंने तमिलनाडु की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने डीएमके जैसे पुराने साथियों के साथ भी विश्वासघात किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस की गारंटी और वादों को निशाने पर लेते हुए कहा कि “ये खुद भी झूठे हैं और इनकी गारंटियां भी झूठी हैं।” पीएम मोदी ने दावा किया कि देश की जनता अब कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है और लगातार भाजपा के विकास मॉडल पर भरोसा जता रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल चुनावी वादे करती है लेकिन जमीन पर जनता को कुछ नहीं मिलता।
महिलाओं के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस “नारी विरोधी सोच” वाली पार्टी है और महिलाओं के सम्मान तथा सुरक्षा के मामलों में उसका रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। पीएम मोदी ने मंच से कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हो चुकी हैं और कांग्रेस को उसके रवैये के लिए कभी माफ नहीं करेंगी। भाजपा नेताओं ने इसे महिला वोट बैंक को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश माना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के बीच भरोसा खत्म हो चुका है और हर दल केवल अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने में लगा है। पीएम मोदी के अनुसार कांग्रेस का इतिहास सहयोगियों का इस्तेमाल कर उन्हें कमजोर करने का रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब स्थिर और निर्णायक नेतृत्व चाहती है, इसलिए भाजपा को लगातार समर्थन मिल रहा है।
कर्नाटक में पीएम मोदी की रैली को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। सभा स्थल पर बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे और “मोदी-मोदी” तथा “भारत माता की जय” के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। भाजपा इस दौरे को दक्षिण भारत में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति का अहम हिस्सा मान रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनावों और कई राज्यों में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच भाजपा अब विपक्ष पर और ज्यादा आक्रामक रणनीति अपनाती दिखाई दे रही है। कर्नाटक से पीएम मोदी का यह हमला राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म देने वाला माना जा रहा है।


