लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद अपने एक विवादित बयान को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। एक ओर सरकार नशामुक्ति और जनजागरूकता की बात करती है, वहीं दूसरी ओर मंत्री के शराब को लेकर दिए गए तर्कों ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक बहस छेड़ दी है।
मीडिया से बातचीत के दौरान संजय निषाद ने कहा कि पहले लोग शरीर को ठंड से बचाने के लिए शराब का सेवन करते थे। उन्होंने यह भी कहा कि शराब पीने से शरीर ठंडा नहीं पड़ता और इसके कई फायदे हैं। मंत्री के इस बयान के सामने आते ही विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का नया मुद्दा मिल गया है।
एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री का इस तरह का बयान सरकार की नीतियों और जनस्वास्थ्य संबंधी संदेशों पर सवाल खड़े कर सकता है। सोशल मीडिया पर भी मंत्री के बयान की तीखी आलोचना हो रही है और लोग इसे गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी बता रहे हैं।
हालांकि संजय निषाद ने बातचीत के दौरान कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा छोटे दलों को कमजोर करने का काम करती रही है। वहीं राम मंदिर मामले में उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी और बिना तथ्यों के आरोप लगाना उचित नहीं है।


