कलेक्ट्रेट सभागार में अनुपम दुबे की शिक्षिका पत्नी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का किया सम्मान, जिलाधिकारी ने बजाई ताली
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। जीरा टॉलरेंस नीति का हथौडा बजने के बाद माफिया अनुपम दुबे की जिन पत्नी को जिला प्रशासन ने सेवा से वर्खास्त किया था वह आज बढ़े सम्मान के बाद प्रशासनिक मंच पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का मनोवल बढ़ा रहीं है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुए सम्मान समारोह की चर्चाएं अब सरे बाजार हैं।
माफिया अनुपम दुबे और उसके आपराधिक भाईयों पर शिकंजा कसने के दौरान जिला प्रशासन ने उसकी पत्नी मीनाक्षी दुबे जो कभी विद्यालय ही नही गई थी। उसे वर्खास्त कर दिया था। हांलाकि उच्च न्यायालय को उस वर्खास्तगी पर सवाल खड़े कर स्थगनादेश दे दिया था।
हाल ही में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुए शिक्षक सम्मान कार्यक्रम में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की मौजूदगी में खण्ड शिक्षा आधिकारी नगर इन्द्रपाल सिंह व बढ़पुर के सुरेश चन्द्र पाल के साथ मिलकर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को माफिया की उन्हीं वर्खास्त की गई पत्नी के हाथों सम्मानित कराया गया और मौके पर मौजूद जिलाधिकारी ताली बजा रहे थे।
इस पूरे आयोजन में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और परदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए क्योकि मीनाक्षी दुबे का कार्यकाल विवादों स ेघिरा रहा। वह लंबे समय तक स्कूल नहीं गईं थीं और माफिया की हनक के चलते उपस्थित रजिस्टर उनके घर भेजकर हस्ताक्षर करा लिए जाते थे।
उल्लेखनीय है कि मीनाक्षी दुबे पूर्व में एक वर्ष तक निलंबित तक भी रहीं। ऐसे में एक विवादित पृष्ठभूमि वाली शिक्षिका का कलेक्ट्रेट जेसे महत्वपूर्ण मंच पर आकर उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करना कई स्तरों पर सवाल खड़ा करता है। साथ ही जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अपने ही मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के समर्थन पर भी सवालिया निशान लगाता है।
इस पूरे मामले को शासन ने भी संज्ञान लिया है। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह पूरा प्रकरण मुख्यमंत्री के सामने भी रखा जायेगा।


