नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच आम उपभोक्ताओं को एक और झटका लग सकता है। आगामी जुलाई और अगस्त माह के दौरान दूध की कीमतों में 3 से 4 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
जानकारों के अनुसार पशु चारे, परिवहन और उत्पादन लागत में वृद्धि के कारण डेयरी कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ रहा है। इसी के चलते दूध के दामों में बढ़ोतरी की संभावना व्यक्त की जा रही है।
दूध की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम परिवारों के मासिक खर्च पर पड़ेगा। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और दूध पर आधारित उत्पादों का नियमित उपयोग करने वाले परिवारों को अधिक खर्च वहन करना पड़ सकता है। इसके अलावा दही, पनीर, घी, मिठाई और अन्य डेयरी उत्पादों के दामों पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उत्पादन लागत में कमी नहीं आई और मांग बनी रही तो प्रमुख डेयरी कंपनियां कीमतों में संशोधन कर सकती हैं। हालांकि अंतिम निर्णय संबंधित डेयरी संस्थाओं और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
महंगाई से पहले ही जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए दूध की संभावित मूल्य वृद्धि चिंता का विषय बन सकती है। फिलहाल बाजार और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोग आगामी महीनों में कीमतों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।


