नेपीडॉ। म्यांमार में चीन सीमा के निकट एक भीषण विस्फोट ने भारी तबाही मचा दी। विस्फोटकों से भरी एक इमारत में हुए शक्तिशाली धमाके में कम से कम 55 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 75 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार यह घटना म्यांमार के नामखाम टाउनशिप स्थित कौंगटुप गांव में हुई। प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया है कि खनन कार्यों में उपयोग किए जाने वाले विस्फोटक बड़ी मात्रा में एक भवन में रखे गए थे। किसी कारणवश हुए विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका इतना शक्तिशाली था कि कई किलोमीटर दूर तक उसकी आवाज सुनी गई। विस्फोट से आसपास के 100 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए और कई इमारतें पूरी तरह ढह गईं। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए स्थानीय बचाव दलों और स्वयंसेवकों को घंटों तक अभियान चलाना पड़ा।
घटना जिस क्षेत्र में हुई वह वर्तमान में टांग नेशनल लिबरेशन आर्मी (टीएनएलए) के प्रभाव वाले इलाके में आता है। यह सशस्त्र जातीय संगठन लंबे समय से म्यांमार की सैन्य सरकार के खिलाफ संघर्ष करता रहा है। क्षेत्र में सुरक्षा और प्रशासनिक नियंत्रण की जटिल परिस्थितियों के कारण राहत कार्यों में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है, क्योंकि कई घायल गंभीर अवस्था में हैं और कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर घायलों का उपचार किया जा रहा है।
म्यांमार में लंबे समय से जारी राजनीतिक अस्थिरता और सशस्त्र संघर्षों के बीच यह हादसा एक नई त्रासदी के रूप में सामने आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि विस्फोटकों के भंडारण और सुरक्षा मानकों की जांच इस घटना के बाद एक बड़ा मुद्दा बन सकती है।
प्रशासन और स्थानीय संगठनों ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घटना की जांच शुरू कर दी है। वहीं पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी अन्य दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।


