बरेली में बुधवार को तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। सुबह करीब आधे घंटे तक चली 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। तेज हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
सबसे चौंकाने वाली घटना भमोरा क्षेत्र के गांव बबियाना में सामने आई, जहां तेज आंधी में एक टिनशेड उड़ गया। उसे पकड़े खड़े नन्हें अंसारी भी हवा में उड़ गए और कुछ सेकंड बाद करीब 80 फीट दूर खेत में जा गिरे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने घटना की पुष्टि की है। घायल नन्हें अंसारी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनके हाथ में फ्रैक्चर पाया गया।
नन्हें अंसारी ने बताया कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि आंधी इतनी तेज होगी। उन्होंने बताया कि वह टिनशेड से बंधी रस्सी पकड़े हुए थे, तभी तेज हवा के कारण पूरा शेड उड़ गया और वह भी उसके साथ हवा में उठ गए। रस्सी छूटने के बाद वह खेत में जा गिरे। थाना पुलिस के अनुसार, घटना 13 मई को बरातघर परिसर में हुई थी।
आंधी के दौरान अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई। भमोरा क्षेत्र के हर्रामपुर गांव में सातवीं कक्षा की छात्रा देवकी आम के पेड़ के नीचे खड़ी थी, तभी तेज हवा से पेड़ गिर गया और उसकी दबकर मौत हो गई। वहीं गांव नितोई में 76 वर्षीय गोमती पर दीवार गिरने से उनकी जान चली गई। आंवला क्षेत्र के बेहटा जुनू गांव में लीपी नामक महिला की टिनशेड गिरने से मौत हो गई, जबकि जगतीरा गांव में घासीराम मकान की दीवार गिरने से मलबे में दब गए और उनकी मृत्यु हो गई।
तेज आंधी के कारण जिले के कई इलाकों में यातायात और बिजली व्यवस्था प्रभावित रही। रम्पुरा-अलीगंज मार्ग सहित कई सड़कों पर पेड़ गिरने से आवाजाही बाधित हुई। प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें देर रात तक राहत और बहाली कार्य में जुटी रहीं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


