– कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर की याचिका मूल वाद में दर्ज
प्रयागराज। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के खिलाफ भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोपों को लेकर दाखिल याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम आदेश जारी किया है। सनातन धर्म रक्षापीठ वृंदावन के पीठाधीश्वर एवं कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर द्वारा दायर याचिका को अब उच्च न्यायालय ने मूल वाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है।
बताया गया है कि यह याचिका पिछले करीब आठ महीनों से हाईकोर्ट में लंबित थी। कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने अपने अधिवक्ता सतेंद्र सिंह और सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रीना एन सिंह के माध्यम से याचिका दाखिल कर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
याचिका में आरोप है कि वृंदावन स्थित मानव सेवा संघ आश्रम की पुरानी संत कुटी पर हुए कथित अवैध कब्जे के मामले में चल रही विजिलेंस जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। कथावाचक का आरोप है कि जांच में दोषी पाए गए लोगों को बचाने के लिए मंत्री पद के प्रभाव का इस्तेमाल किया गया तथा भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया गया।
याचिका के अनुसार विजिलेंस जांच में कई अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई शुरू होने के बाद मामले को दबाने का प्रयास किया गया। कथावाचक ने आरोप लगाया कि केस वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाया गया और धमकियां दी गईं। यहां तक कि न्यायालय परिसर में उन पर जानलेवा हमला किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
इस मामले को लेकर पहले मथुरा की एमपी-एमएलए कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई थी, लेकिन क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए उसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। अब न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की अदालत ने 18 मई को याचिका को मूल वाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया, जिसकी औपचारिक प्रति 20 मई को जारी हुई। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को निर्धारित की गई है।
मामले ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। कथावाचक पक्ष का कहना है कि यह प्रकरण सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति पर सवाल खड़े कर रहा है, जबकि विपक्षी खेमे में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, मंत्री पक्ष की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


