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Sunday, June 28, 2026

राम मंदिर चढ़ावा गबन में बड़ा खुलासा, 50 से 100 गुना बढ़ी हैसियत

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अयोध्या/लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा गबन प्रकरण की जांच में एसआईटी को कई अहम तथ्य मिले हैं। जांच के दौरान सामने आया है कि मंदिर से जुड़े कुछ कर्मचारियों और पदाधिकारियों की आर्थिक स्थिति नौकरी मिलने के बाद 50 से 100 गुना तक बढ़ गई। इसी आधार पर एसआईटी ने उनकी संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और जीवनशैली की गहन जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कई आरोपियों के पास आय से अधिक संपत्ति मिलने के संकेत मिले हैं, जिससे गबन के आरोप और मजबूत होते दिखाई दे रहे हैं।

एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और वित्तीय दस्तावेजों को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। आरोप है कि चढ़ावे की रकम का दुरुपयोग कर कुछ लोगों ने जमीन, प्लॉट, भवन और अन्य संपत्तियां खरीदीं, जबकि उनकी घोषित आय इतनी नहीं थी कि वे इतने बड़े निवेश कर सकें। जांच एजेंसियां अब इन संपत्तियों के स्रोत की पड़ताल कर रही हैं।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि राम मंदिर प्रबंधन द्वारा नियुक्त किए गए कई कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन तक नहीं कराया गया था। सुरक्षा की दृष्टि से इसे गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए भर्ती प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की सिफारिश की है। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिनकी नियुक्ति बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के की गई।

एसआईटी के अनुसार चढ़ावा गबन का मामला उस समय उजागर हुआ, जब आरोपियों के बीच रकम के बंटवारे को लेकर विवाद पैदा हुआ। इसके बाद शिकायतें सामने आईं और जांच शुरू हुई। जांच में कुछ कर्मचारियों की जीवनशैली में अचानक आए बड़े बदलाव, महंगे धार्मिक आयोजनों और करोड़ों रुपये की संपत्तियों के दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। हालांकि अभी किसी को क्लीन चिट नहीं दी गई है और विस्तृत जांच जारी है। एसआईटी सुरक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और वित्तीय निगरानी तंत्र में बड़े बदलाव की सिफारिश करने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

मंदिर प्रशासन ने इस बीच स्पष्ट किया है कि दान में मिली चांदी की ईंटें, आभूषण और अन्य बहुमूल्य सामग्री सुरक्षित हैं तथा उनका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है। वहीं एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद इस पूरे प्रकरण में और बड़े खुलासे तथा प्रशासनिक कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

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