अमेठी। अमेठी के बेसिक शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के देयों और सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) की लगभग चार करोड़ रुपये की धनराशि के कथित गबन मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए चार जिलों के 14 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। छापों के दौरान जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, निवेश संबंधी रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरण मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच की टीमों ने अमेठी, लखनऊ, प्रतापगढ़ और कुशीनगर में आरोपियों के आवासों एवं अन्य ठिकानों की तलाशी ली। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के बाद दर्ज की गई सीबीआई एफआईआर के आधार पर की गई। जांच की निगरानी सीबीआई लखनऊ की डीआईजी शिवानी तिवारी के निर्देशन में की जा रही है, जबकि जांच अधिकारी रानू चौधरी के नेतृत्व में टीमें देर शाम तक दस्तावेजों और संपत्तियों की पड़ताल करती रहीं।
मामले में आरोप है कि बेसिक शिक्षा विभाग के जूनियर अकाउंटेंट मनोज कुमार मालवीय ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर सरकारी खजाने से करीब चार करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में गैरकानूनी तरीके से ट्रांसफर कराए। सीबीआई ने अपनी एफआईआर में मनोज कुमार मालवीय के अलावा ब्लॉक क्वालिटी कोऑर्डिनेटर अभिषेक सिंह, ब्लॉक एमआईएस कोऑर्डिनेटर शिवम कुमार पांडेय, हेडमास्टर श्रवण कुमार द्विवेदी और सहायक शिक्षक शैलेश चंद्र शुक्ला को भी नामजद किया है।
जांच एजेंसी ने लखनऊ के चिनहट स्थित मनोज मालवीय के आवास सहित कई ठिकानों पर छापेमारी की। वहीं अयोध्या, अमेठी और अन्य जिलों में भी आरोपियों की संपत्तियों की जांच की गई। सूत्रों के अनुसार छापों के दौरान कई आरोपियों के आलीशान मकान, महंगे निवेश और संपत्तियों का पता चला, जिन्हें देखकर जांच अधिकारी भी हैरान रह गए। प्रारंभिक जांच में गबन की रकम को संपत्तियों और अन्य निवेश माध्यमों में लगाने के संकेत मिले हैं।


