प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान मंगलवार को हिंसा की घटना सामने आई। आंदोलनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि धरना स्थल पर कुछ लोगों ने पहुंचकर जबरन पिकअप वाहन हटाने और धरना समाप्त कराने का प्रयास किया। विरोध करने पर छात्रों के साथ मारपीट की गई, जिसमें कई छात्र घायल हो गए।
आंदोलनकारी छात्रों का दावा है कि घायलों में बड़ी संख्या दलित छात्रों की है, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। छात्रों ने आरोप लगाया कि यह हमला विश्वविद्यालय के कुलानुशासक डॉ. अतुल नारायण तथा असिस्टेंट प्रोफेसर पवन शर्मा के संरक्षण में कराया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
छात्र नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों पर संवाद करने के बजाय निलंबन, मुकदमे और दमनात्मक कार्रवाई का रास्ता अपना रहा है, जिससे परिसर का लोकतांत्रिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
छात्र नेता आशुतोष मौर्या ने मांग की कि,घटना की न्यायिक अथवा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।सभी घायल छात्रों को तत्काल समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। हमले में शामिल दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।आंदोलनकारी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। छात्रों की मांगों पर तत्काल वार्ता कर समाधान निकाला जाए तथा दमनात्मक कार्रवाई बंद की जाए।


