हर जिले में लगेंगे सहायक उपकरण शिविर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए दिव्यांगजनों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। मुख्यमंत्री ने मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजनों के लिए संचालित आश्रय गृह सह प्रशिक्षण केंद्रों और ‘हाफ वे होम’ में रहने वाले संवासियों के भरण-पोषण हेतु प्रति व्यक्ति मासिक अनुदान राशि ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 करने की घोषणा की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रय गृहों में रहने वाले मानसिक मंदित एवं निराश्रित दिव्यांगजन पूरी तरह संस्थागत देखभाल पर निर्भर होते हैं। ऐसे में उन्हें पौष्टिक भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आश्रय गृहों में गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में नियमित रूप से दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र लाभार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र सहित अन्य सहायक उपकरण समय पर उपलब्ध कराए जा सकें।
उन्होंने श्रवण बाधित बच्चों की शीघ्र पहचान कर उनका समयबद्ध कॉक्लियर इम्प्लांट कराने तथा उपचार के बाद समुचित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। साथ ही विशेष विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता, आधुनिक सुविधाएं और बाधारहित वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराना है। इसके लिए सामाजिक, आर्थिक, चिकित्सकीय, भौतिक और शैक्षिक पुनर्वास से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।


