– एआई आधारित चश्मे को भारत सरकार का पेटेंट
– दृष्टिहीन दिव्यांगों के लिए विकसित किया स्मार्ट चश्मा
– पेटेंट के बाद बाजार में उपलब्ध कराने की तैयारी
लखीमपुर खीरी। जिले के बेहजम विकासखंड के गौरिया गांव निवासी युवा वैज्ञानिक मुनीर खान ने तकनीकी क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दृष्टिहीन दिव्यांगों की सहायता के लिए उनके द्वारा विकसित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित चश्मे को भारत सरकार की ओर से पेटेंट प्रदान किया गया है।
मुनीर खान ने ऐसा स्मार्ट चश्मा तैयार किया है, जिसका उद्देश्य दृष्टिहीन लोगों को आसपास की वस्तुओं और परिस्थितियों को समझने में मदद करना है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक पर आधारित यह चश्मा दृष्टिहीन दिव्यांगों के लिए उपयोगी सहायक उपकरण के रूप में विकसित किया गया है।
चश्मे का पेटेंट पंजीकरण होने के बाद अब इसे बाजार में उपलब्ध कराने की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे जरूरतमंद दृष्टिहीन दिव्यांगों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से अधिक आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
गौरिया जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर मुनीर खान ने अपनी वैज्ञानिक सोच और तकनीकी नवाचार के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। उनके आविष्कार को भारत सरकार से पेटेंट मिलना न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे लखीमपुर खीरी के लिए गौरव की बात है।
लखीमपुर के युवा वैज्ञानिक मुनीर खान की बड़ी उपलब्धि


