नागपुर: आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र (Maharashtra) में हथियारों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में वर्धा के 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार (arrests) किया गया और उसके पास से दो पिस्तौल, चार मैगज़ीन और 94 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शुभम पवार (22) के रूप में हुई है। उसके दो साथी रूपेश शिंदे और रोहेल शिंदे फरार हैं।
बुलढाणा जिले के रायपुर पुलिस स्टेशन में प्रभारी अधिकारी नीलेश लाल सिंह द्वारा विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के अनुसार, एटीएस आगे की जांच कर रही है, जिसमें अन्य दो आरोपियों रूपेश और रोहेल के आवासों पर छापेमारी भी शामिल है। एटीएस ने पवार का आईफोन 16 प्रो मैक्स मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
एटीएस ने पवार के खिलाफ शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 3, 5, 7 और 25 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 135(iii) के तहत मामला दर्ज किया है। एटीएस अब आरोपी और उसके नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है, जिसमें संभवतः और भी लोग शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पवार और उसके कुछ साथी मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र में बड़ी मात्रा में हथियारों की तस्करी कर रहे थे। यह पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई है कि क्या ये हथियार राज्य के भीतर आपराधिक गतिविधियों के लिए आपूर्ति किए जाने थे, या किसी बड़ी साजिश के तहत इस्तेमाल किए जाने थे।
बुलढाणा जिले के रायपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के अनुसार, “पुलिसकर्मी अनंत साहेबराव कलमकर ने एटीएस इंस्पेक्टर किशोर कुमार राजपूत को प्रभारी अधिकारी नीलेश सालुंके के साथ विश्वसनीय खुफिया जानकारी साझा करते हुए सुना कि शुभम पवार रविवार (17 मई) की आधी रात को बुलढाणा जिले के अत्री कोली गांव में एक रिश्तेदार के घर पर था।” एफआईआर में यह भी कहा गया है, “उसके पास एक पिस्तौल और जिंदा कारतूस थे।”
सूचना तुरंत जांच दल को दी गई, जिसे कार्रवाई के लिए भेजा गया। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, अकोला पुलिस, एटीएस और नागपुर पुलिस की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाया और समृद्धि एक्सप्रेसवे के पास जाल बिछाया। पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही रोहेल और रूपेश भाग गए। इसके बाद पुलिस शुभम पवार के रिश्तेदार दीपक शिंदे के घर पहुंची। यह अभियान 19-20 मई की मध्यरात्रि लगभग 1 से 1:30 बजे के बीच चलाया गया।
एफआईआर में कहा गया है कि टीमें अपने वाहन छोड़कर चुपके से शिंदे के घर गईं। एफआईआर में लिखा है, जब हम घर पहुंचे, तो दरवाजे पर एक महिला खड़ी थी। उसने बताया कि वह सुनीता शिंदे है। हमने उससे पूछा कि क्या शुभम घर पर है। उसने गोलमोल जवाब दिया। जब हम उससे पूछताछ कर रहे थे, तभी एक युवक अंदर आया, हमसे पूछा कि हम क्या चाहते हैं और फिर बताया कि वह शुभम है।
पुलिस ने तुरंत आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया और उसकी कार (पंजीकरण संख्या: MH 20 DJ 8687) जब्त कर ली और अब तक पवार के कब्जे से बरामद 10 आग्नेयास्त्र और 400 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं, जिसमें दो पिस्तौल, चार मैगजीन और 94 जिंदा कारतूस शामिल हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि पवार और उसके साथियों ने जलगांव से सटे इलाके में मध्य प्रदेश से गुप्त मार्ग से महाराष्ट्र में प्रवेश करने की योजना बनाई थी। मिली सूचनाओं से यह भी पता चला कि आरोपी इस क्षेत्र में अवैध रूप से हथियार बेचने की योजना बना रहे थे। एटीएस ने तकनीकी खुफिया जानकारी और अपने स्थानीय खुफिया नेटवर्क की मदद से पवार का पता लगाया। इसके बाद, सोमवार (18 मई) की दोपहर को नागपुर और अकोला एटीएस की टीमों ने संयुक्त रूप से पिंपरी कोली पर छापा मारा।


