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Wednesday, May 20, 2026

पीडीए आरक्षण की ‘लूट’ पर अखिलेश यादव का हमला, बोले- “आरक्षण भिक्षा नहीं, अधिकार है”

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लखनऊ।अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा सरकार पर आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने और संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया। पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मुद्दे को केंद्र में रखते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अगर संविधान में दिए गए अधिकारों को लागू कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़े, तो यह सरकार की पक्षपातपूर्ण मानसिकता को दर्शाता है।

अखिलेश यादव ने कहा कि देश में सदियों से सामाजिक असमानता की लड़ाई चल रही है। उनके अनुसार, “पिछले पांच हजार वर्षों से समाज दो हिस्सों में बंटा रहा है—एक तरफ वर्चस्ववादी लोग और दूसरी तरफ वंचित समाज। जुमले वाली सरकार आने के बाद जो लोग पहले अंडरग्राउंड थे, वे अब ओवरग्राउंड होकर संविधान और आरक्षण पर हमला कर रहे हैं।”

प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने भाजपा पर “आरक्षण की खुली डकैती” का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार सीधे तरीके से आरक्षण खत्म नहीं कर पा रही है, इसलिए दूसरे रास्तों से उसे निष्प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा को “ऐसा अंपायर” बताया जो गैरबराबरी की लड़ाई को बेइमानी से जिताने का प्रयास कर रहा है।

69 हजार शिक्षक भर्ती का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि वर्ष 2019 की भर्ती प्रक्रिया में संवैधानिक आरक्षण का खुला उल्लंघन हुआ। उन्होंने कहा कि जहां पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए था, वहां केवल 3.86 प्रतिशत ही दिया गया। उनके अनुसार, “23.14 प्रतिशत की जो कटौती हुई, वही असली लूट है।”

सपा अध्यक्ष ने सरकार पर आंकड़े छिपाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह “डेटा लूट और डेटा छिपाने वाली सरकार” है, जो सामाजिक न्याय के वास्तविक आंकड़ों को सामने नहीं आने देना चाहती।

राजनीतिक समीकरणों पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और पीडीए का जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है, जबकि भाजपा का ग्राफ नीचे जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब सामाजिक न्याय और संविधान बचाने की लड़ाई को समझ चुकी है।

अखिलेश यादव ने यह भी ऐलान किया कि यदि समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो पहले 90 दिनों के भीतर 69 हजार शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों को न्याय दिलाया जाएगा और जातीय जनगणना कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और पीडीए समाज अपने अधिकारों के लिए पूरी मजबूती से खड़ा है।

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