क्रासर
एक कमरे से दूसरे कमरे भेजते रहे कर्मचारी, ‘संसद का खास आदमी’ बताकर अभद्रता का आरोप
फर्रुखाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल एक बार फिर अपनी अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे एक मरीज को घंटों तक इधर-उधर भटकाए जाने और डॉक्टर के कक्ष में अनुपस्थित रहने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि न केवल उसे सही इलाज नहीं मिला, बल्कि कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार भी किया गया।
जानकारी के अनुसार, मरीज ने अस्पताल पहुंचकर सबसे पहले पर्चा बनवाया, जिसके बाद उसे कमरा नंबर 2 में डॉक्टर को दिखाने के लिए भेजा गया। लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टर की कुर्सी खाली मिली। काफी देर इंतजार के बाद जब मरीज ने जानकारी ली, तो उसे कमरा नंबर 3 में जाने को कहा गया। यहां भी उसे राहत नहीं मिली और उसे फिर कमरा नंबर 8 की ओर भेज दिया गया।
पीड़ित का आरोप है कि कमरा नंबर 8 में मौजूद व्यक्ति ने उसकी समस्या सुनने के बजाय उसे बाहर जाने के लिए कह दिया। जब मरीज ने यह जानने की कोशिश की कि आखिर उसे किस डॉक्टर को दिखाना चाहिए, तो वहां मौजूद व्यक्ति ने कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया।
मरीज का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने खुद को “सांसद का खास आदमी” बताते हुए धौंस जमाने की कोशिश की और कहा कि “मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता।” इतना ही नहीं, पीड़ित के मुताबिक उसे धमकी भरे लहजे में बात कर करीब दो से तीन घंटे तक अस्पताल में भटकाया जाता रहा।
अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और तीमारदारों ने भी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में अक्सर डॉक्टर अपने कक्षों में मौजूद नहीं रहते, जिससे मरीजों को सही दिशा-निर्देश नहीं मिल पाते। कई बार मरीजों को एक कमरे से दूसरे कमरे में भेजा जाता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्था में इस तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सके।
लोहिया अस्पताल में अव्यवस्थाओं की पोल: मरीज को घंटों भटकाया, डॉक्टर कक्ष से नदारद


