फर्रुखाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल एक बार फिर अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला अस्पताल की तीसरी मंजिल पर संचालित एनआरसी (न्यूट्रिशनल रिहैबिलिटेशन सेंटर) वार्ड से जुड़ा है, जहां एक्सपायरी डेट की दवाएं रखी मिलने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, एनआरसी वार्ड में निरीक्षण के दौरान ऐसी दवाएं पाई गईं जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। नियमों के मुताबिक एक्सपायरी दवाओं को स्टोर करना और मरीजों के आसपास रखना पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे मरीजों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है।
इस संबंध में जब एनआरसी वार्ड के इंचार्ज डॉ. विवेक सक्सेना से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एक्सपायरी दवाओं को समय-समय पर हटवा दिया जाता है। उनका कहना था कि कई बार स्टोर से अधिक मात्रा में दवाएं आ जाती हैं, जिससे कुछ दवाएं उपयोग से पहले ही एक्सपायर हो जाती हैं।
हालांकि, डॉक्टर का यह बयान खुद ही व्यवस्थाओं की कमी और लापरवाही की ओर इशारा करता है। सवाल यह उठता है कि जब दवाओं का सही प्रबंधन नहीं हो पा रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या मरीजों की सुरक्षा के साथ इस तरह का जोखिम उठाया जाना उचित है?
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने इस मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
एनआरसी वार्ड में मिली एक्सपायरी दवाएं, अस्पताल प्रशासन पर उठे सवाल


