– एफबीआई के ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ में 50 से अधिक ठिकानों पर छापे
– 20 से ज्यादा गैंगस्टर गिरफ्तार
वॉशिंगटन/नई दिल्ली। भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ अमेरिका ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए व्यापक अभियान ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ चलाया है। इस संयुक्त अभियान में अमेरिका की एफबीआई समेत कई अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप के विभिन्न देशों में एक साथ 50 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान लॉरेंस गैंग से जुड़े 20 से अधिक संदिग्ध अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह अभियान लंबे समय से चल रही गुप्त निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर संचालित किया गया। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, मादक पदार्थ, नकदी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि गैंग का नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि उत्तर अमेरिका और यूरोप के कई देशों में भी सक्रिय होकर रंगदारी, हथियारों की तस्करी, मादक पदार्थों के कारोबार, धन शोधन और हिंसक अपराधों को अंजाम दे रहा था।
एफबीआई अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन हार्ड बॉल का उद्देश्य संगठित अंतरराष्ट्रीय अपराध के उस नेटवर्क को तोड़ना है, जो कई देशों में फैले आपराधिक गिरोहों के साथ मिलकर काम कर रहा था। इस अभियान में अमेरिकी एजेंसियों के अलावा कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जांच के दौरान अमेरिकी अभियोजकों ने लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगियों पर कनाडा में वर्ष 2023 में हुई एक हाई-प्रोफाइल हत्या की साजिश समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं तथा कई देशों में नए छापे पड़ सकते हैं।
गौरतलब है कि कनाडा सरकार पहले ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुकी है। इसके बाद अमेरिका की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस गिरोह के खिलाफ सबसे बड़े अभियानों में शामिल मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से लॉरेंस बिश्नोई गैंग की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है और उसके आर्थिक नेटवर्क पर भी गहरा असर पड़ेगा।


