लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू ) के पीछे बनी करीब 350 झोपड़ियों पर अब प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है। नगर निगम ने इन बस्तियों की स्थिति, भूमि स्वामित्व और अतिक्रमण संबंधी तथ्यों की जांच के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, 19 जून को गठित टीम मौके पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण करेगी और यह आकलन करेगी कि झोपड़ियां किस भूमि पर बनी हैं तथा वहां की वास्तविक स्थिति क्या है। निरीक्षण के बाद समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
समिति में नगर निगम, लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (एलडीए ) और संपत्ति विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिसमें अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है।
मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि इन लगभग 350 झोपड़ियों में सैकड़ों गरीब परिवार वर्षों से रह रहे हैं। यदि हटाने की कार्रवाई होती है तो बड़ी संख्या में लोगों के सामने आवास और रोज़गार का संकट खड़ा हो सकता है। यही कारण है कि इस मुद्दे पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों की भी नजर बनी हुई है।
प्रशासन का कहना है कि फिलहाल केवल तथ्य जुटाने और स्थिति का मूल्यांकन करने की प्रक्रिया चल रही है। अंतिम निर्णय समिति की रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा। वहीं झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों के बीच संभावित कार्रवाई को लेकर चिंता और असमंजस का माहौल है।


