कमालगंज संवाददाता: कस्बा कमालगंज में अतिक्रमण के कारण जाम बड़ी समस्या बन गया है। मुख्य मार्ग बुलबुल कोल्ड से पीएनबी और हनुमान मंदिर से रेलवे तिराहा तक दोनों तरफ ठेले, ई-रिक्शा और टेंपो का कब्जा है। फुटपाथ घिरा है, सड़क आधी रह गई है।
यह मार्ग कानपुर-फतेहगढ़ सहित लखनऊ एक्सप्रेस वे को जोड़ता है, इसलिए दिनभर बड़ी गाड़ियां, बस, ट्रक और छोटी गाड़ियां इसी संकरे रास्ते से गुजरती हैं और घंटों जाम में फंसती हैं। कई बार तो एंबुलेंस भी इसी जाम में फंसी रहती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि हनुमान मंदिर तिराहे के पास सड़क किनारे कुछ जगहों पर पोल व जंजीर बांधकर निजी पार्किंग बना ली गई है, जहां आम नागरिक वाहन खड़ा नहीं कर सकता। वहीं रेलवे स्टेशन की पार्किंग में भी ठेले-खोखे लगे हैं, जिससे यात्रियों को दिक्कत होती है।
कुछ समय पहले नाले पर हुए अतिक्रमण पर बुलडोजर चला था, जिसकी सराहना हुई थी, लेकिन अब फिर से उसी जगह कब्जे हो गए हैं।
लोगों का कहना है कि गुड़गांव की तर्ज पर सब्जी मंडी या किसी अन्य जगह वेंडर जोन बनाकर ठेलों को शिफ्ट किया जाए तो सड़क जाम मुक्त हो सकती है और रोजगार भी नहीं छिनेगा।
अब बड़ा सवाल यही है कि नगर पंचायत प्रशासन संयुक्त सर्वे कर अतिक्रमण कब हटाएगा? ई-रिक्शा-टेंपो के लिए तय स्टॉपेज और सड़क किनारे जंजीरों वाले निजी कब्जे कब हटेंगे? कमालगंज कस्बा आखिर कब अतिक्रमण मुक्त होगा?


