फतेहपुर। लापता किशोरी के मामले में पुलिस अधीक्षक को न्यायालय द्वारा तलब किए जाने के बाद जाफरगंज थाना पुलिस बीते कई दिनों से भारी दबाव और तनाव में थी। तय तारीख से पहले किशोरी की बरामदगी के लिए पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी। लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार पुलिस को सफलता मिली, जिससे पूरे थाने ने राहत की सांस ली।
बताया जाता है कि किशोरी की तलाश में पुलिस ने हर संभव प्रयास किए। सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम एक ज्योतिषी के पास भी पहुंची, जहां से जल्द किशोरी की बरामदगी होने की बात कही गई। इसी बीच किशोरी की तलाश में साथ-साथ घूम रहे गांव के एक युवक को दोबारा हिरासत में लेकर जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।
पुलिस ने आरोपी युवक की निशानदेही पर किशोरी को हमीरपुर से सकुशल बरामद कर लिया। किशोरी के मिलने के बाद थाना पुलिस ने राहत महसूस की और इस सफलता के उपलक्ष्य में मंदिर में पूजा-अर्चना कर लड्डू का वितरण किया गया।
गौरतलब है कि जाफरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी 13 जनवरी को अचानक लापता हो गई थी। अगले दिन परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर गांव के ही एक युवक से पूछताछ की थी, लेकिन उस समय कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। उल्टे वह युवक पुलिस के साथ मिलकर किशोरी की तलाश में सहयोग करता नजर आ रहा था।
कॉल डिटेल सामने आने के बाद किशोरी के परिजन लगातार युवक पर ही संदेह जता रहे थे। कार्रवाई न होने पर परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन संतोषजनक कार्रवाई न होने के चलते उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर थानेदार समेत पुलिस को पक्षकार बनाया था। कोर्ट ने 16 फरवरी को पुलिस अधीक्षक को तलब किया था।
एसपी को तलब किए जाने के बाद थाना पुलिस की सक्रियता बढ़ गई। पुलिस ने करीब एक दर्जन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद कॉल डिटेल वाले युवक को दोबारा हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई, जिसमें वह टूट गया और सच्चाई सामने आ गई।
थानाध्यक्ष धनंजय स्वीकार ने बताया कि एसपी को तलब किए जाने के बाद पुलिस पर काफी दबाव था। किशोरी की सकुशल बरामदगी से बड़ी राहत मिली है। इसी खुशी में मंदिर में अपने आराध्य की पूजा कर लड्डू का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि किशोरी का चिकित्सकीय परीक्षण कराकर अदालत में पेश किया गया, जहां उसके बयान दर्ज कराए गए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, लापता किशोरी और आरोपी युवक के बीच दोस्ती थी। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन किशोरी की उम्र आड़े आ रही थी। इसी कारण युवक ने योजना बनाकर किशोरी को अपने परिचितों के यहां भेज दिया और खुद पुलिस के साथ मिलकर उसकी तलाश में सहयोग करने का नाटक करता रहा। उसका मानना था कि तीन माह बाद किशोरी बालिग हो जाएगी, जिससे शादी का रास्ता साफ हो जाएगा।
बताया जा रहा है कि किशोरी ने पुलिस को दिए बयान में अपनी मर्जी से जाने की बात कही है।


