नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की क्राइम ब्रांच ने Delhi-NCR में नशे का कारोबार चला रहे एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट (International drug syndicate) का पर्दाफाश करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो नाइजीरियाई नागरिक, एक घाना का नागरिक और 2 भारतीय शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर 2.554 किलोग्राम हेरोइन तथा 881 ग्राम एमडीएमए (MDMA) बरामद की गई है। बरामद मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था। नेटवर्क की कड़ियां विदेशी सप्लायरों से जुड़ी हुई थीं, जबकि दिल्ली-एनसीआर में ड्रग्स की सप्लाई स्थानीय पेडलरों और वितरकों के जरिए की जाती थी। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और राजधानी क्षेत्र में नशे के कारोबार को संचालित कर रहा था। पुलिस के अनुसार, क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि मोरिस ओकाली दिल्ली-एनसीआर में हेरोइन और एमडीएमए की सप्लाई करता है। सूचना में बताया गया था कि वह 19 और 20 जुलाई की दरम्यानी रात शाहदरा स्थित एक अस्पताल के पास ड्रग्स की खेप पहुंचाने आने वाला है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अस्पताल के आसपास घेराबंदी कर निगरानी शुरू कर दी। कुछ समय बाद कंधे पर काला बैग लेकर पहुंचे संदिग्ध व्यक्ति को पुलिस ने रोककर पूछताछ की। पहचान होने पर उसे हिरासत में लेकर बैग की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बैग से चार पॉलीथिन पैकेट बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, इनमें 2.004 किलोग्राम हेरोइन और 863 ग्राम एमडीएमए छिपाकर रखी गई थी। बरामद दोनों मादक पदार्थ कमर्शियल क्वांटिटी की श्रेणी में आते हैं, जिसके चलते आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा नाइजीरियाई नागरिक मोरिस ओकाली की गिरफ्तारी के बाद अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े दो और विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच के अनुसार, मोरिस से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर पश्चिमी दिल्ली के चंदर विहार, निलोठी इलाके में छापेमारी की गई। यहां से इमैनुएल और इबेग्बू चिगोजी सैमुअल को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान चिगोजी सैमुअल के कब्जे से 254 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जबकि इमैनुएल के पास से 14 ग्राम एमडीएमए (MDMA) मिली। बरामद मादक पदार्थों को जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया है कि दोनों विदेशी नागरिक दिल्ली में सक्रिय एक संगठित ड्रग नेटवर्क का हिस्सा थे। पुलिस का कहना है कि ये आरोपी विदेशी स्रोतों से आने वाली नशीले पदार्थों की खेप को स्थानीय स्तर पर वितरित करने और आगे सप्लाई करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।
पुलिस के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर समीर उर्फ नन्हे और लेडी नामक दो भारतीय आरोपियों की भूमिका सामने आई। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने समीर को शालीमार गार्डन से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 300 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। वहीं महिला आरोपी लेडी को पश्चिम विहार इलाके से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और जांच में पता चला कि दोनों आरोपी विदेशी नागरिकों के सीधे संपर्क में थे और दिल्ली-एनसीआर में ड्रग्स की सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा थे।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक यह कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं था, बल्कि एक संगठित और सुव्यवस्थित ड्रग नेटवर्क था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विदेशी नागरिक नशीले पदार्थों की व्यवस्था, भंडारण और नेटवर्क संचालन से जुड़े थे, जबकि भारतीय आरोपी ड्रग्स को स्थानीय पेडलरों और ग्राहकों तक पहुंचाने का काम करते थे। पुलिस का कहना है कि ड्रग्स की खेप पहले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचती थी और फिर इसे विभिन्न इलाकों में वितरित किया जाता था। इस पूरी सप्लाई चेन में विदेशी और भारतीय दोनों तरह के आरोपी शामिल थे। अब तक की कार्रवाई में पुलिस 2.554 किलोग्राम हेरोइन और 881 ग्राम एमडीएमए (MDMA) बरामद कर चुकी है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है।


