कन्नौज। इत्र नगरी कन्नौज की राजनीति और सामाजिक हलकों में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव और उनके भाई वीरपाल सिंह उर्फ नीलू यादव को आखिरकार गैंगस्टर एक्ट के मामले में अदालत से बड़ी सजा मिली है। विशेष न्यायालय (गैंगस्टर एक्ट) ने शुक्रवार को दोनों भाइयों को आठ-आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई, जबकि उनकी सहयोगी पूजा तोमर को छह वर्ष की कैद का दंड दिया गया। अदालत ने तीनों दोषियों पर 10-10 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कन्नौज और आसपास के इलाकों में नवाब सिंह यादव की अच्छी-खासी लोकप्रियता और जमीनी पकड़ मानी जाती रही है। क्षेत्रीय राजनीति में उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रहा और समर्थकों के बीच वह एक मजबूत स्थानीय चेहरे के रूप में पहचाने जाते थे। हालांकि, समय के साथ उन पर दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों ने उनके राजनीतिक और सामाजिक रसूख पर सवाल खड़े कर दिए।
मामले ने उस समय बड़ा मोड़ लिया जब नवाब सिंह यादव पर एक किशोरी से दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगे। इसके बाद पुलिस ने उनके पूरे आपराधिक नेटवर्क की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि नवाब सिंह के खिलाफ कुल 32 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि उनके भाई नीलू यादव पर 27 मुकदमे पाए गए। वहीं सहयोगी पूजा तोमर के खिलाफ भी पांच आपराधिक मामले दर्ज मिले।
तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक आलोक दुबे ने पूरे मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की ओर से अदालत में मजबूत पैरवी, साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए गए, जिसके आधार पर अदालत ने तीनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
फिलहाल नवाब सिंह यादव बांदा जेल, नीलू यादव कौशांबी जेल और पूजा तोमर कन्नौज जिला जेल में बंद हैं। अदालत के इस फैसले को कन्नौज में अपराध और रसूख की राजनीति पर बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। साथ ही यह फैसला उन लोगों के लिए भी एक संदेश माना जा रहा है कि कानून के सामने किसी का प्रभाव स्थायी नहीं होता।


