एक सप्ताह में 44.90 अरब डॉलर की जोरदार बढ़ोतरी, आरबीआई के आंकड़ों में सामने आई बड़ी छलांग
नई दिल्ली। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 4 सितंबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 44.90 अरब डॉलर बढ़कर 785.71 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
विदेशी मुद्रा भंडार में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। देश के लिए बढ़ता विदेशी मुद्रा भंडार बाहरी आर्थिक चुनौतियों से निपटने की क्षमता को मजबूत करता है और आयात भुगतान तथा विदेशी मुद्रा संबंधी जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच उपलब्ध कराता है।
इससे पहले समाप्त सप्ताह में भी भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 11.47 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी और यह बढ़कर 740.80 अरब डॉलर पहुंच गया था। इसके बाद अगले सप्ताह आई 44.90 अरब डॉलर की वृद्धि ने भंडार को सीधे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया।
लगातार दो सप्ताह में हुई इस बढ़ोतरी को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार में पर्याप्त मजबूती रहने से देश को वैश्विक बाजारों में अचानक आने वाले दबावों का सामना करने में मदद मिलती है।
विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, सोना, विशेष आहरण अधिकार और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास भारत की आरक्षित स्थिति जैसे घटक शामिल होते हैं। इसका पर्याप्त स्तर देश की बाहरी वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार यह भी दर्शाता है कि भारत के पास अंतरराष्ट्रीय भुगतान दायित्वों और संभावित बाहरी आर्थिक झटकों से निपटने के लिए मजबूत संसाधन मौजूद हैं। हालांकि, वैश्विक बाजारों में आगे होने वाले बदलाव, पूंजी प्रवाह और रुपये की स्थिति पर भी नजर बनी रहेगी।


